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पंजाब के सरकारी स्कूलों में खेलों की अनदेखी का आरोप, DTF ने बजट और खेल शिक्षकों की कमी पर सरकार को घेरा
डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट का दावा—अलग खेल बजट नहीं, शिक्षकों के रिक्त पद और सीमित फंडिंग से प्रभावित हो रही खेल गतिविधियां।
डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) ने पंजाब के सरकारी स्कूलों में खेलों की लगातार उपेक्षा का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि अलग खेल बजट की कमी, खेल शिक्षकों के रिक्त पद और अपर्याप्त वित्तीय सहायता के कारण स्कूल स्तर पर खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और उभरती प्रतिभाओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सरकारी स्कूलों में खेलों की स्थिति पर DTF ने उठाए सवाल, अलग बजट की मांग तेज
पंजाब में डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) ने सरकारी स्कूलों में खेल गतिविधियों की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। संगठन का आरोप है कि स्कूल खेलों के लिए अलग बजट का अभाव, लंबे समय से खाली पड़े पद और सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन प्रभावित हो रहा है, जिससे युवा खिलाड़ियों के विकास पर भी असर पड़ रहा है।
DTF ने राज्य सरकार से स्कूल खेलों के लिए अलग बजट निर्धारित करने और रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की है।
H2: अलग खेल बजट नहीं होने से बढ़ रही मुश्किलें
DTF के राज्य अध्यक्ष विक्रम देव सिंह और महासचिव मोहिंदर कौरियांवाली ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल खेलों के लिए अलग से कोई बजट निर्धारित नहीं किया जाता।उन्होंने बताया कि शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों से खेल शुल्क नहीं लिया जा सकता। ऐसे में स्कूल खेलों का खर्च मुख्य रूप से कक्षा 9 से 12 के छात्रों से एकत्र किए जाने वाले खेल फंड पर निर्भर रहता है।
H2: निजी स्कूलों से खेल फंड जमा न होने का भी दावा
संगठन का कहना है कि एक न्यायालय में मामला लंबित होने के कारण कई निजी स्कूल खेल फंड जमा नहीं कर रहे हैं।
DTF का दावा है कि इससे सरकारी स्तर पर स्कूल खेलों के लिए उपलब्ध संसाधनों में और कमी आई है। संगठन ने सरकार से इस वित्तीय कमी को पूरा करने के लिए अलग बजट उपलब्ध कराने की मांग की है।
H2: प्रतियोगिताओं के लिए मिलने वाली राशि को बताया अपर्याप्त
DTF के अनुसार, कक्षा 9 से 12 के छात्रों से एकत्र किए जाने वाले खेल फंड का केवल 15 प्रतिशत हिस्सा प्राथमिक स्तर के खेलों के लिए निर्धारित है।
संगठन के मुताबिक वर्तमान में विभाग की ओर से—
- केंद्र स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए ₹2,000
- ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए ₹5,000
- जिला स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए ₹20,000
दिए जाते हैं, जो खेल आयोजनों के लिए पर्याप्त नहीं हैं। संगठन का दावा है कि कई स्थानों पर शिक्षकों को स्वयं आर्थिक योगदान देकर प्रतियोगिताएं आयोजित करनी पड़ती हैं।
H2: 'खेडां वतन पंजाब दियां' और स्कूल खेलों के बजट की तुलना
DTF ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार 'खेड़ां वतन पंजाब दियां' कार्यक्रम पर लगभग ₹13 करोड़ खर्च करती है, जबकि स्कूल खेलों पर ₹3 करोड़ से भी कम राशि खर्च की जाती है।
संगठन का कहना है कि यदि स्कूल स्तर पर पर्याप्त निवेश नहीं किया गया तो भविष्य में राज्य की खेल प्रतिभाओं पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
H2: राष्ट्रीय स्कूल खेलों में प्रदर्शन गिरने का भी दावा
DTF का दावा है कि पिछले पांच से छह वर्षों में पंजाब का राष्ट्रीय स्कूल खेलों में प्रदर्शन लगातार कमजोर हुआ है।
संगठन के अनुसार, पिछले वर्ष पंजाब की रैंकिंग 13वें स्थान तक पहुंच गई, जो स्कूल खेलों की मौजूदा स्थिति को दर्शाती है।
H2: खेल अधिकारियों और शिक्षकों के कई पद खाली
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि उप निदेशक (खेल) का पद लंबे समय से रिक्त है, जिससे स्कूल खेलों की योजना और प्रशासन प्रभावित हो रहा है।
इसके अलावा कई सरकारी स्कूलों में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों और लेक्चररों के पद भी खाली पड़े हैं, जिससे नियमित खेल प्रशिक्षण और गतिविधियों पर असर पड़ रहा है।
Key Highlights:
- DTF ने सरकारी स्कूलों में खेलों की उपेक्षा का आरोप लगाया।
- स्कूल खेलों के लिए अलग बजट की मांग की गई।
- खेल शिक्षकों और अधिकारियों के कई पद खाली होने का दावा।
- प्रतियोगिताओं के लिए मिलने वाली वित्तीय सहायता को अपर्याप्त बताया।
- राष्ट्रीय स्कूल खेलों में पंजाब के प्रदर्शन पर चिंता जताई।
- सरकार से खेल ढांचे को मजबूत करने की अपील।
FAQ Section:
Q1. DTF ने सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
उत्तर: DTF का आरोप है कि सरकारी स्कूलों में खेलों के लिए अलग बजट नहीं है, पर्याप्त फंडिंग नहीं मिल रही और खेल शिक्षकों के कई पद खाली हैं।
Q2. संगठन की मुख्य मांग क्या है?
उत्तर: स्कूल खेलों के लिए अलग बजट जारी किया जाए और रिक्त खेल शिक्षकों एवं अधिकारियों के पद जल्द भरे जाएं।
Q3. प्रतियोगिताओं के लिए कितनी राशि मिलने का दावा किया गया है?
उत्तर: DTF के अनुसार केंद्र स्तर के लिए ₹2,000, ब्लॉक स्तर के लिए ₹5,000 और जिला स्तर के लिए ₹20,000 दिए जाते हैं।
Q4. राष्ट्रीय स्कूल खेलों को लेकर DTF ने क्या कहा?
उत्तर: संगठन का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में पंजाब का प्रदर्शन कमजोर हुआ है और पिछले वर्ष राज्य 13वें स्थान पर रहा।
Conclusion:
डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट ने पंजाब के सरकारी स्कूलों में खेलों की मौजूदा स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से अलग खेल बजट, रिक्त पदों पर नियुक्तियां और पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन का मानना है कि यदि स्कूल स्तर पर खेल ढांचे को मजबूत नहीं किया गया तो भविष्य में राज्य की खेल प्रतिभाओं के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

