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यूपी को इंटरनेशनल वेलनेस हब बनाएगी योगी सरकार, ‘आयुष हेल्थ एंड वेलनेस पॉलिसी-2026’ पर तेज़ी
आयुष, योग, पंचकर्म और धार्मिक पर्यटन को जोड़कर उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्वास्थ्य पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का वेलनेस डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ‘आयुष हेल्थ एंड वेलनेस पॉलिसी-2026’ के तहत आयुष सेवाओं को आधुनिक प्रबंधन और पर्यटन से जोड़ने की योजना तैयार की जा रही है।
यूपी को वैश्विक वेलनेस डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि राज्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर का वेलनेस डेस्टिनेशन विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ‘आयुष हेल्थ एंड वेलनेस पॉलिसी-2026’ को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश केवल उपचार आधारित स्वास्थ्य प्रणाली तक सीमित न रहे, बल्कि आयुष, योग, पंचकर्म, प्राकृतिक चिकित्सा और वेलनेस सेवाओं के जरिए वैश्विक पहचान बनाए।
आयुष और पर्यटन का होगा एकीकरण
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आयुष सेवाओं को आधुनिक प्रबंधन प्रणाली, गुणवत्ता मानकों और पर्यटन क्षेत्र के साथ जोड़कर ऐसा मॉडल तैयार किया जाए जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ रोजगार और निवेश को भी बढ़ावा मिले।उन्होंने कहा कि राज्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत, आयुर्वेद और योग की परंपरा तथा धार्मिक पर्यटन सर्किट को आयुष वेलनेस सेक्टर से जोड़ा जाएगा।
वाराणसी, अयोध्या और मथुरा होंगे प्रमुख केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी, अयोध्या और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास वेलनेस और हीलिंग आधारित पर्यटन विकसित करने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। इससे प्रदेश में स्वास्थ्य पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।
राज्य में पहले से मौजूद हैं हजारों आयुष केंद्र
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में:
- 3,953 आयुष स्वास्थ्य इकाइयां संचालित हैं
- 1,034 आयुष्मान आरोग्य मंदिर कार्यरत हैं
- 225 योग वेलनेस सेंटर मौजूद हैं
- 19 आयुष मेडिकल कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं
नई नीति के तहत क्या होगा खास?
‘आयुष हेल्थ एंड वेलनेस पॉलिसी-2026’ के तहत कई नई योजनाओं पर काम किया जाएगा। इनमें शामिल हैं:
इंटीग्रेटेड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
राज्य में अत्याधुनिक आयुष और वेलनेस सेंटर स्थापित किए जाएंगे जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ उपचार उपलब्ध होगा।
रिसर्च और डिजिटल हेल्थ सेवाएं
नीति के तहत पंचकर्म, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, डिजिटल हेल्थ सेवाओं और रिसर्च गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
निवेशकों को मिलेगा प्रोत्साहन
सरकार निवेश आधारित सब्सिडी, ब्याज में राहत, स्टांप ड्यूटी में छूट और रोजगार सृजन के लिए विशेष प्रोत्साहन देने की योजना बना रही है।
स्वास्थ्य और रोजगार दोनों को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि नई नीति लागू होने से प्रदेश में हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही राज्य में निजी निवेश भी बढ़ेगा।
Key Highlights:
- यूपी को इंटरनेशनल वेलनेस हब बनाने की तैयारी
- आयुष, योग और पर्यटन को जोड़ने पर जोर
- वाराणसी, अयोध्या और मथुरा बनेंगे वेलनेस सेंटर
- 3,953 आयुष स्वास्थ्य इकाइयां पहले से संचालित
- नई नीति में निवेशकों को विशेष रियायतें मिलेंगी
FAQ Section:
Q1. ‘आयुष हेल्थ एंड वेलनेस पॉलिसी-2026’ क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की नई नीति है जिसका उद्देश्य आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा देना है।
Q2. किन शहरों को वेलनेस टूरिज्म से जोड़ा जाएगा?
वाराणसी, अयोध्या और मथुरा जैसे धार्मिक शहरों को प्रमुख वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा।
Q3. इस नीति से क्या फायदा होगा?
इससे स्वास्थ्य सेवाओं, पर्यटन, रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
Q4. क्या निजी निवेशकों को लाभ मिलेगा?
हाँ, सरकार निवेश आधारित सब्सिडी, ब्याज में राहत और स्टांप ड्यूटी में छूट जैसी सुविधाएं देने की योजना बना रही है।
Conclusion:
उत्तर प्रदेश सरकार की ‘आयुष हेल्थ एंड वेलनेस पॉलिसी-2026’ राज्य को हेल्थ और वेलनेस सेक्टर में नई पहचान दिलाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है। आयुष, योग और धार्मिक पर्यटन के समन्वय से यूपी न केवल देश बल्कि वैश्विक स्तर पर भी वेलनेस टूरिज्म का बड़ा केंद्र बन सकता है।

