Haryana Teacher Recruitment: Nuh में 240 चयनित PRT में सिर्फ 13 पहुंचे, 227 ने नहीं कराया डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

मेवात कैडर के तहत शिक्षकों की कमी दूर करने की कोशिश को झटका; अंतिम अवसर के बावजूद अधिकांश चयनित उम्मीदवार सत्यापन के लिए नहीं पहुंचे

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हरियाणा के नूंह में शिक्षक भर्ती को लेकर एक बार फिर गंभीर चुनौती सामने आई है। अंतिम दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाए गए 240 चयनित प्राथमिक शिक्षकों में सिर्फ 13 उम्मीदवार पहुंचे, जबकि 227 अनुपस्थित रहे।

 

नूंह में शिक्षक भर्ती पर फिर बड़ा सवाल

हरियाणा के नूंह जिले में सरकारी स्कूलों की शिक्षक कमी दूर करने के लिए की जा रही भर्ती प्रक्रिया को झटका लगा है। अंतिम दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाए गए 240 चयनित प्राथमिक शिक्षक उम्मीदवारों में से केवल 13 ही निर्धारित प्रक्रिया में शामिल हुए।

18 अगस्त को आठ उम्मीदवार पहुंचे, जबकि 19 अगस्त को पांच और उम्मीदवारों ने दस्तावेज सत्यापन कराया। इस तरह कुल 13 उम्मीदवार उपस्थित हुए और 227 उम्मीदवार गैरहाजिर रहे।

यह स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उम्मीदवारों को पहले भी दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया था। अगस्त की प्रक्रिया को अंतिम अवसर बताते हुए विभाग ने स्पष्ट किया था कि अनुपस्थित रहने पर बिना किसी अन्य सूचना के चयन रद्द कर दिया जाएगा।

जुलाई में भी उम्मीदवार नहीं पहुंचे थे

दस्तावेज सत्यापन के लिए यह दूसरा मौका था। इससे पहले जुलाई में भी कई चयनित उम्मीदवार सत्यापन प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए थे।

11 अगस्त को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, मेवात की ओर से जारी नोटिस के तहत उम्मीदवारों को Government Model Sanskriti Senior Secondary School, Tanki Wala में दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया था।

नोटिस में साफ कहा गया था कि निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होने पर उम्मीदवार का चयन बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के रद्द माना जाएगा।

मेवात कैडर के बावजूद नहीं सुधरी स्थिति

नूंह में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए मेवात कैडर की व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है। यह कैडर वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार के दौरान बनाया गया था।

इसका उद्देश्य नूंह के स्कूलों को राज्य में होने वाले सामान्य तबादला और पोस्टिंग की प्रक्रिया से अलग रखते हुए शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना था। इसके तहत जिले के लिए 5,000 स्वीकृत पद विशेष रूप से निर्धारित किए गए थे।

5,000 पदों के मुकाबले करीब 600 भर्ती

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इन 5,000 पदों में से करीब 600 पदों पर ही शिक्षकों की भर्ती हो सकी। बाद में इनमें से भी कई शिक्षक सामान्य राज्य कैडर में तबादला कराने में सफल रहे, जबकि कुछ को 2014 में सरकार बदलने के बाद प्रतिनियुक्ति पर बाहर भेजा गया।

2018 में सरकार ने मेवात कैडर के शिक्षकों को जिले से बाहर जाने से रोकने के लिए नियमों को और सख्त किया था। इसके बावजूद अनुमान के मुताबिक करीब 70 प्रतिशत शिक्षक पहले ही कैडर से बाहर जा चुके थे।

नूंह के 435 सरकारी स्कूलों में 1,299 शिक्षकों की कमी

शिक्षकों की कमी का असर आज भी नूंह के सरकारी स्कूलों में दिखाई दे रहा है। जिले के पांच ब्लॉकों के 435 सरकारी स्कूलों में JBT/PRT शिक्षकों के 1,299 पद खाली बताए गए हैं।

ब्लॉकवार स्थिति इस प्रकार है:

  • Ferozepur Jhirka: 292 पद खाली
  • Nuh: 347 पद खाली
  • Punhana: 300 पद खाली
  • Nagina: 218 पद खाली
  • Tauru: 142 पद खाली

ऐसे में चयनित उम्मीदवारों का नियुक्ति प्रक्रिया से पहले ही पीछे हटना जिले की शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंता बढ़ाने वाला विषय है।

शिक्षा के मामले में नूंह की स्थिति चिंताजनक

नूंह की शिक्षा व्यवस्था की चुनौती का अंदाजा केंद्र शिक्षा मंत्रालय के Performance Grading Index (PGI) 2024-25 से भी लगाया जा सकता है। रिपोर्ट में नूंह को 1,000 में केवल 275 अंक मिले।

वहीं, पड़ोसी गुरुग्राम ने हरियाणा की राज्य स्तरीय रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन किया।

स्कूलों में शिक्षकों के साथ बुनियादी सुविधाओं की भी कमी

PGI केवल विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों का मूल्यांकन नहीं करता, बल्कि स्कूलों के बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक व्यवस्था को भी इसमें शामिल किया जाता है।

नूंह में कई स्कूलों में कार्यशील शौचालय, विज्ञान प्रयोगशाला और पुस्तकालय जैसी सुविधाओं की कमी बताई गई है। कुछ संस्थानों में चारदीवारी की समस्या भी है। इसके अलावा शिक्षकों के साथ-साथ प्रधानाचार्यों की कमी भी बनी हुई है।

प्रधानाचार्यों के पद खाली होने से कई स्कूलों में प्रशासनिक निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था भी प्रभावित होती है।

Key Highlights:

• नूंह में दस्तावेज सत्यापन के लिए 240 चयनित PRT उम्मीदवार बुलाए गए थे।
• केवल 13 उम्मीदवार सत्यापन के लिए पहुंचे।
• 227 उम्मीदवार अनुपस्थित रहे।
• 18 अगस्त को 8 और 19 अगस्त को 5 उम्मीदवार पहुंचे।
• यह उम्मीदवारों के लिए दूसरा और अंतिम अवसर बताया गया था।
• अनुपस्थित रहने पर चयन रद्द करने की चेतावनी दी गई थी।
• नूंह में मेवात कैडर वर्ष 2012 में बनाया गया था।
• मेवात कैडर में 5,000 पद स्वीकृत किए गए थे।
• जिले के 435 सरकारी स्कूलों में 1,299 JBT/PRT पद खाली बताए गए हैं।
• Ferozepur Jhirka में 292, Nuh में 347 और Punhana में 300 पद रिक्त हैं।
• PGI 2024-25 में नूंह को 1,000 में 275 अंक मिले।

FAQ Section:

नूंह में कितने PRT उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया था?

कुल 240 चयनित प्राथमिक शिक्षक उम्मीदवारों को अंतिम दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया था।

दस्तावेज सत्यापन के लिए कितने उम्मीदवार पहुंचे?

18 और 19 अगस्त को कुल 13 उम्मीदवार दस्तावेज सत्यापन के लिए पहुंचे।

कितने उम्मीदवार अनुपस्थित रहे?

कुल 227 चयनित उम्मीदवार दस्तावेज सत्यापन के लिए नहीं पहुंचे।

मेवात कैडर कब बनाया गया था?

नूंह की शिक्षक जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से मेवात कैडर वर्ष 2012 में बनाया गया था।

नूंह में कितने JBT/PRT पद खाली हैं?

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले के 435 सरकारी स्कूलों में JBT/PRT शिक्षकों के 1,299 पद खाली हैं।

नूंह का PGI 2024-25 स्कोर कितना रहा?

केंद्र शिक्षा मंत्रालय के Performance Grading Index 2024-25 में नूंह को 1,000 में 275 अंक मिले।

Conclusion:

नूंह में चयनित प्राथमिक शिक्षक उम्मीदवारों की बड़ी संख्या में गैरहाजिरी ने जिले की लंबे समय से चली आ रही शिक्षक कमी और मेवात कैडर की चुनौती को फिर सामने ला दिया है। विशेष कैडर, सख्त नियमों और बार-बार भर्ती प्रयासों के बावजूद यदि चयनित उम्मीदवार नियुक्ति प्रक्रिया में आगे नहीं आते हैं, तो सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करना मुश्किल होगा। अब विभाग के सामने एक ओर रिक्त पदों को भरने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर चयनित उम्मीदवारों को नूंह में सेवा के लिए तैयार करने और नियुक्ति प्रक्रिया को प्रभावी बनाने की जरूरत है।Screenshot_938

Edited By: Atul Sharma

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