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प्रो. यादविंदर सिंह बराड़ बने IKGPTU के कार्यवाहक कुलपति, 34 वर्षों के अनुभव के साथ संभाली नई जिम्मेदारी
डॉ. सुशील मित्तल का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रो. बराड़ ने संभाला कार्यभार, पंजाब सरकार ने जारी किए नियुक्ति आदेश
आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (IKGPTU) के डीन अकादमिक एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रो. यादविंदर सिंह बराड़ ने विश्वविद्यालय के 20वें कार्यवाहक कुलपति (Vice-Chancellor) का कार्यभार संभाल लिया है। उनके पास शिक्षण, शोध और प्रशासन का 34 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
IKGPTU को मिला नया कार्यवाहक कुलपति, प्रो. यादविंदर सिंह बराड़ ने संभाली कमान
कपूरथला स्थित आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (IKGPTU) में नेतृत्व परिवर्तन के तहत प्रो. यादविंदर सिंह बराड़ ने विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति (Officiating Vice-Chancellor) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। नियमित कुलपति डॉ. सुशील मित्तल का कार्यकाल पूरा होने के बाद पंजाब सरकार के तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने उनकी नियुक्ति के आदेश जारी किए।
H2: डॉ. सुशील मित्तल के कार्यकाल के बाद संभाली जिम्मेदारी
प्रो. यादविंदर सिंह बराड़ ने विश्वविद्यालय के 20वें कार्यवाहक कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। उनकी नियुक्ति पंजाब सरकार के तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत की गई।
पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने इस जिम्मेदारी के लिए पंजाब के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति गुलाब चंद कटारिया, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, तकनीकी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, विश्वविद्यालय बोर्ड के चेयरमैन अनूप बेक्टर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।H2: 34 वर्षों का शिक्षण, शोध और प्रशासनिक अनुभव
मोगा जिले के निवासी प्रो. बराड़ ने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है।
H3: कई प्रतिष्ठित संस्थानों में दी सेवाएं
उन्होंने 34 वर्षों से अधिक समय तक शिक्षण, अनुसंधान और प्रशासनिक क्षेत्र में योगदान दिया है। इस दौरान उन्होंने बठिंडा स्थित ज्ञानी जैल सिंह कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी तथा लुधियाना के गुरु नानक देव इंजीनियरिंग कॉलेज में फैकल्टी सदस्य के रूप में भी सेवाएं दीं।
H2: 200 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित
शैक्षणिक क्षेत्र में प्रो. बराड़ का योगदान उल्लेखनीय रहा है। उनके नाम 200 से अधिक शोध पत्र (Research Papers) प्रकाशित हैं, जो इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में उनके अनुभव और विशेषज्ञता को दर्शाते हैं।
H2: विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ पदभार ग्रहण समारोह
कार्यभार संभालने के अवसर पर कुलपति सचिवालय में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय की प्रगति, विद्यार्थियों की शैक्षणिक सफलता और कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रार्थना की गई।
विश्वविद्यालय ऑफिसर्स एसोसिएशन और कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने प्रो. बराड़ का स्वागत करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
Key Highlights:
- प्रो. यादविंदर सिंह बराड़ बने IKGPTU के 20वें कार्यवाहक कुलपति।
- डॉ. सुशील मित्तल का कार्यकाल पूरा होने के बाद मिली जिम्मेदारी।
- पंजाब सरकार के तकनीकी शिक्षा विभाग ने जारी किए नियुक्ति आदेश।
- 34 वर्षों से अधिक का शिक्षण, शोध और प्रशासनिक अनुभव।
- 200 से अधिक रिसर्च पेपर प्रकाशित।
- मोगा के निवासी और पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई।
FAQ Section
Q1. IKGPTU के नए कार्यवाहक कुलपति कौन बने हैं?
प्रो. यादविंदर सिंह बराड़ ने IKGPTU के कार्यवाहक कुलपति के रूप में पदभार संभाला है।
Q2. उन्होंने किसके स्थान पर जिम्मेदारी संभाली है?
उन्होंने नियमित कुलपति डॉ. सुशील मित्तल का कार्यकाल पूरा होने के बाद यह जिम्मेदारी संभाली है।
Q3. प्रो. बराड़ का शैक्षणिक अनुभव कितना है?
उनके पास शिक्षण, शोध और प्रशासन का 34 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
Q4. उन्होंने किस विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है?
उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की है।
Q5. उनके नाम कितने शोध पत्र प्रकाशित हैं?
प्रो. बराड़ के नाम 200 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हैं।
Conclusion:
प्रो. यादविंदर सिंह बराड़ की नियुक्ति IKGPTU के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव मानी जा रही है। उनके लंबे शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुभव से विश्वविद्यालय में शोध, तकनीकी शिक्षा और अकादमिक गुणवत्ता को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
