Samyukta Kisan Morcha के आह्वान पर किसानों का प्रदर्शन, लंबित मांगों को पूरा करने की उठी आवाज

डीसी कार्यालय के बाहर किसानों का हंगामा, एडीसी को सौंपा मांग पत्र

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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर कर्ज माफी, MSP और अन्य लंबित मांगों को लागू करने की मांग की।

Samyukta Kisan Morcha (SKM) के आह्वान पर किसानों ने सोमवार को डिप्टी कमिश्नर (डीसी) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। किसानों ने अपनी “लंबे समय से लंबित” मांगों को स्वीकार करने और पहले से स्वीकृत मांगों को लागू करने की मांग उठाई।

प्रदर्शन के अंत में काफी हंगामा देखने को मिला, जब प्रदर्शनकारी किसानों ने तहसीलदार को मांग पत्र देने से इनकार कर दिया। किसानों का कहना था कि डीसी या अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ADC) खुद बाहर आकर मांग पत्र स्वीकार करें।

प्रदर्शनकारी किसान डीसी कार्यालय के मुख्य गेट तक पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई। अंततः दबाव में आकर एडीसी ने बाहर आकर किसानों से मांग पत्र स्वीकार किया।

किसानों ने अपनी मांगों में किसानों और मजदूरों के लिए कर्ज माफी, कर्ज या आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों को 10 लाख रुपये मुआवजा, जल संरक्षण के लिए ठोस प्रयास और हर खेत तक नहर का पानी पहुंचाने की मांग की।

उन्होंने यह भी मांग की कि नदी जल विवादों का समाधान रिपेरियन-बेसिन सिद्धांत और संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार किया जाए।

प्रदर्शनकारियों ने नदियों, नहरों और ड्रेनों में प्रदूषित पानी के बहाव को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग भी की।

किसानों ने केंद्र सरकार द्वारा राज्य के अधिकारों में “हस्तक्षेप” को बंद करने की मांग करते हुए सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद सुनिश्चित करने की बात कही।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, अमेरिका के दबाव में किए गए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को रद्द किया जाना चाहिए, साथ ही बिजली से संबंधित नीतियों को भी वापस लिया जाए।Screenshot_134

Edited By: Karan Singh

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