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गुरदासपुर की हारप्रीत कौर जूडो में तोड़ रहीं रूढ़ियां, राष्ट्रीय स्तर पर चमकीं
लड़कियों के लिए प्रेरणा बनीं युवा जूडो खिलाड़ी, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
गुरदासपुर की युवा जूडो खिलाड़ी हरप्रीत कौर पारंपरिक सोच को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। उनकी उपलब्धियां अब अन्य लड़कियों को भी खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
गुरदासपुर की खिलाड़ी अब उन खेलों में भी अपनी पहचान बना रही हैं जिन्हें कभी पुरुषों का क्षेत्र माना जाता था। व्यक्तिगत और टीम दोनों तरह के खेलों में लड़कियां लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं।
कोचों का मानना है कि यह बदलाव बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे लड़कियों को अपनी पसंद के किसी भी खेल में बिना झिझक आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
ऐसी ही एक खिलाड़ी हैं जूडो खिलाड़ी हरप्रीत कौर, जिन्होंने घरेलू प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर अपनी अलग पहचान बनाई है। अब उनके कोचों को उम्मीद है कि वह जूनियर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश का नाम रोशन करेंगी।रूढ़ियों को तोड़ने के प्रति उत्साहित हरप्रीत जैसी खिलाड़ी अन्य लड़कियों को भी अपने सपनों का पीछा करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
खेल विशेषज्ञों का कहना है कि जूडो जैसे खेलों में व्यक्तिगत सफलता दूसरों के लिए प्रेरणा का काम करती है। जब युवा लड़कियां मैट पर शानदार प्रदर्शन करती हैं, तो उनके साथी और स्कूल की अन्य छात्राएं भी उनसे प्रेरित होकर खेलों में आगे बढ़ने की कोशिश करती हैं।
हरप्रीत कौर शहर के Smt Dhan Devi Senior Secondary School में प्लस-2 की छात्रा हैं। उन्होंने सितंबर 2024 में केरल के त्रिशूर में आयोजित प्रतिष्ठित जूडो नेशनल लीग में दूसरा स्थान हासिल कर खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
इसके बाद भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी रहा। उसी वर्ष उन्होंने अगरतला में आयोजित 68वें राष्ट्रीय स्कूल खेल (अंडर-17) में कांस्य पदक जीता। वर्ष 2025 में पुणे में आयोजित नेशनल कैडेट जूडो चैंपियनशिप में भी उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया।
इस वर्ष की शुरुआत उन्होंने फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित 69वें राष्ट्रीय स्कूल खेलों में कांस्य पदक जीतकर की।
हरप्रीत खेलों की अनिश्चितताओं को अच्छी तरह समझती हैं। उनका मानना है कि एक छोटी गलती या चोट खिलाड़ी को लंबे समय तक प्रतियोगिताओं से बाहर कर सकती है। इसलिए वह पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दे रही हैं।
उन्होंने स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद Guru Nanak Dev University से ग्रेजुएशन करने की योजना बनाई है।
हरप्रीत कौर ने यह साबित कर दिया है कि महिलाएं आधुनिक खेलों की दुनिया में उन भूमिकाओं को भी सफलतापूर्वक निभा रही हैं जिन्हें कभी उनके लिए असंभव माना जाता था।
वर्ष 2025 के अंत में जॉर्जिया के प्रसिद्ध कोच Lasha Kizilashvli ने गुरदासपुर के Shaheed Bhagat Singh Judo Centre का दौरा किया था। स्थानीय कोचों के अनुरोध पर उन्होंने हरप्रीत का अभ्यास देखा और उनकी तकनीक व रणनीति से बेहद प्रभावित हुए।
उन्होंने हरप्रीत को उन्नत प्रशिक्षण के लिए जॉर्जिया ले जाने की सहमति भी दी, लेकिन उनके माता-पिता ने कहा कि वे उन्हें ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद ही विदेश भेजेंगे।


