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NIDHI-Technology Business Incubator का पीएयू में बूट कैंप, स्टार्टअप्स को मिला नया मंच
Punjab Agricultural University में दो दिवसीय आयोजन, कृषि आधारित नवाचार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा
पीएयू में आयोजित एनआईडीएचआई-टीबीआई बूट कैंप में स्टार्टअप्स और नवाचारकों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और व्यवसायिक कौशल सीखने का अवसर मिला।
NIDHI-Technology Business Incubator (NIDHI-TBI) ने Punjab Agricultural University में विश्वविद्यालय प्रशासन और विस्तार शिक्षा निदेशालय के सहयोग से दो दिवसीय बूट कैंप का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में स्टार्टअप्स, उद्यमियों और नवाचारकों ने भाग लिया।
आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन उभरते उद्यमियों, स्टार्टअप्स और कृषि आधारित नवाचारकों के लिए एक सशक्त मंच साबित हुआ, जहां उन्होंने मूल्यवर्धित उत्पादों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता और क्षमता का प्रदर्शन किया।
बूट कैंप में फलों, सब्जियों, अनाज और दालों से तैयार किए गए कई नवाचार उत्पाद प्रदर्शित किए गए। प्रतिभागियों ने स्किनकेयर उत्पाद, पैकेज्ड कोल्ड-प्रेस्ड तेल, मिलेट आधारित बेकरी आइटम, बायो-एंजाइम क्लीनर और हैंडवॉश, फलों के जैम, प्रोसेस्ड हल्दी पाउडर और दालें, गुड़ और उससे बने उत्पाद, रेडी-टू-ईट और रेडी-टू-कुक खाद्य पदार्थ, प्रोटीन बार और पाउडर जैसे कई उत्पाद प्रस्तुत किए।
इन उत्पादों ने कृषि क्षेत्र में स्थिरता, विविधीकरण और मूल्यवर्धन पर बढ़ते जोर को दर्शाया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार पारंपरिक कृषि उत्पादों को व्यावसायिक रूप से लाभदायक उत्पादों में बदला जा सकता है।
इस बूट कैंप ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक सीखने का अवसर भी प्रदान किया, जहां उन्होंने संभावित ग्राहकों के साथ संवाद किया, तुरंत प्रतिक्रिया प्राप्त की और अपनी मार्केटिंग रणनीतियों व बिक्री तकनीकों को बेहतर बनाया।
आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार का व्यावहारिक अनुभव प्रतिभागियों के आत्मविश्वास और व्यवसायिक समझ को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यह पहल Ramandeep Singh के मार्गदर्शन में आयोजित की गई, जो NIDHI-TBI के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर और स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज (SBS), पीएयू के निदेशक हैं। उन्हें Poonam A Sachdev का सहयोग प्राप्त हुआ।
इस बूट कैंप के माध्यम से प्रतिभागियों को उत्पाद विकास, ब्रांडिंग और मार्केट पोजिशनिंग से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई, जिससे वे बदलते बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।
कार्यक्रम के दौरान किसानों, छात्रों और नए उद्यमियों को कृषि क्षेत्र में नए व्यापारिक अवसरों की तलाश करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। विशेषज्ञों ने कृषि आय बढ़ाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने में मूल्यवर्धन की अहम भूमिका पर जोर दिया।
इस पहल ने प्रतिभागियों को उद्यमशील सोच विकसित करने और कृषि व्यवसाय में वैज्ञानिक नवाचारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
