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‘बाल आजादी’ अभियान की शुरुआत, बच्चों के अधिकारों को भारत के विकास एजेंडे के केंद्र में लाने की पहल
Selfie with Daughter Foundation के संस्थापक सुनील जागलान ने सुरक्षित बचपन, शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और सम्मान के लिए राष्ट्रीय आंदोलन का आह्वान किया
बिबीपुर के पूर्व सरपंच और Selfie with Daughter Foundation के संस्थापक सुनील जागलान ने ‘बाल आजादी’ अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य हर बच्चे को सुरक्षित जन्म, बेहतर पोषण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, मानसिक खुशहाली और भयमुक्त बचपन सुनिश्चित करना है।
बच्चों के अधिकारों को भारत के विकास के एजेंडे के केंद्र में लाने के उद्देश्य से बिबीपुर के पूर्व सरपंच और Selfie with Daughter Foundation के संस्थापक सुनील जागलान ने ‘बाल आजादी’ अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के जरिए देशभर में हर बच्चे के लिए सुरक्षित जन्म, पर्याप्त पोषण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य, मानसिक खुशहाली, खुशी, सम्मान और डर से मुक्त बचपन सुनिश्चित करने की दिशा में राष्ट्रीय प्रतिबद्धता की अपील की गई है।
सुनील जागलान के अनुसार, भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को तभी हासिल किया जा सकता है, जब बच्चों को जीवन की शुरुआत से ही सुरक्षा, अवसर और सम्मान मिले।
बच्चों की सुरक्षा के साथ उनकी आवाज को भी मिले महत्व
‘बाल आजादी’ अभियान का उद्देश्य केवल बच्चों को हिंसा और शोषण से बचाना नहीं है। इसके तहत ऐसा सामाजिक वातावरण तैयार करने की कोशिश की जा रही है, जहां बच्चों की बात सुनी जाए, उनका सम्मान किया जाए और उनके जीवन को प्रभावित करने वाले फैसलों में उन्हें सार्थक रूप से भाग लेने का अवसर मिले।जागलान ने कहा कि इस अभियान में पंचायतों, स्कूलों, सिविल सोसाइटी संगठनों, युवा समूहों, अभिभावकों और आम नागरिकों को एक साथ जोड़ने की योजना है।
बाल विवाह से लेकर डिजिटल अपराध तक के खिलाफ पहल
सुनील जागलान के मुताबिक, ‘बाल आजादी’ केवल बाल विवाह के खिलाफ अभियान नहीं है। इसके दायरे में बच्चों से जुड़ी कई गंभीर चुनौतियों को शामिल किया गया है।
इनमें:
- बाल विवाह
- मानव तस्करी
- हिंसा
- यौन शोषण
- साइबर बुलिंग
- डिजिटल अपराध
जैसे मुद्दे शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि अभियान का व्यापक लक्ष्य बच्चों को नेतृत्व, अभिव्यक्ति, भागीदारी और सम्मानजनक जीवन का अधिकार दिलाना है।
2047 के विकसित भारत के लिए जरूरी है सुरक्षित बचपन
जागलान ने जोर दिया कि भारत के विकसित राष्ट्र बनने की महत्वाकांक्षा को केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं किया जा सकता। देश के भविष्य का निर्माण बच्चों के सुरक्षित और स्वस्थ बचपन से जुड़ा है।
उनके अनुसार, हर बच्चे को जीवन के शुरुआती चरण से ही पर्याप्त अवसर, सुरक्षा और गरिमा मिलनी चाहिए। इसी सोच के साथ ‘बाल आजादी’ को एक राष्ट्रीय आंदोलन का स्वरूप देने की कोशिश की जा रही है।
16 वर्षों से बच्चों और महिलाओं के अधिकारों पर काम
सुनील जागलान पिछले 16 वर्षों से बच्चों और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस दौरान वह 10,000 से अधिक गांवों और 200 से ज्यादा शहरों की यात्रा कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने लाखों बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों और समुदाय के सदस्यों के साथ संवाद किया है।
उनके अनुसार, इन अनुभवों ने बच्चों से जुड़े मुद्दों को जमीनी स्तर पर समझने और उनके लिए व्यापक पहल की आवश्यकता को मजबूत किया।
देशभर में बाल पंचायतों के विस्तार की योजना
‘बाल आजादी’ अभियान के तहत देशभर में बाल पंचायतों का विस्तार करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसका उद्देश्य बच्चों को अपनी बात रखने और स्थानीय स्तर पर निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर देना है।
सुरक्षित स्कूल और डिजिटल सुरक्षा पर भी जोर
अभियान के तहत कई क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इनमें:
- सुरक्षित स्कूल
- डिजिटल सुरक्षा
- युवा स्वयंसेवा
- सार्वजनिक संवाद
- शोध
- प्रशिक्षण
- नीति की पैरवी
जैसे विषयों पर काम किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों से जुड़े मुद्दों को केवल सामाजिक चिंता के रूप में देखने के बजाय उन्हें विकास, शासन और नीति निर्माण के व्यापक एजेंडे से जोड़ना है।
Key Highlights:
- सुनील जागलान ने ‘बाल आजादी’ अभियान शुरू किया।
- वह बिबीपुर के पूर्व सरपंच और Selfie with Daughter Foundation के संस्थापक हैं।
- अभियान बच्चों के सुरक्षित और सम्मानजनक बचपन पर केंद्रित है।
- सुरक्षित जन्म, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक खुशहाली को प्राथमिकता दी गई है।
- बाल विवाह, तस्करी, हिंसा और यौन शोषण के खिलाफ जागरूकता पर जोर।
- साइबर बुलिंग और डिजिटल अपराधों से बच्चों की सुरक्षा भी अभियान का हिस्सा है।
- देशभर में बाल पंचायतों के विस्तार की योजना।
- सुरक्षित स्कूल, डिजिटल सुरक्षा और युवा स्वयंसेवा जैसे कार्यक्रम प्रस्तावित।
- जागलान 16 वर्षों से बच्चों और महिलाओं के अधिकारों पर काम कर रहे हैं।
- वह 10,000 से अधिक गांवों और 200 से ज्यादा शहरों का दौरा कर चुके हैं।
FAQ Section:
सवाल: ‘बाल आजादी’ अभियान क्या है?
जवाब: ‘बाल आजादी’ बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, मानसिक खुशहाली और सम्मानजनक जीवन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया एक राष्ट्रीय अभियान है।
सवाल: ‘बाल आजादी’ अभियान किसने शुरू किया?
जवाब: अभियान की शुरुआत बिबीपुर के पूर्व सरपंच और Selfie with Daughter Foundation के संस्थापक सुनील जागलान ने की है।
सवाल: अभियान में किन मुद्दों को शामिल किया गया है?
जवाब: अभियान में बाल विवाह, मानव तस्करी, हिंसा, यौन शोषण, साइबर बुलिंग और डिजिटल अपराधों के खिलाफ पहल के साथ बच्चों की अभिव्यक्ति, नेतृत्व और भागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
सवाल: बाल पंचायतों का उद्देश्य क्या है?
जवाब: बाल पंचायतों के जरिए बच्चों को अपनी बात रखने और उनके जीवन को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर सार्थक भागीदारी का अवसर देने की योजना है।
सवाल: सुनील जागलान बच्चों के अधिकारों पर कब से काम कर रहे हैं?
जवाब: सुनील जागलान के अनुसार, वह पिछले 16 वर्षों से बच्चों और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर काम कर रहे हैं।
Conclusion:
‘बाल आजादी’ अभियान बच्चों की सुरक्षा को व्यापक सामाजिक और विकास एजेंडे से जोड़ने की कोशिश है। अभियान के जरिए सुरक्षित बचपन के साथ बच्चों की आवाज, अभिव्यक्ति, नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी को महत्व देने का संदेश दिया गया है। बाल पंचायतों के विस्तार और सुरक्षित स्कूल से लेकर डिजिटल सुरक्षा तक की पहलों के जरिए इस अभियान को देशव्यापी स्वरूप देने की योजना है।
