अमृतसर में लेखक चंद्रचूड़ घोष ने साझा किया साहित्यिक सफर, नेताजी से लेकर RSS पर लेखन तक की यात्रा पर चर्चा

‘The Write Circle’ सत्र में हिमानी अरोड़ा से बातचीत, इतिहास, राजनीति, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण पर अपने लेखन व विचारों को लेकर लेखक ने रखी बात

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प्रभा खेतान फाउंडेशन और उसकी महिला साहित्यिक संस्था एहसास की ओर से अमृतसर में ‘The Write Circle’ का एक और सत्र आयोजित किया गया। लेखक चंद्रचूड़ घोष ने अपने साहित्यिक सफर, किताबों और राष्ट्रवाद से जुड़े विचारों पर चर्चा की।

 

अमृतसर में साहित्य और विचारों से जुड़े चर्चित मंच ‘The Write Circle’ का एक और सत्र आयोजित किया गया। प्रभा खेतान फाउंडेशन और उसके महिला नेतृत्व वाले साहित्यिक मंच एहसास की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में लेखक चंद्रचूड़ घोष ने अपने लेखन, शोध और व्यक्तिगत सफर के कई पहलुओं पर चर्चा की।

अमृतसर की उद्यमी हिमानी अरोड़ा के साथ बातचीत में घोष ने इतिहास, राजनीति, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण जैसे विषयों पर अपने लेखन के अनुभव साझा किए। उन्होंने अपनी किताबों और राष्ट्रवाद से जुड़े अपने विचारों पर भी विस्तार से बात की।

लेखक बनने तक का सफर साझा किया

चंद्रचूड़ घोष ने अपने साहित्यिक, व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन के अलग-अलग पड़ावों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि वर्षों के अनुभवों और विचारों ने उनके लेखन को किस तरह आकार दिया।

घोष ने शांतिनिकेतन स्थित विश्वभारती विश्वविद्यालय और यूनिवर्सिटी ऑफ ससेक्स से शिक्षा हासिल की। वर्ष 2024-25 के दौरान वह Foundation for Indian Historical and Cultural Research (FIHCR) के फेलो भी रहे।

पर्यावरण विशेषज्ञ और बिजनेस कंसल्टेंट से बने पूर्णकालिक लेखक

घोष ने वर्ष 2018 में पर्यावरण क्षेत्र और बिजनेस स्ट्रैटेजी कंसल्टिंग में करीब दो दशक लंबे करियर को छोड़कर पूर्णकालिक लेखक बनने का फैसला किया।

इसके बाद उन्होंने इतिहास और समकालीन मुद्दों पर शोध आधारित लेखन को अपने करियर का केंद्र बनाया।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर शोध से शुरू हुई खास यात्रा

घोष की पहली किताब ‘Conundrum: Subhas Bose’s Life After Death’ थी, जिसे उन्होंने अनुज धर के साथ मिलकर लिखा। इस किताब में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु से जुड़े रहस्य की पड़ताल की गई।

घोष ने ‘Mission Netaji’ की भी स्थापना की थी। इस अभियान के जरिए नेताजी के गायब होने और उनकी मृत्यु से संबंधित दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग को आगे बढ़ाया गया।

परिवार और बचपन से मिला नेताजी पर शोध का जुड़ाव

कार्यक्रम के दौरान घोष ने बताया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी कहानियों और किताबों के बीच उनका बचपन बीता। उनके परिवार में स्वतंत्रता सेनानी भी रहे हैं।

इन्हीं पारिवारिक अनुभवों और नेताजी से जुड़े रहस्यों को समझने की इच्छा ने धीरे-धीरे उन्हें इस विषय पर गंभीर शोध और लेखन की ओर प्रेरित किया।

उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर लिखी अपनी बाद की किताबों को एक बौद्धिक परियोजना के रूप में बताया।

RSS पर भी शोध आधारित किताब लिखी

चंद्रचूड़ घोष की 2025 में प्रकाशित किताब ‘Many Shades of Saffron: Decoding 100 Years of RSS’ भी कार्यक्रम में चर्चा का प्रमुख विषय रही।

इस किताब के जरिए उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के इतिहास और देश के राजनीतिक एवं सामाजिक आंदोलनों पर उसके प्रभाव को शोध और दस्तावेजों के आधार पर समझने का प्रयास किया है।

किताब में RSS को सामान्य राजनीतिक लेबल के बजाय विस्तृत ऐतिहासिक दस्तावेजों और शोध के माध्यम से दोबारा देखने की कोशिश की गई है।

साहित्य, इतिहास और समकालीन विषयों पर चर्चा

‘The Write Circle’ के इस सत्र में घोष के लेखन के अलग-अलग पहलुओं पर बातचीत हुई। इतिहास और राजनीति के साथ-साथ अर्थव्यवस्था और पर्यावरण जैसे विषय भी उनके लेखन का हिस्सा रहे हैं।

कार्यक्रम ने साहित्य प्रेमियों को लेखक के विचारों, शोध प्रक्रिया और उनके व्यक्तिगत अनुभवों को करीब से समझने का अवसर दिया।

Key Highlights:

  • अमृतसर में ‘The Write Circle’ का एक और सत्र आयोजित हुआ।
  • कार्यक्रम प्रभा खेतान फाउंडेशन और एहसास की ओर से आयोजित किया गया।
  • लेखक चंद्रचूड़ घोष ने सत्र में अपने विचार साझा किए।
  • अमृतसर की उद्यमी हिमानी अरोड़ा ने उनके साथ बातचीत की।
  • घोष ने इतिहास, राजनीति, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण पर अपने लेखन पर चर्चा की।
  • उन्होंने अपने व्यक्तिगत और पेशेवर सफर के अनुभव साझा किए।
  • वर्ष 2018 में उन्होंने करीब दो दशक लंबे पर्यावरण और बिजनेस कंसल्टिंग करियर को छोड़कर पूर्णकालिक लेखन शुरू किया।
  • उनकी पहली किताब ‘Conundrum: Subhas Bose’s Life After Death’ अनुज धर के साथ लिखी गई।
  • उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े दस्तावेजों के सार्वजनिक करने के अभियान ‘Mission Netaji’ की स्थापना की।
  • उनकी 2025 में प्रकाशित किताब ‘Many Shades of Saffron: Decoding 100 Years of RSS’ भी चर्चा में रही।
  • किताब में RSS के इतिहास और राजनीतिक-सामाजिक आंदोलनों में उसकी भूमिका का शोध आधारित अध्ययन किया गया है।

FAQ Section:

‘The Write Circle’ कार्यक्रम कहां आयोजित हुआ?

‘The Write Circle’ का यह सत्र अमृतसर में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में किस लेखक ने हिस्सा लिया?

कार्यक्रम में लेखक चंद्रचूड़ घोष ने हिस्सा लिया और अपने साहित्यिक एवं पेशेवर सफर पर चर्चा की।

चंद्रचूड़ घोष से बातचीत किसने की?

अमृतसर की उद्यमी हिमानी अरोड़ा ने चंद्रचूड़ घोष के साथ बातचीत की।

चंद्रचूड़ घोष की पहली किताब कौन सी थी?

उनकी पहली किताब ‘Conundrum: Subhas Bose’s Life After Death’ थी, जिसे उन्होंने अनुज धर के साथ मिलकर लिखा था।

‘Many Shades of Saffron’ किताब किस विषय पर है?

2025 में प्रकाशित ‘Many Shades of Saffron: Decoding 100 Years of RSS’ किताब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास और देश के राजनीतिक एवं सामाजिक आंदोलनों में उसकी भूमिका की शोध आधारित पड़ताल करती है।

Conclusion:

अमृतसर में आयोजित ‘The Write Circle’ का यह सत्र साहित्य, इतिहास और समकालीन राजनीति में रुचि रखने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण रहा। चंद्रचूड़ घोष ने अपने लेखक बनने के सफर से लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर शोध और RSS के इतिहास पर लिखी किताब तक के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम ने उनके लेखन की विविधता और शोध आधारित दृष्टिकोण को सामने रखा।Screenshot_948

Edited By: Atul Sharma

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