- Hindi News
- राज्य
- पंजाब
- लुधियाना के 27 अवैध डंपिंग साइटों से कचरा हटाने में देरी पर NGT सख्त, DC, नगर निगम कमिश्नर और PPCB अ...
लुधियाना के 27 अवैध डंपिंग साइटों से कचरा हटाने में देरी पर NGT सख्त, DC, नगर निगम कमिश्नर और PPCB अधिकारी तलब
तीन साल बाद भी NGT के आदेशों का पूरा पालन नहीं, अगली सुनवाई में वरिष्ठ अधिकारियों को वर्चुअल माध्यम से पेश होने के निर्देश।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने लुधियाना के 27 अवैध कचरा डंपिंग स्थलों से ठोस कचरा हटाने में लगातार हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। अधिकरण ने जिला प्रशासन, नगर निगम और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) के वरिष्ठ अधिकारियों को अगली सुनवाई में वर्चुअल रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं।
लुधियाना में अवैध डंपिंग साइटों पर NGT की सख्ती, अधिकारियों से मांगा जवाब
लुधियाना में 27 अवैध डंपिंग साइटों से कचरा हटाने के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। तीन वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आदेशों का पूर्ण पालन नहीं होने पर अधिकरण ने डिप्टी कमिश्नर (DC), नगर निगम कमिश्नर और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) के सदस्य सचिव को अगली सुनवाई में वर्चुअल माध्यम से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
NGT ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर पहले जारी किए गए निर्देशों का अभी तक पूरी तरह पालन नहीं किया गया है।
H2: 2023 के आदेशों का अब तक नहीं हुआ पूर्ण पालन
अधिकरण ने अपने आदेश में कहा कि 2 मई 2023 को PPCB को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया था, ताकि अवैध डंपिंग स्थलों से कचरा हटाने और उसके वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया का समन्वय किया जा सके।इसके तहत संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए थे कि—
- सभी अवैध डंपिंग साइटों से कचरा हटाया जाए।
- कचरे को अधिकृत प्रोसेसिंग केंद्रों तक पहुंचाया जाए।
- प्रतिदिन वैज्ञानिक तरीके से कचरे का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
- नया लीगेसी वेस्ट (Legacy Waste) जमा न होने दिया जाए।
हालांकि, NGT के अनुसार इन निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं हुआ।
H2: तीन महीने में कार्रवाई का वादा भी अधूरा
NGT ने यह भी उल्लेख किया कि 28 मार्च 2025 को अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल), लुधियाना ने अधिकरण के समक्ष पेश होकर आश्वासन दिया था कि चिन्हित स्थानों पर जमा ठोस कचरे का तीन महीने के भीतर निस्तारण कर दिया जाएगा।
लेकिन ताजा सुनवाई में सामने आया कि यह कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है।
H2: नगर निगम और PPCB की रिपोर्ट पर भी उठे सवाल
अधिकरण ने पाया कि नगर निगम लुधियाना यह जानकारी उपलब्ध नहीं करा सका कि शहर में प्रतिदिन कितना ठोस कचरा एकत्र किया जाता है और उसका कितना वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाता है।
इसके अलावा—
- डिप्टी कमिश्नर की ओर से भी आवश्यक जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई।
- PPCB पर्यावरणीय मुआवजा (Environmental Compensation) तय करने के आधार को स्पष्ट नहीं कर सका।
इन कमियों पर NGT ने गंभीर चिंता व्यक्त की।
H2: कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट में सामने आई जमीनी हकीकत
NGT का आदेश कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट पर आधारित है।
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ स्थानों पर स्थिति में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन कई इलाकों में अब भी—
- खुले में कचरे के ढेर मौजूद हैं।
- कॉम्पैक्टर मशीनें काम नहीं कर रहीं।
- कचरे का उचित पृथक्करण (Segregation) नहीं हो रहा।
- कई स्थानों पर कचरा जलाने की घटनाएं सामने आईं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कई स्थानों की वास्तविक स्थिति अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत अनुपालन रिपोर्ट से मेल नहीं खाती।
Key Highlights:
- NGT ने लुधियाना के 27 अवैध डंपिंग साइटों पर कार्रवाई में देरी पर नाराजगी जताई।
- DC, नगर निगम कमिश्नर और PPCB सदस्य सचिव को अगली सुनवाई में पेश होने के निर्देश।
- 2023 में जारी आदेशों का अब तक पूर्ण पालन नहीं हुआ।
- नगर निगम से प्रतिदिन कचरा संग्रहण और निस्तारण का पूरा ब्योरा मांगा गया।
- कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट में खुले डंप, कचरा जलाने और खराब प्रबंधन की पुष्टि।
- NGT ने वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
FAQ Section:
Q1. NGT ने किन अधिकारियों को तलब किया है?
उत्तर: डिप्टी कमिश्नर, नगर निगम कमिश्नर और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) के सदस्य सचिव को अगली सुनवाई में वर्चुअल रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
Q2. मामला किससे संबंधित है?
उत्तर: लुधियाना के 27 अवैध डंपिंग स्थलों से कचरा हटाने और उसके वैज्ञानिक निस्तारण में हो रही देरी से संबंधित है।
Q3. NGT ने पहले कब आदेश जारी किए थे?
उत्तर: 2 मई 2023 को PPCB को नोडल एजेंसी नियुक्त करते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए गए थे।
Q4. कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट में क्या सामने आया?
उत्तर: रिपोर्ट में कई स्थानों पर खुले कचरे के ढेर, खराब कचरा प्रबंधन, कचरा जलाने और अधिकारियों की रिपोर्ट तथा जमीनी स्थिति में अंतर पाया गया।
Conclusion:
लुधियाना में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर NGT ने स्पष्ट संकेत दिया है कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अवैध डंपिंग साइटों की सफाई और वैज्ञानिक कचरा निस्तारण में देरी पर अधिकरण की सख्ती से संबंधित विभागों की जवाबदेही और बढ़ गई है। अब अगली सुनवाई में अधिकारियों की पेशी के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।

