“मैं बाबा बागेश्वर नहीं हूं…” PM मोदी की चुटकी पर IIT दिल्ली में गूंजे ठहाके, छात्रों को दिया खास संदेश

IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के करियर, सैलरी और भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं पर हल्के-फुल्के अंदाज में बात की। उन्होंने युवाओं से कैंपस की यादों और देश के लिए कुछ करने के सपने को हमेशा साथ रखने की अपील की।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में छात्रों से संवाद करते हुए करियर और भविष्य को लेकर मजाकिया अंदाज में अपनी बात रखी। उनकी एक चुटकी पर समारोह में जमकर ठहाके गूंजे।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए पढ़ाई, करियर और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने छात्रों की नौकरी, सैलरी और भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं पर हल्के-फुल्के अंदाज में चुटकी ली।

PM मोदी की इसी मजाकिया टिप्पणी ने समारोह का माहौल खुशनुमा बना दिया और उनके “मैं बाबा बागेश्वर नहीं हूं…” कहने पर सभागार में ठहाके गूंज उठे।

करियर और सैलरी की चर्चा पर PM मोदी का अंदाज

प्रधानमंत्री ने छात्रों के बीच करियर और भविष्य को लेकर होने वाली चर्चाओं का जिक्र करते हुए अपने संबोधन में हास्य का तड़का लगाया। उन्होंने संकेत दिया कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए केवल नौकरी, पैकेज या सैलरी ही अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए।

उनकी सहज और मजाकिया शैली ने दीक्षांत समारोह में मौजूद छात्रों और अन्य लोगों को खूब प्रभावित किया।

छात्रों को कैंपस की यादें संजोने की सलाह

PM मोदी ने छात्रों से कहा कि IIT दिल्ली में बिताया गया समय उनके जीवन की महत्वपूर्ण यादों का हिस्सा रहेगा। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे कैंपस की यादों, यहां मिले अनुभवों और साथियों के साथ बिताए पलों को भविष्य में भी अपने साथ रखें।

उन्होंने छात्रों से अपने सपनों को केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखने और देश के लिए कुछ करने की भावना को भी बनाए रखने की अपील की।

देश के लिए योगदान का सपना रखें

प्रधानमंत्री ने युवा प्रतिभाओं की भूमिका पर जोर देते हुए छात्रों को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग देश की प्रगति के लिए करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि IIT जैसे संस्थानों से निकलने वाले युवाओं के पास देश की दिशा बदलने की क्षमता है।

उनका संदेश था कि व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ राष्ट्र के विकास में योगदान देने का लक्ष्य भी युवाओं के जीवन का हिस्सा होना चाहिए।

Key Highlights:

  • IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में PM मोदी ने छात्रों को संबोधित किया।
  • करियर, सैलरी और भविष्य की चर्चाओं पर प्रधानमंत्री ने मजाकिया अंदाज में चुटकी ली।
  • “मैं बाबा बागेश्वर नहीं हूं…” टिप्पणी पर समारोह में ठहाके गूंजे।
  • छात्रों को कैंपस की यादों को हमेशा संजोकर रखने की सलाह दी।
  • युवाओं से देश के लिए कुछ करने का सपना बनाए रखने की अपील की।

FAQ Section:

सवाल: PM मोदी ने यह टिप्पणी कहां की?

जवाब: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए यह मजाकिया टिप्पणी की।

सवाल: PM मोदी ने छात्रों से क्या कहा?

जवाब: उन्होंने छात्रों को कैंपस की यादों को संजोकर रखने और व्यक्तिगत सफलता के साथ देश के लिए कुछ करने का सपना बनाए रखने की सलाह दी।

सवाल: PM मोदी की टिप्पणी पर क्या प्रतिक्रिया हुई?

जवाब: प्रधानमंत्री की मजाकिया टिप्पणी के बाद समारोह में मौजूद लोगों के बीच ठहाके गूंज उठे और माहौल खुशनुमा हो गया।

Conclusion:

IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में PM मोदी का संबोधन गंभीर संदेशों के साथ हल्के-फुल्के पलों से भी भरपूर रहा। करियर और भविष्य को लेकर छात्रों की सोच पर उनकी चुटकी ने जहां समारोह में हंसी का माहौल बनाया, वहीं उन्होंने युवाओं को कैंपस की यादों के साथ देश के लिए योगदान देने का संदेश भी दिया।Untitled design (5).jpg (2)

Edited By: Atul Sharma

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