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अमृतसर में वायरल भर्ती विज्ञापन निकला फर्जी, प्रशासन ने जारी की चेतावनी; सर्वे ड्यूटी के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन
ड्रग सर्वे के नाम पर ₹62,500 वेतन वाली भर्ती का दावा भ्रामक, गैर-शैक्षणिक कार्यों के बढ़ते बोझ को लेकर शिक्षक संगठनों ने डीसी कार्यालय का किया घेराव
अमृतसर में ड्रग सर्वे के लिए भर्ती और ₹62,500 मासिक वेतन देने का दावा करने वाला एक वायरल पर्चा फर्जी पाया गया है। जिला प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं, गैर-शैक्षणिक सर्वे ड्यूटी के विरोध में सरकारी स्कूल शिक्षकों ने डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
अमृतसर में वायरल भर्ती विज्ञापन फर्जी, प्रशासन ने लोगों को किया सतर्क
पंजाब में सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण और अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों को लेकर पहले से विवाद के बीच अमृतसर में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक भर्ती विज्ञापन प्रशासन की जांच में फर्जी पाया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ड्रग सर्वे के लिए किसी प्रकार की नई भर्ती नहीं की जा रही है।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था पर्चा
शनिवार से एक कथित भर्ती पर्चा सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा था। इसमें दावा किया गया था कि अमृतसर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में 15 जून 2026 से घर-घर सर्वेक्षण के लिए गणनाकार (Enumerator) नियुक्त किए जाएंगे।
₹62,500 वेतन देने का किया गया था दावा
वायरल पर्चे में यह भी दावा किया गया था कि चयनित व्यक्तियों को 62,500 रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा। इस दावे के बाद बड़ी संख्या में लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई थी।नगर निगम प्रशासन ने बताया पूरी तरह फर्जी
अमृतसर नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त जय इंदर सिंह ने सोमवार को इस विज्ञापन को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कोई भर्ती प्रक्रिया नहीं चल रही है और सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा पर्चा लोगों को गुमराह करने का प्रयास प्रतीत होता है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
अधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे सर्वे कार्य के नाम पर नौकरी, मानदेय या आर्थिक लाभ का दावा करने वाले किसी भी विज्ञापन, पर्चे या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करें।
उन्होंने कहा कि ऐसे संदेशों का उद्देश्य लोगों को भ्रमित करना और संभावित रूप से ठगी का शिकार बनाना हो सकता है।
केवल सरकारी कर्मचारी ही कर रहे हैं सर्वे का कार्य
प्रशासन के अनुसार, पंजाब सरकार इस समय सामाजिक-आर्थिक जनगणना का कार्य कर रही है।
नई भर्ती नहीं की जा रही
जय इंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि इस सर्वेक्षण में केवल सरकारी कर्मचारी और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों के कर्मचारी ही लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य के लिए किसी निजी व्यक्ति की सेवाएं नहीं ली जा रही हैं और न ही किसी प्रकार की नई भर्ती की जा रही है।
फर्जी विज्ञापन फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति फर्जी विज्ञापन जारी करता है या जानबूझकर भ्रामक जानकारी फैलाकर लोगों को धोखा देने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सर्वे ड्यूटी के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन
दूसरी ओर, गैर-शैक्षणिक कार्यों के बढ़ते बोझ को लेकर सरकारी स्कूल शिक्षकों में नाराजगी देखने को मिली।
सोमवार को विभिन्न शिक्षक संगठनों ने अमृतसर डीसी कॉम्प्लेक्स के बाहर प्रदर्शन किया।
कई शिक्षक संगठनों ने लिया हिस्सा
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख संगठनों में:
- सांझा अध्यापक मोर्चा
- डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF)
- स्कूल लेक्चरर यूनियन
- मास्टर कैडर यूनियन
- एडेड स्कूल स्टाफ यूनियन
शामिल रहे।
गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियों पर जताई नाराजगी
शिक्षकों का आरोप है कि ड्रग सर्वे, सामाजिक-आर्थिक जनगणना और आगामी जनगणना-2027 जैसे कार्यों की वजह से उन पर लगातार अतिरिक्त जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ रहा है।
उनका कहना है कि इससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है और छात्रों की पढ़ाई पर भी असर पड़ सकता है।
बढ़ता विवाद बना चर्चा का विषय
पंजाब में सरकारी स्कूल शिक्षकों को सौंपे जा रहे गैर-शैक्षणिक कार्यों का मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है। शिक्षक संगठन लंबे समय से इन जिम्मेदारियों को कम करने की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार विभिन्न सर्वेक्षणों और जनगणना कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दे रही है।
Key Highlights:
- अमृतसर में वायरल भर्ती विज्ञापन प्रशासन ने फर्जी बताया।
- पर्चे में ₹62,500 वेतन पर सर्वे भर्ती का दावा किया गया था।
- अतिरिक्त आयुक्त जय इंदर सिंह ने भर्ती संबंधी दावों को खारिज किया।
- सामाजिक-आर्थिक सर्वे में केवल सरकारी कर्मचारियों को लगाया गया है।
- फर्जी विज्ञापन फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी।
- गैर-शैक्षणिक ड्यूटी के विरोध में शिक्षकों ने डीसी कार्यालय का घेराव किया।
- शिक्षक संगठनों ने ड्रग सर्वे और जनगणना कार्यों के बोझ पर चिंता जताई।
FAQ Section
प्रश्न: क्या अमृतसर में ड्रग सर्वे के लिए नई भर्ती निकली है?
उत्तर: नहीं, जिला प्रशासन ने वायरल भर्ती विज्ञापन को पूरी तरह फर्जी बताया है।
प्रश्न: वायरल पर्चे में क्या दावा किया गया था?
उत्तर: पर्चे में दावा किया गया था कि सर्वे कार्य के लिए लोगों को ₹62,500 मासिक वेतन पर नियुक्त किया जाएगा।
प्रश्न: वर्तमान सर्वे कार्य कौन कर रहा है?
उत्तर: पंजाब सरकार के सामाजिक-आर्थिक सर्वे में केवल सरकारी कर्मचारी और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों के कर्मचारी शामिल हैं।
प्रश्न: शिक्षकों ने प्रदर्शन क्यों किया?
उत्तर: शिक्षकों ने गैर-शैक्षणिक कार्यों जैसे ड्रग सर्वे, सामाजिक-आर्थिक जनगणना और जनगणना-2027 की अतिरिक्त ड्यूटी के विरोध में प्रदर्शन किया।
प्रश्न: फर्जी विज्ञापन फैलाने वालों पर क्या कार्रवाई होगी?
उत्तर: प्रशासन ने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
Conclusion:
अमृतसर में वायरल हुआ सर्वे भर्ती विज्ञापन फर्जी साबित होने के बाद प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। वहीं, गैर-शैक्षणिक कार्यों के बढ़ते दबाव को लेकर शिक्षकों का विरोध भी तेज होता दिख रहा है। ऐसे में प्रशासन और शिक्षक संगठनों के बीच इस मुद्दे पर संतुलित समाधान निकालना महत्वपूर्ण होगा।

