इटली में सिख सैनिकों की शहादत को इतिहास से जोड़ रही प्रवासी सिखों की मुहिम, 2,000 से ज्यादा जवानों का स्मारकीकरण

World Sikh Shaheed Military Memorial Committee 2016 से इटली में विश्व युद्धों के दौरान शहीद हुए सिख सैनिकों की पहचान और उनके बलिदान को संरक्षित करने में जुटी है।

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इटली में सिख प्रवासी समुदाय विश्व युद्धों में शहीद हुए सिख सैनिकों की पहचान और उनकी विरासत को संरक्षित करने के लिए अभियान चला रहा है। WSSMMC अब तक 2,000 से ज्यादा सैनिकों को चिन्हित कर चुका है।

 

विश्व युद्धों में सिख सैनिकों के योगदान का बड़ा हिस्सा लंबे समय तक ब्रिटिश और कॉमनवेल्थ सैन्य रिकॉर्ड तक सीमित रहा। हालांकि, इटली में सिख प्रवासी समुदाय के कुछ सदस्य इन सैनिकों की अलग पहचान, उनकी शहादत और सामुदायिक विरासत को संरक्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

इटली स्थित World Sikh Shaheed Military Memorial Committee (WSSMMC) वर्ष 2016 से इस मुहिम का नेतृत्व कर रही है। संगठन का मुख्य उद्देश्य उन सिख सैनिकों की पहचान करना और उनकी स्मृति को जीवित रखना है, जिन्होंने विश्व युद्धों के दौरान इटली के विभिन्न मोर्चों पर लड़ते हुए अपनी जान गंवाई।

2,000 से ज्यादा सिख सैनिकों की पहचान

WSSMMC के अध्यक्ष पृथिपाल सिंह और कार्यकारी सदस्य मनजिंदर सिंह समेत सिख प्रवासी समुदाय के कई लोग इस अभियान से जुड़े हैं। संगठन ने इतालवी सरकार के सहयोग से अब तक 2,000 से अधिक शहीद सिख सैनिकों की पहचान और स्मारकीकरण किया है।

संगठन से जुड़े स्वयंसेवक उन स्थानों की तलाश और दस्तावेजीकरण भी करते हैं, जहां विश्व युद्धों के दौरान सिख सैनिक शहीद हुए थे।

Forlì में बनाया गया खंडा वाला स्मारक

इस महीने की शुरुआत में WSSMMC ने करीब 20 इतालवी नगरपालिकाओं के मेयरों को स्मृति कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इसी दौरान बोलोग्ना के पास Forlì में सिख सैनिकों की याद में एक विशेष पत्थर का स्मारक स्थापित किया गया।

स्मारक की दीवार पर सिख धर्म का खंडा चिन्ह बनाया गया है। इसके अलावा इटली की धरती पर शहीद हुए सिख सैनिकों के नाम और तस्वीरें भी अंकित की गई हैं।

अरदास और अखंड पाठ से दी श्रद्धांजलि

Forlì में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सिख सैनिकों की स्मृति में अरदास और अखंड पाठ किया गया। WSSMMC के सदस्य मनजिंदर सिंह ने बताया कि संगठन 2016 से लगातार उन स्थानों को खोजने, चिन्हित करने और दस्तावेज तैयार करने में जुटा है, जहां सिख सैनिकों ने विश्व युद्धों के दौरान लड़ते हुए प्राण गंवाए।

उन्होंने कहा कि इन सैनिकों ने विदेशी धरती पर लड़ते हुए बलिदान दिया और उनकी शहादत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है।

2000 के दशक की शुरुआत में शुरू हुई थी पहल

इस अभियान की जड़ें 2000 के दशक की शुरुआत में मिलती हैं। उस समय इटली में रहने वाले सिख समुदाय के सात सदस्यों ने सिख इतिहासकार भूपिंदर सिंह हॉलैंड और इतालवी डॉक्टर रोमन रॉसी के साथ मिलकर इस दिशा में काम शुरू किया था।

इन सभी का साझा उद्देश्य विश्व युद्धों में शहीद हुए सिख सैनिकों का पता लगाना, उनके बलिदान से जुड़े स्थानों को चिन्हित करना और वहां स्मारक स्थापित करना था।

अपने खर्च पर स्मारक बना रहे स्वयंसेवक

मनजिंदर सिंह के मुताबिक, संगठन से जुड़े अधिकांश लोग कारोबारी हैं और कई स्मारक बनाने का खर्च वे अपनी जेब से उठाते हैं। वह पिछले 25 वर्षों से इटली में रह रहे हैं और मंटुआ में बिस्किट बनाने की फैक्ट्री चलाते हैं।

उनके अनुसार, इस अभियान से जुड़ने की प्रेरणा इस एहसास से मिली कि मौजूदा सैन्य रिकॉर्ड हमेशा सिख सैनिकों के व्यापक ऐतिहासिक अनुभव को पूरी तरह सामने नहीं रखते।

सैन्य रिकॉर्ड से आगे सिख समुदाय की स्मृति पर जोर

मनजिंदर सिंह ने कहा कि प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में सिख सैनिकों से जुड़े रिकॉर्ड, जिनमें कॉमनवेल्थ सैन्य रिकॉर्ड भी शामिल हैं, कई बार सिख समुदाय के व्यापक ऐतिहासिक दृष्टिकोण को पूरी तरह दर्ज नहीं करते।

सिख रेजिमेंटों का महत्व, सामुदायिक स्मृति और आज सिख समाज इन सैनिकों को किस तरह याद करता है, जैसे पहलुओं को सामने लाने के लिए संगठन काम कर रहा है।

Key Highlights:

  • इटली में सिख प्रवासी समुदाय विश्व युद्धों के शहीद सिख सैनिकों की स्मृति संरक्षित कर रहा है।
  • World Sikh Shaheed Military Memorial Committee 2016 से इस अभियान का नेतृत्व कर रही है।
  • संगठन ने 2,000 से अधिक सिख सैनिकों की पहचान और स्मारकीकरण किया है।
  • इतालवी सरकार ने भी इस अभियान में सहयोग किया है।
  • बोलोग्ना के पास Forlì में खंडा चिन्ह वाला स्मारक बनाया गया है।
  • स्मारक पर शहीद सिख सैनिकों के नाम और तस्वीरें अंकित हैं।
  • Forlì में अरदास और अखंड पाठ आयोजित किया गया।
  • संगठन की शुरुआती पहल 2000 के दशक की शुरुआत में हुई थी।
  • स्वयंसेवक कई स्मारकों का खर्च खुद वहन करते हैं।
  • संगठन सैन्य रिकॉर्ड के साथ सिख समुदाय की ऐतिहासिक और सामुदायिक स्मृति को भी संरक्षित कर रहा है।

FAQ Section:

सवाल 1: WSSMMC क्या है?
World Sikh Shaheed Military Memorial Committee इटली स्थित एक स्वैच्छिक संगठन है, जो विश्व युद्धों के दौरान इटली में शहीद हुए सिख सैनिकों की पहचान, दस्तावेजीकरण और स्मारकीकरण का काम करता है।

सवाल 2: WSSMMC ने कितने सिख सैनिकों की पहचान की है?
संगठन के अनुसार, इतालवी सरकार के सहयोग से अब तक 2,000 से अधिक सिख सैनिकों की पहचान और स्मारकीकरण किया जा चुका है।

सवाल 3: Forlì में सिख सैनिकों के लिए क्या बनाया गया है?
बोलोग्ना के पास Forlì में पत्थर की एक स्मारक दीवार स्थापित की गई है। इस पर खंडा चिन्ह के साथ शहीद सिख सैनिकों के नाम और तस्वीरें अंकित हैं।

सवाल 4: यह अभियान कब शुरू हुआ था?
इस मुहिम की शुरुआती पहल 2000 के दशक की शुरुआत में हुई थी, जबकि WSSMMC वर्ष 2016 से संगठित रूप से इस अभियान को आगे बढ़ा रही है।

सवाल 5: संगठन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
संगठन का उद्देश्य विश्व युद्धों में शहीद हुए सिख सैनिकों की पहचान करना, उनके शहादत स्थलों का दस्तावेजीकरण करना और उनकी सैन्य भूमिका के साथ सिख समुदाय की ऐतिहासिक स्मृति को भी संरक्षित करना है।

Conclusion:

इटली में सिख प्रवासी समुदाय द्वारा विश्व युद्धों में शहीद हुए सैनिकों की स्मृति को संरक्षित करने की यह मुहिम सैन्य इतिहास और सामुदायिक विरासत के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बन रही है। 2,000 से अधिक सैनिकों की पहचान, Forlì में स्मारक की स्थापना और विभिन्न शहादत स्थलों पर धार्मिक एवं स्मृति कार्यक्रमों के जरिए WSSMMC इन सैनिकों के योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। संगठन का फोकस केवल सैन्य रिकॉर्ड तक सीमित न रहकर सिख रेजिमेंटों, सामुदायिक स्मृति और शहीद सैनिकों की विरासत को व्यापक रूप से सामने लाने पर भी है।Screenshot_917

Edited By: Atul Sharma

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