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कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में बनेगा लोक साहित्य और सांस्कृतिक शोध केंद्र, हरियाणवी विरासत के संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
Hindi Department में प्रस्तावित केंद्र के जरिए हरियाणवी लोक साहित्य और संस्कृति पर शोध, डिजिटलीकरण, दस्तावेजीकरण और प्रकाशन को दिया जाएगा बढ़ावा
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी ने हिंदी विभाग में Centre for Folk Literature and Cultural Research स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। केंद्र हरियाणा की लोक संस्कृति और साहित्य के संरक्षण, शोध और डिजिटलीकरण पर काम करेगा।
हरियाणा की समृद्ध लोक संस्कृति, साहित्य और पारंपरिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी ने महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में Centre for Folk Literature and Cultural Research स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
प्रस्तावित केंद्र का उद्देश्य हरियाणवी लोक साहित्य और संस्कृति पर व्यवस्थित तरीके से शोध, दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण और प्रकाशन को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार, कार्यशालाएं, शोध परियोजनाएं और प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी।
हरियाणवी लोक साहित्य और संस्कृति पर होगा विशेष शोध
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने कहा कि विश्वविद्यालय हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार काम कर रहा है।उन्होंने बताया कि प्रस्तावित केंद्र हरियाणवी लोक साहित्य और संस्कृति से जुड़े विभिन्न विषयों पर अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा। यहां देश और विदेश के विशेषज्ञों को जोड़कर सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
दस्तावेजीकरण और डिजिटलीकरण पर जोर
केंद्र के माध्यम से हरियाणवी लोक साहित्य और सांस्कृतिक सामग्री का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण और प्रकाशन करने की योजना है।
इससे लोक साहित्य और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने के साथ शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए इन संसाधनों तक पहुंच आसान होगी।
NEP-2020 के अनुरूप मजबूत होगी पढ़ाई और रिसर्च
विश्वविद्यालय के अनुसार, प्रस्तावित केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) के अनुरूप मातृभाषाओं, लोक भाषाओं और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत से जुड़े अध्ययन एवं शोध को मजबूत करेगा।
इस पहल के जरिए विद्यार्थियों को स्थानीय भाषाओं और संस्कृति को अकादमिक अध्ययन से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
Dharohar Haryana Museum में मौजूद है महत्वपूर्ण सामग्री
हिंदी विभाग की चेयरपर्सन प्रो. महा सिंह पूनिया ने बताया कि विश्वविद्यालय के Dharohar Haryana Museum में हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी महत्वपूर्ण सामग्री मौजूद है।
संग्रहालय में:
- हरियाणा का लोकजीवन
- लोक कला
- लोक साहित्य
- पारंपरिक पहनावा
- हस्तशिल्प
- पारंपरिक जीवन शैली
से संबंधित महत्वपूर्ण सामग्री संरक्षित है।
हिंदी विभाग की पुस्तकों को भी केंद्र में लाने का प्रस्ताव
विश्वविद्यालय ने हिंदी विभाग में वर्तमान में उपलब्ध हरियाणा के लोक साहित्य और संस्कृति से संबंधित पुस्तकों तथा अन्य संदर्भ सामग्री को प्रस्तावित केंद्र में स्थानांतरित करने की योजना भी बनाई है।
इससे शोधकर्ताओं को एक ही स्थान पर महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सकेगी और वे इसका अधिक प्रभावी तरीके से उपयोग कर सकेंगे।
शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए बनेगा अहम संसाधन केंद्र
प्रस्तावित केंद्र के अस्तित्व में आने के बाद हरियाणवी लोक साहित्य और संस्कृति से जुड़े शोधकर्ताओं के लिए एक समर्पित अकादमिक मंच उपलब्ध होगा।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ संवाद, शोध परियोजनाओं, प्रदर्शनियों और कार्यशालाओं के जरिए हरियाणा की लोक विरासत को व्यापक स्तर पर सामने लाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
Key Highlights:
- कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के हिंदी विभाग में नया शोध केंद्र प्रस्तावित।
- Centre for Folk Literature and Cultural Research हरियाणवी लोक साहित्य और संस्कृति पर केंद्रित होगा।
- राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
- लोक संस्कृति से जुड़े शोध प्रोजेक्ट और प्रदर्शनियां होंगी।
- लोक साहित्य का दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण और प्रकाशन किया जाएगा।
- केंद्र NEP-2020 के अनुरूप मातृभाषा और लोक भाषाओं के अध्ययन को बढ़ावा देगा।
- Dharohar Haryana Museum में राज्य की सांस्कृतिक विरासत की महत्वपूर्ण सामग्री मौजूद है।
- हिंदी विभाग की संबंधित पुस्तकें और संदर्भ सामग्री केंद्र में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है।
FAQ Section:
सवाल: कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में कौन सा केंद्र प्रस्तावित किया गया है?
जवाब: यूनिवर्सिटी के हिंदी विभाग में Centre for Folk Literature and Cultural Research स्थापित करने का प्रस्ताव है।
सवाल: केंद्र का मुख्य उद्देश्य क्या होगा?
जवाब: इसका उद्देश्य हरियाणवी लोक साहित्य और संस्कृति का संरक्षण, शोध, दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण और प्रकाशन करना है।
सवाल: केंद्र में कौन-कौन सी गतिविधियां होंगी?
जवाब: यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनार, कार्यशालाएं, शोध परियोजनाएं और प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी।
सवाल: Dharohar Haryana Museum में क्या मौजूद है?
जवाब: संग्रहालय में हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत, लोकजीवन, लोक कला, लोक साहित्य, पारंपरिक पहनावे, हस्तशिल्प और पारंपरिक जीवन शैली से संबंधित सामग्री मौजूद है।
सवाल: NEP-2020 के तहत केंद्र किस तरह मदद करेगा?
जवाब: केंद्र मातृभाषाओं, लोक भाषाओं और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत से जुड़े शिक्षा एवं शोध को मजबूत करने में मदद करेगा।
Conclusion:
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में प्रस्तावित Centre for Folk Literature and Cultural Research हरियाणा की लोक विरासत को अकादमिक शोध से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। दस्तावेजीकरण और डिजिटलीकरण से दुर्लभ लोक साहित्य एवं सांस्कृतिक सामग्री को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। साथ ही, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए एक समर्पित संसाधन केंद्र बनने से हरियाणवी भाषा, लोक साहित्य और संस्कृति पर अध्ययन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
