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शिवालिक पहाड़ियों में कथित अवैध खनन से पर्यावरण पर खतरा, स्थानीय लोगों ने प्रशासन की भूमिका पर उठाए सवाल
गढ़शंकर-नंगल मार्ग पर शाहपुर और कोट गांव के पास भारी मशीनों से खुदाई के आरोप, वन विभाग और प्रशासन से कार्रवाई की मांग
गढ़शंकर-नंगल रोड पर शाहपुर और कोट गांव के निकट शिवालिक पहाड़ियों में कथित अवैध खुदाई के आरोपों ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भारी मशीनों से बड़े पैमाने पर मिट्टी, रेत और पत्थरों का खनन किया गया, लेकिन अब तक संबंधित विभागों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
शिवालिक पहाड़ियों में कथित अवैध खुदाई पर विवाद, पर्यावरण को नुकसान की आशंका
पंजाब के गढ़शंकर-नंगल मार्ग पर स्थित शाहपुर और कोट गांव के निकट शिवालिक की तलहटी में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अवैध खुदाई किए जाने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय निवासियों का दावा है कि इस गतिविधि से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचा है और संबंधित विभागों की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभागों की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
## भारी मशीनों से खुदाई करने का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार करीब एक सप्ताह पहले शिवालिक पहाड़ियों के कम से कम पांच स्थानों पर भारी मशीनों की मदद से मिट्टी, रेत और पत्थरों की खुदाई की गई।उनका दावा है कि खुदाई की गई सामग्री को सैकड़ों टिप्पर ट्रकों के माध्यम से दिनदहाड़े ले जाया गया। इस दौरान पहाड़ियों की ढलानों पर मौजूद कई पेड़ भी उखड़ गए।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
### वन विभाग और प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि इतने बड़े स्तर पर कथित खुदाई के बावजूद—
- वन विभाग
- खनन विभाग
- जिला प्रशासन
- पुलिस
की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि किसानों के खिलाफ अपने खेतों से थोड़ी मात्रा में मिट्टी या पत्थर हटाने पर भी कार्रवाई की जाती है, जबकि पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील शिवालिक क्षेत्र में कथित बड़े पैमाने पर खुदाई को नजरअंदाज किया गया।
### पौधारोपण क्षेत्र को नुकसान पहुंचने का दावा
स्थानीय लोगों के अनुसार कथित खुदाई उस क्षेत्र में हुई, जहां हाल ही में वन विभाग द्वारा पौधारोपण किया गया था।
ग्रामीणों का दावा है कि पहाड़ियों की ढलानों पर खुदाई के निशान और क्षतिग्रस्त पौधारोपण स्थल स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ गई है।
### भूस्खलन और मिट्टी कटाव का बढ़ सकता है खतरा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि पहाड़ियों की ढलानों को कमजोर किया गया है, तो मानसून के दौरान—
- मिट्टी का कटाव
- भूस्खलन
- बाढ़ जैसी स्थिति
- सड़क संपर्क प्रभावित होने
का खतरा बढ़ सकता है।
हालांकि, इन आशंकाओं पर संबंधित विभागों की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी उपलब्ध नहीं है।
Key Highlights:
- शाहपुर और कोट गांव के पास शिवालिक पहाड़ियों में कथित अवैध खुदाई के आरोप।
- स्थानीय लोगों ने भारी मशीनों से मिट्टी, रेत और पत्थर निकालने का दावा किया।
- सैकड़ों टिप्पर ट्रकों से सामग्री ले जाने का आरोप।
- वन विभाग के पौधारोपण क्षेत्र को नुकसान पहुंचने की आशंका।
- प्रशासन, वन विभाग और खनन विभाग की भूमिका पर सवाल।
- पर्यावरण, मिट्टी कटाव और भूस्खलन को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई।
FAQ Section
Q1. कथित अवैध खुदाई कहां होने का आरोप है?
गढ़शंकर-नंगल मार्ग पर शाहपुर और कोट गांव के पास शिवालिक पहाड़ियों में।
Q2. स्थानीय लोगों ने क्या आरोप लगाए हैं?
उन्होंने आरोप लगाया है कि भारी मशीनों से मिट्टी, रेत और पत्थरों की बड़े पैमाने पर खुदाई की गई और सामग्री टिप्पर ट्रकों से ले जाई गई।
Q3. किन विभागों पर सवाल उठाए गए हैं?
वन विभाग, खनन विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस की कथित निष्क्रियता पर सवाल उठाए गए हैं।
Q4. पर्यावरण को किस प्रकार का खतरा बताया जा रहा है?
स्थानीय लोगों के अनुसार इससे मिट्टी कटाव, भूस्खलन, बाढ़ और सड़क संपर्क प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।
Q5. क्या इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है?
समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभागों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
Conclusion
शिवालिक क्षेत्र में कथित अवैध खुदाई के आरोपों ने पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल ये दावे स्थानीय लोगों के आरोपों पर आधारित हैं। मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित विभागों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
