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छात्रों का तनाव कम करने के लिए ‘माइंडफुलनेस’ अनिवार्य: पंजाब के स्कूलों में रोज 20 मिनट का सत्र
मिशन समर्थ के तहत नया कार्यक्रम लागू, अब 9 पीरियड का टाइम-टेबल; भावनात्मक संतुलन पर जोर
पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने छात्रों में बढ़ते तनाव को देखते हुए सभी सरकारी स्कूलों में रोजाना 20 मिनट का माइंडफुलनेस कार्यक्रम अनिवार्य कर दिया है। यह पहल मिशन समर्थ के तहत शुरू की गई है।
छात्रों में बढ़ते तनाव स्तर को कम करने के प्रयास में पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने मिशन समर्थ के तहत 30 अप्रैल से सभी सरकारी मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में रोजाना माइंडफुलनेस कार्यक्रम लागू करना अनिवार्य कर दिया है।
⏰ दैनिक सत्र की व्यवस्था
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) द्वारा 27 अप्रैल को जारी निर्देशों के अनुसार, हर स्कूल को दिन की शुरुआत में 20 मिनट का विशेष माइंडफुलनेस सत्र आयोजित करना होगा।
इस व्यवस्था के लिए मौजूदा 8 पीरियड के टाइम-टेबल को बढ़ाकर 9 पीरियड किया जाएगा।
स्कूलों को यह समय सुबह की प्रार्थना सभा में बदलाव करके और अंतिम तीन पीरियड से 5-5 मिनट कम करके निकालने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पढ़ाई पर कम से कम असर पड़े।
🧠 माइंडफुलनेस गतिविधियां
यह कार्यक्रम केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि गतिविधि-आधारित होगा।
छात्रों को निम्न गतिविधियों में शामिल किया जाएगा:
- ध्यानपूर्वक सांस लेना (Mindful Breathing)
- अपने विचारों और भावनाओं पर चिंतन
- सकारात्मक पुष्टि (Affirmations)
- कल्पना (Visualisation)
- कृतज्ञता अभ्यास (Gratitude Exercises)
इन सभी गतिविधियों को एक मानकीकृत 12-स्टेप फॉर्मेट में किया जाएगा, जिसके लिए स्कूलों को विशेष बुकलेट और एक्टिविटी शीट्स दी गई हैं।
👩🏫 कार्यान्वयन और उद्देश्य
अधिकारियों के अनुसार, इन सत्रों को कक्षा अध्यापक स्कूल प्रमुखों की निगरानी में संचालित करेंगे।
इसका मुख्य उद्देश्य है:
- भावनाओं पर खुलकर बातचीत को सामान्य बनाना
- छात्रों को तनाव प्रबंधन के सरल तरीके सिखाना
- ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करना
🎯 निष्कर्ष
यह पहल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे वे पढ़ाई के साथ-साथ भावनात्मक रूप से भी मजबूत बन सकें।
