Punjab and Haryana High Court में पहली बार 19 महिला जज, 3 नई महिला न्यायाधीशों ने ली शपथ

100 साल से ज्यादा पुराने इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में महिला जजों की मौजूदगी, नौ अतिरिक्त न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण के बाद बदली तस्वीर

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पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के इतिहास में पहली बार महिला न्यायाधीशों की संख्या 19 हो गई है। नौ अतिरिक्त न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण के साथ ही बेंच पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।

 

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अपने 100 साल से अधिक पुराने इतिहास में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। नौ अतिरिक्त न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण के बाद हाई कोर्ट की बेंच में महिला न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। इनमें तीन नई महिला न्यायाधीश मोनिका चिब्बर शर्मा, पूजा चोपड़ा और दिव्या शर्मा शामिल हैं।

इन नियुक्तियों के साथ हाई कोर्ट में महिला प्रतिनिधित्व अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है। इससे पहले इस साझा हाई कोर्ट में महिला न्यायाधीशों की अधिकतम संख्या 18 रही थी।

नौ अतिरिक्त न्यायाधीशों ने ली शपथ

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा ने हाई कोर्ट परिसर में आयोजित समारोह में नौ नए अतिरिक्त न्यायाधीशों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

शपथ लेने वाले नौ न्यायाधीशों में तीन महिलाएं शामिल हैं। इनके अलावा हरियाणा के एडवोकेट जनरल प्रवींद्र सिंह चौहान, हरमीत सिंह देओल, राजेश गौड़, सुनीश बिंदलिश, मिंदरजीत यादव और रविंदर मलिक ने भी अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।

समारोह में हाई कोर्ट के मौजूदा और सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के अलावा प्रशासनिक अधिकारी, नए न्यायाधीशों के परिजन और कानूनी क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे।

केंद्र ने तीन महीने बाद जारी की नियुक्ति अधिसूचना

इन सभी न्यायाधीशों की नियुक्ति को केंद्र सरकार ने गुरुवार को अधिसूचित किया। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इनकी पदोन्नति की सिफारिश तीन महीने से अधिक समय पहले की थी।

पहली बार बेंच पर 19 महिला न्यायाधीश

नई नियुक्तियों से पहले पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में 16 महिला न्यायाधीश कार्यरत थीं। तीन नई महिला न्यायाधीशों के शामिल होने के बाद यह संख्या बढ़कर 19 हो गई है।

इससे पहले साझा हाई कोर्ट में महिला न्यायाधीशों की संख्या अधिकतम 18 तक पहुंची थी। एक समय यह संख्या 13 भी रही थी।

पहले से बेंच पर मौजूद महिला न्यायाधीश

नई नियुक्तियों से पहले हाई कोर्ट की महिला न्यायाधीशों में अलका सरीन, अर्चना पुरी, लपिता बनर्जी, निधि गुप्ता, अमरजोत भट्टी, मनीषा बत्रा, हरप्रीत कौर जीवन, सुखविंदर कौर, सुदीप्ति शर्मा, कीर्ति सिंह, मनदीप पन्नू, रुपिंदरजीत चहल, शालिनी सिंह नागपाल, आराधना सावनी, रमेश कुमारी और नीरजा के. कालसन शामिल थीं।

अब मोनिका चिब्बर शर्मा, पूजा चोपड़ा और दिव्या शर्मा के जुड़ने से महिला न्यायाधीशों की कुल संख्या 19 हो गई है।

न्यायपालिका में बढ़ेगा महिलाओं का प्रतिनिधित्व

हाई कोर्ट में महिला न्यायाधीशों की संख्या में यह बढ़ोतरी न्यायपालिका में लैंगिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बेंच में महिलाओं की बढ़ती मौजूदगी से न्यायिक प्रक्रिया में अलग-अलग सामाजिक और लैंगिक दृष्टिकोणों को स्थान मिलने की उम्मीद है।

विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और लैंगिक न्याय से जुड़े मामलों में विविध दृष्टिकोण न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी बनाने में योगदान दे सकते हैं।

Key Highlights:

  • पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में पहली बार 19 महिला न्यायाधीश हुईं।
  • तीन नई महिला न्यायाधीशों ने अतिरिक्त जज के रूप में शपथ ली।
  • मोनिका चिब्बर शर्मा, पूजा चोपड़ा और दिव्या शर्मा नई महिला न्यायाधीश हैं।
  • नौ अतिरिक्त न्यायाधीशों को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा ने शपथ दिलाई।
  • इससे पहले महिला न्यायाधीशों की अधिकतम संख्या 18 थी।
  • नई नियुक्तियों से पहले हाई कोर्ट में 16 महिला न्यायाधीश थीं।
  • केंद्र सरकार ने नियुक्तियों की अधिसूचना गुरुवार को जारी की।
  • सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तीन महीने से अधिक समय पहले नियुक्तियों की सिफारिश की थी।
  • महिला प्रतिनिधित्व बढ़ने से न्यायपालिका में विविधता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

FAQ Section:

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में अब कितनी महिला जज हैं?

नौ अतिरिक्त न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण के बाद हाई कोर्ट में महिला न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है।

नई महिला न्यायाधीश कौन हैं?

मोनिका चिब्बर शर्मा, पूजा चोपड़ा और दिव्या शर्मा तीन नई महिला न्यायाधीश हैं, जिन्होंने अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ ली है।

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में इससे पहले कितनी महिला जज थीं?

नई नियुक्तियों से पहले हाई कोर्ट की बेंच पर 16 महिला न्यायाधीश थीं।

महिला जजों की संख्या बढ़ना क्यों महत्वपूर्ण है?

महिला न्यायाधीशों की बढ़ती भागीदारी न्यायपालिका में विविधता और अलग-अलग सामाजिक एवं लैंगिक दृष्टिकोणों को मजबूत करती है। इससे महिलाओं, बच्चों और लैंगिक न्याय से जुड़े मामलों में भी व्यापक दृष्टिकोण सामने आने की उम्मीद रहती है।

Conclusion:

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में महिला न्यायाधीशों की संख्या का 19 तक पहुंचना न्यायपालिका के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। तीन नई महिला न्यायाधीशों की नियुक्ति ने बेंच में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा दिया है। यह बदलाव न्यायपालिका में विविधता और समान प्रतिनिधित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।Screenshot_942

Edited By: Atul Sharma

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