- Hindi News
- राज्य
- पंजाब
- Public Speaking Tips: जोर से बोलना नहीं, ऑथेंटिक होना है जरूरी; अमृतसर में Takesh Singh ने बताए स्टे...
Public Speaking Tips: जोर से बोलना नहीं, ऑथेंटिक होना है जरूरी; अमृतसर में Takesh Singh ने बताए स्टेज पर छाने के तरीके
FICCI FLO अमृतसर चैप्टर की महिलाओं के लिए ‘Own the Room’ मास्टरक्लास, स्टोरीटेलिंग, सही पॉज, मॉड्यूलेशन और बॉडी लैंग्वेज पर दिया जोर
अमृतसर में अभिनेता, फिल्ममेकर और पब्लिक स्पीकिंग कोच Takesh Singh ने महिलाओं के लिए ‘Own the Room’ मास्टरक्लास आयोजित की। उन्होंने प्रभावी संवाद और स्टोरीटेलिंग के जरिए दर्शकों से जुड़ने के तरीके बताए।
1990 के दशक में पले-बढ़े लोगों के लिए पब्लिक स्पीकिंग और औपचारिक भाषण की एक अलग ही तस्वीर रही है। उस दौर में प्रभावशाली वक्ता बनने के लिए ऊंची आवाज, शब्दों का बेहद स्पष्ट उच्चारण और नाटकीय अंदाज को अक्सर आत्मविश्वास की पहचान माना जाता था। लेकिन समय के साथ सार्वजनिक संवाद का तरीका भी बदल गया है।
आज प्रभावी Public Speaking का मतलब सिर्फ तेज या जोरदार आवाज में बोलना नहीं, बल्कि श्रोताओं से वास्तविक जुड़ाव बनाना है। इसी विषय पर अभिनेता, फिल्ममेकर और पब्लिक स्पीकिंग कोच Takesh Singh ने अमृतसर में महिलाओं के लिए विशेष मास्टरक्लास आयोजित की।
‘Own the Room’ में Public Speaking के नए तरीके
Takesh Singh ने FICCI FLO के अमृतसर चैप्टर की महिला उद्यमियों और सदस्यों के लिए ‘Own the Room’ नाम से मास्टरक्लास आयोजित की।इस दौरान उन्होंने मंच पर आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने, प्रभावी संवाद करने और स्टोरीटेलिंग के जरिए व्यक्तिगत ब्रांड तैयार करने के तरीकों पर चर्चा की।
जोर से बोलना ही प्रभावी Public Speaking नहीं
Takesh Singh के अनुसार Public Speaking एकतरफा प्रक्रिया नहीं है। वक्ता का उद्देश्य केवल बोलना नहीं, बल्कि सामने मौजूद लोगों के साथ जुड़ना भी होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बहुत तेज आवाज में बोलना या शब्दों पर जरूरत से ज्यादा जोर देना आमतौर पर प्रभावी तरीका नहीं होता। आज Public Speaking एक महत्वपूर्ण Life Skill बन चुकी है और दर्शकों का ध्यान बनाए रखने के लिए वक्ता का स्वाभाविक और प्रामाणिक होना जरूरी है।
Storytelling से कैसे बनाएं दर्शकों से कनेक्शन?
Takesh Singh ने Public Speaking में Storytelling की भूमिका को भी समझाया। उनके मुताबिक किसी कहानी को प्रभावी बनाने के लिए श्रोताओं के सामने ऐसा दृश्य खड़ा करना चाहिए, जिसे वे महसूस कर सकें।
कहानी में दृश्य और भावनाएं जोड़ना जरूरी
उन्होंने Storytelling के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए:
- कहानी के दौरान दृश्य को स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत करें।
- श्रोताओं की कल्पना और इंद्रियों को सक्रिय करने वाले विवरण दें।
- दृश्य और ध्वनि से जुड़े विवरणों का इस्तेमाल करें।
- कहानी में Contrast यानी विरोधाभास दिखाएं।
- भावनाओं को शामिल करें, ताकि कहानी यादगार बने।
उनका मानना है कि जब श्रोता किसी कहानी को केवल सुनते नहीं बल्कि उसे महसूस भी करने लगते हैं, तो वक्ता और दर्शकों के बीच मजबूत जुड़ाव बनता है।
Modulation और Pauses से बढ़ता है प्रभाव
मास्टरक्लास के दौरान उन्होंने यह भी बताया कि किसी कहानी या भाषण को प्रभावशाली बनाने में आवाज का उतार-चढ़ाव और सही समय पर लिया गया विराम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Body Language भी उतनी ही महत्वपूर्ण
Takesh Singh के मुताबिक आवाज के साथ-साथ आत्मविश्वासपूर्ण Body Language भी जरूरी है। सही Modulation, प्रभावी Pauses और Confident Body Language मिलकर वक्ता की Presence को मजबूत बनाते हैं।
CEOs और Creators के साथ भी काम कर चुके हैं Takesh Singh
Takesh Singh अभिनेता और फिल्ममेकर के रूप में भी काम कर चुके हैं। उन्होंने ‘Manto’ और ‘Selection Day’ जैसी चर्चित प्रस्तुतियों में अभिनय किया है।
हालांकि, बाद में Storytelling के क्षेत्र में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वह CEOs, Actors और Content Creators के साथ काम कर चुके हैं और उन्हें अपनी Personality को एक Brand के रूप में विकसित करने में मदद करते हैं।
उनका मानना है कि Social Media के दौर में अनौपचारिक संवाद काफी बढ़ गया है, लेकिन प्रभावी Formal Communication की जरूरत अभी भी बनी हुई है। किसी Audience को बनाना और लंबे समय तक उससे जुड़ाव बनाए रखना हो तो बेहतर संवाद कौशल जरूरी है।
Key Highlights:
- अमृतसर में ‘Own the Room’ नाम की Public Speaking Masterclass आयोजित हुई।
- मास्टरक्लास अभिनेता, फिल्ममेकर और Public Speaking Coach Takesh Singh ने ली।
- कार्यक्रम FICCI FLO अमृतसर चैप्टर की महिला उद्यमियों और सदस्यों के लिए आयोजित किया गया।
- उन्होंने प्रभावी Public Speaking और Storytelling के तरीके बताए।
- जोर से बोलने और जरूरत से ज्यादा शब्दों का उच्चारण करने को प्रभावी तरीका नहीं बताया।
- Authenticity यानी स्वाभाविक और वास्तविक संवाद पर जोर दिया।
- Storytelling में दृश्य, ध्वनि, Contrast और Emotions शामिल करने की सलाह दी।
- Modulation, सही Pauses और Confident Body Language को महत्वपूर्ण बताया।
- Takesh Singh ‘Manto’ और ‘Selection Day’ जैसी प्रस्तुतियों में काम कर चुके हैं।
- वह CEOs, Actors और Content Creators को Personal Branding में भी प्रशिक्षित करते हैं।
FAQ Section:
Public Speaking में सबसे जरूरी चीज क्या है?
प्रभावी Public Speaking के लिए केवल अच्छी आवाज काफी नहीं है। दर्शकों से Authentic Connection, सही Body Language, Modulation और प्रभावी Storytelling भी जरूरी है।
क्या Public Speaking में जोर से बोलना जरूरी है?
नहीं। Takesh Singh के अनुसार जरूरत से ज्यादा तेज या जोर से बोलना आमतौर पर प्रभावी नहीं होता। दर्शकों से जुड़ना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
Storytelling को प्रभावी कैसे बनाया जा सकता है?
कहानी में दृश्य, ध्वनि, Contrast और भावनाओं को शामिल करके उसे अधिक प्रभावी और यादगार बनाया जा सकता है।
Public Speaking में Pauses क्यों जरूरी हैं?
सही जगह पर लिया गया Pause भाषण को प्रभाव देता है और श्रोताओं को कही गई बात को समझने तथा महसूस करने का समय देता है।
Takesh Singh किस तरह के लोगों के साथ काम कर चुके हैं?
वह CEOs, Actors और Content Creators के साथ काम कर चुके हैं और उन्हें Personality तथा Personal Brand विकसित करने में मदद करते हैं।
Conclusion:
Public Speaking का तरीका समय के साथ बदल चुका है। आज मंच पर प्रभाव डालने के लिए केवल ऊंची आवाज या नाटकीय अंदाज पर्याप्त नहीं है। Takesh Singh की ‘Own the Room’ मास्टरक्लास ने इस बात पर जोर दिया कि प्रभावी वक्ता वही है जो अपनी बात को कहानी, भावनाओं, सही Pauses, Modulation और आत्मविश्वासपूर्ण Body Language के जरिए दर्शकों से जोड़ सके। सोशल मीडिया के दौर में भी मजबूत Formal Communication की जरूरत बनी हुई है और यही किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत पहचान व ब्रांड को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है।
