पंजाब के 7 जिलों में पराली जलाने पर सख्ती, CAQM ने DC और SSP को दिए निगरानी बढ़ाने के निर्देश

फसल अवशेष जलाने की घटनाओं में बढ़ोतरी के बाद एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन अलर्ट, शाम के समय विशेष निगरानी और किसानों को जागरूक करने पर जोर।

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पंजाब में धान की पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सात जिलों के प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने और किसानों को पराली प्रबंधन के वैकल्पिक तरीकों के प्रति जागरूक करने को कहा है।

पंजाब में धान की कटाई के बीच पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य में हाल के दिनों में खेतों में पराली जलाने की घटनाओं में बढ़ोतरी के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सात जिलों के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं।

रविवार को आयोग के सदस्य सचिव तरुण पिठोड़े ने संबंधित जिलों के उपायुक्तों (DC), जिला मजिस्ट्रेट (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP) के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पराली जलाने की रोकथाम, फसल अवशेष प्रबंधन और प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लिया गया।

पंजाब के इन 7 जिलों में बढ़ाई जाएगी निगरानी

CAQM ने जिन सात जिलों के अधिकारियों को निगरानी और कार्रवाई मजबूत करने के निर्देश दिए हैं, उनमें शामिल हैं:

  • फरीदकोट

  • फिरोजपुर

  • बरनाला

  • बठिंडा

  • पटियाला

  • मालेरकोटला

  • संगरूर

बैठक के दौरान आयोग ने संबंधित जिला प्रशासन से पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए अब तक उठाए गए कदमों और आगे की तैयारियों की जानकारी ली।

शाम के समय खेतों पर विशेष नजर रखने के निर्देश

आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।

विशेष रूप से शाम के समय खेतों और ग्रामीण इलाकों में निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि जहां भी पराली जलाने के मामले सामने आएं, वहां तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उल्लंघन मिलने पर तुरंत हो कार्रवाई

CAQM ने स्पष्ट किया कि निगरानी के साथ-साथ नियमों का प्रभावी तरीके से पालन भी जरूरी है। इसके लिए जिला प्रशासन को अपने स्तर पर निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।

पराली प्रबंधन मशीनों के इस्तेमाल पर जोर

समीक्षा बैठक में फसल अवशेष प्रबंधन (CRM) मशीनों की उपलब्धता और उनके इस्तेमाल की भी समीक्षा की गई।

आयोग ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि किसानों के लिए उपलब्ध बेलर और अन्य कृषि मशीनों का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए, ताकि धान की पराली को जलाने के बजाय उसका उचित प्रबंधन किया जा सके।

पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध मशीनों का बेहतर उपयोग होने से किसानों को फसल अवशेषों के निपटारे के वैकल्पिक विकल्प मिल सकते हैं।

किसानों को जागरूक करने के लिए अभियान तेज करने की तैयारी

CAQM ने केवल कार्रवाई पर निर्भर रहने के बजाय किसानों को जागरूक करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

आयोग ने निर्देश दिया कि गांवों और कृषि क्षेत्रों में जागरूकता अभियान तेज किए जाएं। किसानों को पराली जलाने से बचने और फसल अवशेष प्रबंधन के उपलब्ध विकल्पों के बारे में जानकारी दी जाए।

पुलिस विभाग की भागीदारी भी होगी महत्वपूर्ण

आयोग ने पराली जलाने की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन के सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करने को कहा है।

बैठक में विशेष रूप से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। आयोग के अनुसार, पराली जलाने की घटनाओं को रोकने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने में पुलिस विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।

पराली जलाने की रोकथाम पर प्रशासन का फोकस

पंजाब में धान की कटाई के दौरान पराली प्रबंधन एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक चुनौती बना रहता है। ऐसे में CAQM के ताजा निर्देशों के बाद संबंधित जिलों में निगरानी, मशीनों के इस्तेमाल, किसानों के जागरूकता अभियान और नियमों के प्रवर्तन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

Key Highlights:

  • CAQM ने पंजाब के सात जिलों को पराली जलाने पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।

  • फरीदकोट, फिरोजपुर, बरनाला, बठिंडा, पटियाला, मालेरकोटला और संगरूर शामिल।

  • आयोग के सदस्य सचिव तरुण पिठोड़े ने DC, DM और SSP के साथ समीक्षा बैठक की।

  • शाम के समय खेतों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया।

  • पराली प्रबंधन के लिए बेलर और CRM मशीनों के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर।

  • किसानों के बीच जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश।

  • पराली जलाने की रोकथाम में पुलिस विभाग की भागीदारी बढ़ाने को कहा गया।

FAQ Section:

Q1. CAQM ने पंजाब के कितने जिलों को निर्देश जारी किए हैं?

CAQM ने पंजाब के सात जिलों को पराली जलाने की घटनाओं पर निगरानी और कार्रवाई मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

Q2. किन जिलों में निगरानी बढ़ाई जाएगी?

फरीदकोट, फिरोजपुर, बरनाला, बठिंडा, पटियाला, मालेरकोटला और संगरूर में निगरानी बढ़ाई जाएगी।

Q3. CAQM की बैठक किसकी अध्यक्षता में हुई?

समीक्षा बैठक आयोग के सदस्य सचिव तरुण पिठोड़े ने संबंधित जिलों के DC, DM और SSP के साथ की।

Q4. अधिकारियों को शाम के समय निगरानी बढ़ाने के निर्देश क्यों दिए गए?

आयोग ने शाम के समय पराली जलाने की घटनाओं पर विशेष नजर रखने और उल्लंघन मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा है।

Q5. पराली प्रबंधन के लिए किसानों को क्या सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया?

किसानों के लिए उपलब्ध बेलर और अन्य फसल अवशेष प्रबंधन (CRM) मशीनों के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया गया है।

Q6. पराली जलाने की रोकथाम में पुलिस की क्या भूमिका होगी?

पुलिस कर्मियों को निगरानी और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की प्रक्रिया में अधिक सक्रिय रूप से शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

Conclusion:

पंजाब में पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं के बीच CAQM ने सात जिलों के प्रशासन को निगरानी और कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। शाम के समय विशेष निगरानी, CRM मशीनों का इस्तेमाल, किसानों को जागरूक करना और पुलिस की सक्रिय भागीदारी इस अभियान के प्रमुख हिस्से होंगे। अब इन निर्देशों को जमीनी स्तर पर लागू करने की जिम्मेदारी संबंधित जिला प्रशासन की होगी।Screenshot_306

Edited By: Atul Sharma

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