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अमृतसर में Bandi Singhs की रिहाई की मांग को लेकर बंद, बाजार-स्कूल बंद; बस सेवाएं भी प्रभावित
कौमी इंसाफ मोर्चा के राज्यव्यापी बंद का अमृतसर में व्यापक असर, सात घंटे तक सामान्य जनजीवन प्रभावित; गोल्डन गेट पर प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया
सिख बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को अमृतसर में सात घंटे का बंद रहा। बाजार और शिक्षण संस्थान largely बंद रहे, जबकि अंतरराज्यीय बस सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
अमृतसर में शुक्रवार को कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से सिख बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर बुलाए गए राज्यव्यापी बंद का व्यापक असर देखने को मिला। करीब सात घंटे तक चले बंद के दौरान शहर में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। प्रमुख बाजारों, दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और शिक्षण संस्थानों ने बंद के समर्थन में अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
बंद का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ा। केंद्रीय बस टर्मिनल से चलने वाली अंतरराज्यीय बस सेवाएं निलंबित रहीं, जिससे यात्रियों की आवाजाही काफी कम हो गई। हालांकि, सड़कों पर कुछ निजी वाहन चलते दिखाई दिए।
बाजार और शिक्षण संस्थान रहे बंद
कौमी इंसाफ मोर्चा के बंद के आह्वान के बाद शहर के प्रमुख बाजारों, खुदरा दुकानों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में अधिकांश प्रतिष्ठानों के शटर बंद रहे। कई व्यावसायिक संस्थानों ने प्रदर्शन के समर्थन में अपने कारोबार को बंद रखा।शहर के शिक्षण संस्थानों पर भी इसका असर पड़ा और अधिकांश संस्थान बंद रहे। इसके चलते आम दिनों की तुलना में सड़कों और बाजारों में काफी कम गतिविधि देखने को मिली।
बस सेवाएं भी रहीं प्रभावित
बंद के दौरान अमृतसर के केंद्रीय बस टर्मिनल से संचालित होने वाली अंतरराज्यीय बस सेवाएं निलंबित रहीं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई।
हालांकि, सीमित संख्या में निजी वाहन सड़कों पर चलते रहे।
संगठनों ने दुकानदारों और लोगों का जताया आभार
बंद के समर्थन में विभिन्न संगठनों के सदस्य भी सक्रिय रहे। अकाली दल वारिस पंजाब दे से जुड़े शमशेर सिंह पढ़री, शहरी अध्यक्ष अमनदीप सिंह दद्दूआना और युवा विंग अध्यक्ष सुखबीर सिंह चीमा समेत अन्य नेताओं ने बंद के दौरान समर्थन देने वाले दुकानदारों और स्थानीय निवासियों का आभार जताया।
नेताओं ने कहा कि लोगों और व्यापारियों का समर्थन बंद को सफल बनाने में महत्वपूर्ण रहा।
गोल्डन गेट पर प्रदर्शन से बढ़ा तनाव
बंद के दौरान शहर में स्थिति अधिकांश समय शांतिपूर्ण रही, लेकिन जालंधर-अमृतसर हाईवे पर गोल्डन गेट के पास कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
सिख यूथ फेडरेशन भिंडरांवाले के कार्यकर्ताओं ने वहां वाहनों की आवाजाही बाधित करने का प्रयास किया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच करीब 10 मिनट तक गतिरोध रहा।
कई प्रदर्शनकारी नेता हिरासत में
ADCP हरपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने सिख यूथ फेडरेशन भिंडरांवाले के अध्यक्ष रणजीत सिंह दमदमी टकसाल, उपाध्यक्ष भूपिंदर सिंह, महासचिव गगनदीप सिंह सुल्तानविंड और कुछ अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए उन बंदी सिंहों की तत्काल रिहाई की मांग की, जो अपनी सजा पूरी कर चुके हैं।
प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से जगतार सिंह हवारा को पैरोल नहीं दिए जाने का विरोध किया।
दोपहर बाद हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ा
पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को करीब 3:30 बजे रिहा कर दिया गया। इसके बाद स्थिति सामान्य हो गई।
पुलिस के अनुसार, बंद के दौरान शहर में कुल मिलाकर स्थिति शांतिपूर्ण रही और केवल गोल्डन गेट के पास कुछ समय के लिए यातायात बाधित करने का प्रयास किया गया।
Key Highlights:
- कौमी इंसाफ मोर्चा ने बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर राज्यव्यापी बंद बुलाया।
- अमृतसर में करीब सात घंटे तक बंद का असर रहा।
- प्रमुख बाजार, दुकानें और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बंद रहे।
- अधिकांश शिक्षण संस्थान भी बंद रहे।
- केंद्रीय बस टर्मिनल से अंतरराज्यीय बस सेवाएं प्रभावित रहीं।
- शहर में बंद के दौरान स्थिति अधिकांश समय शांतिपूर्ण रही।
- गोल्डन गेट के पास प्रदर्शनकारियों ने यातायात बाधित करने का प्रयास किया।
- पुलिस ने सिख यूथ फेडरेशन भिंडरांवाले के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
- प्रदर्शनकारियों ने सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों की तत्काल रिहाई की मांग की।
- जगतार सिंह हवारा को पैरोल नहीं दिए जाने का भी विरोध किया गया।
- हिरासत में लिए गए लोगों को करीब 3:30 बजे रिहा कर दिया गया।
FAQ Section:
अमृतसर में बंद क्यों बुलाया गया था?
कौमी इंसाफ मोर्चा ने देश की विभिन्न जेलों में बंद सिख कैदियों यानी बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था।
अमृतसर बंद का कितना असर रहा?
बंद के दौरान शहर के प्रमुख बाजार, दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और अधिकांश शिक्षण संस्थान बंद रहे। अंतरराज्यीय बस सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
क्या बंद के दौरान कोई तनाव हुआ?
शहर में बंद काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा, लेकिन जालंधर-अमृतसर हाईवे पर गोल्डन गेट के पास प्रदर्शनकारियों द्वारा यातायात बाधित करने के प्रयास के बाद कुछ देर तनाव की स्थिति बनी।
पुलिस ने किन्हें हिरासत में लिया?
पुलिस ने सिख यूथ फेडरेशन भिंडरांवाले के अध्यक्ष रणजीत सिंह दमदमी टकसाल, उपाध्यक्ष भूपिंदर सिंह, महासचिव गगनदीप सिंह सुल्तानविंड और कुछ अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था।
हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों का क्या हुआ?
पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों को करीब 3:30 बजे रिहा कर दिया।
Conclusion:
बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर बुलाए गए बंद का अमृतसर में व्यापक असर देखने को मिला। बाजारों और शिक्षण संस्थानों के बंद रहने के साथ सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हुआ। हालांकि शहर में स्थिति अधिकांश समय शांतिपूर्ण रही, लेकिन गोल्डन गेट पर कुछ समय के लिए प्रदर्शन और यातायात बाधित होने से तनाव पैदा हुआ। पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
