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Sirsa Rice Millers का बड़ा फैसला, पुराना CMR नहीं उठने तक नई धान सीजन की रजिस्ट्रेशन से इनकार
3.5 लाख क्विंटल चावल की डिलीवरी अटकी, भुगतान और घोषित बोनस भी लंबित; मिलर्स के फैसले से नई धान खरीद पर पड़ सकता है असर
सिरसा के राइस मिलर्स ने पिछली सीजन के लंबित कस्टम मिल्ड राइस (CMR), भुगतान और बोनस का मुद्दा उठाते हुए नए धान सीजन के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराने का फैसला किया है। मिलर्स का कहना है कि पुराने बकाये का समाधान होने तक वे नए समझौते नहीं करेंगे।
Sirsa Rice Millers ने नई धान सीजन के रजिस्ट्रेशन से किया इनकार
हरियाणा के फतेहाबाद में राइस मिलर्स द्वारा CMR उठान में देरी का मुद्दा उठाए जाने के बाद अब सिरसा के मिलर्स ने भी सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। सिरसा जिला राइस मिलर्स एसोसिएशन ने गुरुवार को बैठक कर फैसला लिया कि पिछली सीजन की लंबित समस्याओं का समाधान होने तक कोई भी राइस मिलर आगामी धान सीजन के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराएगा।
मिलर्स के अनुसार पिछली सीजन का करीब 3.5 लाख क्विंटल चावल अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है। इसके अलावा भुगतान और सरकार की ओर से घोषित बोनस भी लंबित है।
पुराने CMR की डिलीवरी और भुगतान बनी बड़ी समस्या
राइस मिलर्स एसोसिएशन ने कहा कि जब तक पिछली सीजन का बकाया भुगतान नहीं किया जाता और तैयार चावल का उठान सुनिश्चित नहीं होता, तब तक नई सीजन के लिए रजिस्ट्रेशन करना व्यावहारिक नहीं है।मिलर्स का दावा है कि उन्होंने सरकारी एजेंसियों से आवंटित धान की खरीद की, उसकी मिलिंग पूरी की और CMR की डिलीवरी के लिए चावल तैयार रखा। लेकिन बड़ी मात्रा में चावल अभी भी उठान का इंतजार कर रहा है।
30 जून से FCI ने नहीं लिया चावल
मिलर्स के मुताबिक भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने 30 जून से चावल की डिलीवरी स्वीकार नहीं की है। इसके कारण सिरसा में पिछली सीजन का काफी CMR लंबित हो गया है।
एसोसिएशन का कहना है कि मिलर्स ने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है। अब सरकारी एजेंसियों को तैयार चावल की डिलीवरी लेने और लंबित भुगतान जारी करने की व्यवस्था करनी चाहिए।
नई धान खरीद पर पड़ सकता है असर
नई धान सीजन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 23 जुलाई से शुरू हो चुकी है, जबकि सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से प्रस्तावित है। हालांकि, कई मंडियों में धान की आवक इससे पहले भी शुरू हो सकती है।
ऐसे में अगर राइस मिलर्स और सरकार के बीच गतिरोध जल्द खत्म नहीं हुआ तो आगामी सीजन में धान की खरीद, CMR की मिलिंग और चावल के उठान की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
मिलर्स ने रखी वैकल्पिक भंडारण की मांग
एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक कुमार राजू ने कहा कि जब पिछली सीजन के खाते ही लंबित हैं तो मिलर्स से नए समझौते करने की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि मिलर्स ने धान की मिलिंग कर अपना काम पूरा कर दिया है और अब सरकारी एजेंसियों को चावल उठाकर भुगतान करना चाहिए।
एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव गुप्ता नीता ने कहा कि मिलर्स के राज्य की खरीद एजेंसियों के साथ समझौते हैं। FCI स्तर पर भंडारण या डिलीवरी की समस्या के लिए मिलर्स को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि यदि FCI के पास पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है तो राज्य सरकार वैकल्पिक भंडारण की व्यवस्था करे और अपनी एजेंसियों के माध्यम से चावल का उठान सुनिश्चित करे।
समय कम, मांगें पूरी होने तक फैसले पर कायम रहने का ऐलान
एसोसिएशन के सचिव डीके गर्ग ने कहा कि नई धान सीजन की तैयारियों के लिए अब ज्यादा समय नहीं बचा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पिछली सीजन के लंबित मुद्दों का समाधान नहीं होता, मिलर्स अपने फैसले पर कायम रहेंगे।
Key Highlights:
- सिरसा के राइस मिलर्स ने नई धान सीजन के रजिस्ट्रेशन से इनकार किया।
- करीब 3.5 लाख क्विंटल CMR पिछली सीजन से लंबित होने का दावा।
- मिलर्स के भुगतान और घोषित बोनस भी लंबित हैं।
- FCI ने 30 जून से चावल की डिलीवरी स्वीकार नहीं की है।
- नई धान सीजन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 23 जुलाई से शुरू हो चुका है।
- धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से प्रस्तावित है।
- मिलर्स ने वैकल्पिक भंडारण की व्यवस्था करने की मांग की।
- गतिरोध जारी रहा तो नई सीजन में खरीद और मिलिंग व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
FAQ Section:
Sirsa के राइस मिलर्स ने रजिस्ट्रेशन क्यों रोकने का फैसला किया?
मिलर्स का कहना है कि पिछली सीजन का करीब 3.5 लाख क्विंटल CMR लंबित है। इसके साथ ही भुगतान और घोषित बोनस भी बकाया है। इन समस्याओं के समाधान तक उन्होंने नई सीजन में रजिस्ट्रेशन नहीं कराने का फैसला किया है।
Sirsa में कितना CMR लंबित है?
राइस मिलर्स एसोसिएशन के अनुसार करीब 3.5 लाख क्विंटल चावल पिछली सीजन से लंबित है।
FCI ने चावल लेना कब बंद किया?
मिलर्स के अनुसार FCI ने 30 जून से चावल की डिलीवरी स्वीकार नहीं की है।
नई धान सीजन की सरकारी खरीद कब शुरू होनी है?
सरकारी धान खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होने की योजना है। हालांकि, कई मंडियों में धान की आवक इससे पहले शुरू हो सकती है।
मिलर्स सरकार से क्या मांग कर रहे हैं?
मिलर्स पिछली सीजन का लंबित चावल उठाने, भुगतान और घोषित बोनस जारी करने तथा FCI की भंडारण समस्या होने पर वैकल्पिक भंडारण की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं।
Conclusion:
सिरसा के राइस मिलर्स के नई धान सीजन के रजिस्ट्रेशन से इनकार ने सरकार और खरीद एजेंसियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। करीब 3.5 लाख क्विंटल CMR के लंबित होने के साथ भुगतान और बोनस का मुद्दा भी सुलझना बाकी है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो आगामी धान खरीद, मिलिंग और चावल उठान की व्यवस्था पर इसका असर पड़ सकता है।
