NEET-UG पेपर लीक के बाद देशभर में हड़कंप, 21 जून को फिर परीक्षा; CBT मोड पर शिफ्ट को लेकर बढ़ी बहस

23 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों पर असर, विशेषज्ञ बोले—सिर्फ मोड बदलने से नहीं सुधरेगी परीक्षा प्रणाली, सिस्टम में बड़े सुधार जरूरी

On

NEET-UG पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द कर 21 जून को पुनः परीक्षा तय की गई है। CBT मोड में बदलाव की तैयारी है, लेकिन छात्रों और विशेषज्ञों ने व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

NEET-UG पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) में पेपर लीक की घटना के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया है। 3 मई को आयोजित परीक्षा को रद्द कर दिया गया है, जिससे लाखों छात्रों की मेहनत पर असर पड़ा है।

21 जून को होगी पुनः परीक्षा

अब NEET-UG की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि इस बार परीक्षा में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे और सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।

2027 से CBT मोड की तैयारी

सरकार परीक्षा को 2027 से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में बदलने की योजना पर भी काम कर रही है, ताकि पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

छात्रों में तनाव और निराशा का माहौल

पेपर रद्द होने से देशभर के छात्रों में चिंता, तनाव और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि उनकी महीनों की तैयारी बेकार चली गई।

अमृतसर और लुधियाना के छात्रों की प्रतिक्रिया

अमृतसर के सत्या‍म वशिष्ट ने कहा कि यह उनके लिए बड़ा झटका है, लेकिन वे फिर से तैयारी कर रहे हैं। वहीं लुधियाना के अनहद सिंह ने कहा कि छात्रों की गलती नहीं होने के बावजूद उन्हें मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है।

CBT मोड पर उठ रहे सवाल

विशेषज्ञों और कोचिंग मेंटरों ने CBT मोड में बदलाव को लेकर गंभीर शंकाएं जताई हैं।

23 लाख छात्रों के लिए बड़ी चुनौती

NEET में हर साल 23 लाख से ज्यादा छात्र शामिल होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एक साथ CBT परीक्षा कराने के लिए देशभर में हजारों सुरक्षित कंप्यूटर केंद्रों की जरूरत होगी, जो एक बड़ी चुनौती है।

सिस्टम और सुरक्षा पर सवाल

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ परीक्षा का मोड बदलना समस्या का समाधान नहीं है। सिस्टम में मौजूद खामियों और भ्रष्टाचार पर भी ध्यान देना जरूरी है।

मल्टी-शिफ्ट परीक्षा और नॉर्मलाइजेशन विवाद

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मल्टी-शिफ्ट परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया विवाद पैदा कर सकती है, क्योंकि अलग-अलग शिफ्ट में पेपर की कठिनाई अलग हो सकती है।

तकनीकी और लॉजिस्टिक चुनौतियां

कोचिंग विशेषज्ञों ने कहा कि CBT मोड में सर्वर फेलियर, पावर कट और तकनीकी खराबियों का खतरा बना रहता है, जिससे परीक्षा प्रभावित हो सकती है।

राधाकृष्णन समिति की सिफारिशें

पूर्व ISRO प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली समिति ने NEET विवाद के बाद CBT या हाइब्रिड मोड में धीरे-धीरे बदलाव और NTA में सुधार की सिफारिश की थी, लेकिन अब तक इन पर पूरी तरह अमल नहीं हो सका है।


Key Highlights:

  • NEET-UG पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द
  • 21 जून को पुनः परीक्षा आयोजित होगी
  • 2027 से CBT मोड लागू करने की योजना
  • 23 लाख से अधिक छात्रों पर असर
  • विशेषज्ञों ने सिस्टम सुधार की मांग की
  • मल्टी-शिफ्ट और नॉर्मलाइजेशन पर विवाद
  • छात्रों में तनाव और अनिश्चितता

FAQ Section:

Q1. NEET-UG परीक्षा क्यों रद्द हुई?

पेपर लीक की घटना के कारण परीक्षा रद्द की गई।

Q2. नई परीक्षा कब होगी?

पुनर्परीक्षा 21 जून को होगी।

Q3. क्या परीक्षा CBT मोड में होगी?

सरकार 2027 से CBT मोड लागू करने की योजना बना रही है।

Q4. छात्रों की मुख्य चिंता क्या है?

पेपर लीक, सिस्टम की खामियां और परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर चिंता है।


Conclusion:
NEET-UG विवाद ने देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां सरकार तकनीकी बदलाव की ओर बढ़ रही है, वहीं विशेषज्ञ और छात्र इसे केवल आंशिक समाधान मान रहे हैं और व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।Screenshot_1674

Edited By: Karan Singh

खबरें और भी हैं

नगर निकाय चुनाव में BJP की जीत पर 2027 का दावा, रवनीत बिट्टू बोले—कार्यकर्ताओं का उत्साह सरकार की नींव

Advertisement

नवीनतम

नगर निकाय चुनाव में BJP की जीत पर 2027 का दावा, रवनीत बिट्टू बोले—कार्यकर्ताओं का उत्साह सरकार की नींव नगर निकाय चुनाव में BJP की जीत पर 2027 का दावा, रवनीत बिट्टू बोले—कार्यकर्ताओं का उत्साह सरकार की नींव
केंद्र मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने नगर निकाय चुनावों में BJP उम्मीदवारों के उत्साह को 2027 में सरकार बनने का...
यमुनानगर में पराली जलाने पर सख्त कार्रवाई, 6 किसानों पर रेड एंट्री, MSP बिक्री पर 2 सीजन का प्रतिबंध
होशियारपुर में 96 नई स्ट्रीट लाइट्स का उद्घाटन, एमसी ने शहर के विकास पर खर्च किए ₹10 करोड़
हरियाणा में सूरजमुखी की खरीद 25 मई से शुरू, सरकार ने किसानों की मांग पर बदली तारीख
जालंधर में सिख संगठनों की बैठक, ‘सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026’ पर जताई आपत्ति
Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software