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पीएयू के वैज्ञानिकों ने किसानों को सिखाए कीट नियंत्रण के पर्यावरण-अनुकूल तरीके
समराला के बर्मा गांव में फील्ड डे आयोजित, खीरा और भिंडी की फसलों पर विशेष ध्यान
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने समराला के गांव बर्मा में किसानों को खीरा और भिंडी पर लगने वाले कीटों के पर्यावरण-अनुकूल नियंत्रण के तरीके बताए और आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया।
Punjab Agricultural University (पीएयू) के कीट वैज्ञानिकों ने खेतों में जाकर समराला के बर्मा गांव के किसानों को खीरा और भिंडी की फसलों पर लगने वाले माइट्स (सूक्ष्म कीटों) के पर्यावरण-अनुकूल प्रबंधन के बारे में जानकारी दी।
यह फील्ड डे All India Network Project on Agricultural Acarology, पीएयू के कीट विज्ञान विभाग और Krishi Vigyan Kendra Samrala द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में कीट विज्ञान विभाग की प्रमुख मनमीत ब्रार भुल्लर और विस्तार शिक्षा विभाग के प्रमुख एवं केवीके के सह निदेशक विपिन रामपाल आयोजन टीम का हिस्सा रहे।
विशेषज्ञों ने किसानों को कीट प्रबंधन के लिए उपयोगी तकनीकों का प्रदर्शन किया। इस फील्ड डे में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और कार्यक्रम के अंत में चर्चा सत्र आयोजित किया गया।
किसानों ने अपने खेतों के अनुभव साझा किए और विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए विशेषज्ञों से सुझाव भी लिए।
वीर प्रताप ने क्षेत्र में सब्जी उत्पादन पर प्रकाश डाला, जबकि अमनप्रीत सिंह ने जैविक खेती में अपनाई जा रही तकनीकों के बारे में जानकारी दी।
विपिन रामपाल ने कीटों के जैव-तार्किक (बायो-रैशनल) प्रबंधन के महत्व को समझाया और केवीके द्वारा चलाई जा रही गतिविधियों के बारे में बताया। उन्होंने किसानों से विश्वविद्यालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपडेट रहने की अपील भी की।

