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INDIA गठबंधन में खींचतान: क्षेत्रीय दल बना सकते हैं कांग्रेस से अलग ‘प्रेशर ग्रुप’
लखनऊ में चुनाव परिणामों के बाद बैठक की तैयारी, सपा को समर्थन का संकेत
कांग्रेस-नेतृत्व वाले INDIA Alliance के प्रमुख क्षेत्रीय दल कांग्रेस से अलग एक प्रेशर ग्रुप बनाने के लिए लखनऊ में बैठक की योजना बना रहे हैं।
कांग्रेस-नेतृत्व वाले INDIA Alliance के प्रमुख क्षेत्रीय घटक असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव परिणाम 4 मई को आने के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में बैठक करने की योजना बना रहे हैं। इस बैठक का उद्देश्य एक अलग “प्रेशर ग्रुप” बनाना है।
🤝 कांग्रेस से अलग रणनीति
All India Trinamool Congress (TMC) के एक नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि कांग्रेस से अलग समूह बनाने का फायदा यह होगा कि Biju Janata Dal (BJD), Bharat Rashtra Samithi (BRS) और YSR Congress Party जैसे दलों को साथ लाना आसान होगा, जो आमतौर पर कांग्रेस से दूरी बनाए रखते हैं।
🗳️ उत्तर प्रदेश चुनाव पर नजर
बैठक के लिए लखनऊ को चुनना भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
यह कदम Akhilesh Yadav के नेतृत्व वाली Samajwadi Party (SP) को समर्थन देने का संकेत भी माना जा रहा है, जो सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है।
📊 लोकसभा चुनाव का संदर्भ
2024 के लोकसभा चुनाव में:
- Samajwadi Party ने 80 में से 37 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया
- कांग्रेस की सीटें 1 से बढ़कर 6 हो गईं
- Bharatiya Janata Party (BJP) की सीटें 62 से घटकर 33 रह गईं
👥 संभावित प्रेशर ग्रुप के सदस्य
सूत्रों के अनुसार इस नए समूह में शामिल हो सकते हैं:
- Samajwadi Party (SP)
- All India Trinamool Congress (TMC)
- Jharkhand Mukti Morcha (JMM)
- Shiv Sena (UBT)
- Aam Aadmi Party (AAP)
हालांकि AAP अब औपचारिक रूप से गठबंधन का हिस्सा नहीं है, लेकिन संसद में विपक्षी रणनीति में शामिल रहती है।
🧭 राजनीतिक सहयोग के उदाहरण
इन दलों ने कई राज्यों में एक-दूसरे का समर्थन किया है:
- दिल्ली चुनाव 2025 में SP और TMC ने AAP का समर्थन किया
- पश्चिम बंगाल में Arvind Kejriwal ने TMC के लिए प्रचार किया
- Akhilesh Yadav ने भी TMC के समर्थन में बयान दिया
🧩 निष्कर्ष
यह संभावित प्रेशर ग्रुप विपक्षी राजनीति में नई रणनीतिक दिशा का संकेत देता है, जहां क्षेत्रीय दल अपनी स्वतंत्र पहचान और प्रभाव को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
