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तरनतारन में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी की नई जिला टीम का गठन, सतनाम सिंह मनोचाहल बने अध्यक्ष
गुरुद्वारा बाबा कहन सिंह पिड्डी में प्रतिनिधि सत्र आयोजित, नेताओं ने भूमि पूलिंग नीति और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का किया विरोध
तरनतारन में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के जिला पदाधिकारियों के चुनाव के लिए प्रतिनिधि सत्र आयोजित हुआ। सतनाम सिंह मनोचाहल को जिला अध्यक्ष चुना गया, जबकि अन्य पदों पर भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
तरनतारन में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी, पंजाब की जिला इकाई के नए पदाधिकारियों के चुनाव के लिए गुरुद्वारा बाबा कहन सिंह पिड्डी में प्रतिनिधि सत्र आयोजित किया गया। बैठक में जिले के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
चुनाव प्रक्रिया संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सभरा के नेतृत्व में हुई। प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से जिला इकाई के लिए विभिन्न पदाधिकारियों का चुनाव किया।
सतनाम सिंह मनोचाहल बने जिला अध्यक्ष
प्रतिनिधि सत्र के दौरान सतनाम सिंह मनोचाहल को किसान मजदूर संघर्ष कमेटी की जिला इकाई का अध्यक्ष चुना गया। वहीं हरजिंदर सिंह शकरी को सचिव की जिम्मेदारी दी गई।अन्य पदों पर भी संगठन के सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
नई जिला टीम में किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी?
- सतनाम सिंह मनोचाहल — अध्यक्ष
- हरजिंदर सिंह शकरी — सचिव
- जरनैल सिंह नूरदी — वरिष्ठ उपाध्यक्ष
- दयाल सिंह मियांविंड — उपाध्यक्ष
- रेशम सिंह घुरकविंड — उपाध्यक्ष
- फतेह सिंह पिड्डी — कोषाध्यक्ष
- भूपिंदर सिंह भिंडा — प्रेस सचिव
- रणजोध सिंह गगोबुआ — उप प्रेस सचिव
- बलविंदर सिंह भुच्चर — सहायक प्रेस सचिव
- निरंजन सिंह बगराड़ी — स्वयंसेवक प्रभारी
केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर निशाना
कार्यक्रम के दौरान किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रदेश नेताओं सतनाम सिंह पन्नू, सुखविंदर सिंह सभरा, सविंदर सिंह चुताला और जसबीर सिंह पिड्डी ने संबोधित किया।
नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकारें किसान हितैषी नीतियों को उचित प्राथमिकता नहीं दे रही हैं।
भूमि पूलिंग नीति का विरोध
वक्ताओं ने पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति का विरोध किया। उन्होंने सरकार से इस नीति को वापस लेने की मांग की।
इसके अलावा मनरेगा श्रमिकों के लिए 200 दिन के रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की मांग भी उठाई गई।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग
किसान नेताओं ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते का भी विरोध किया। उन्होंने केंद्र सरकार से इस समझौते को रद्द करने की मांग की।
नेताओं ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए कृषि उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाया जाना चाहिए।
Key Highlights:
- तरनतारन में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी की जिला इकाई का चुनाव हुआ।
- गुरुद्वारा बाबा कहन सिंह पिड्डी में प्रतिनिधि सत्र आयोजित किया गया।
- सतनाम सिंह मनोचाहल जिला अध्यक्ष चुने गए।
- हरजिंदर सिंह शकरी को सचिव बनाया गया।
- सुखविंदर सिंह सभरा के नेतृत्व में चुनाव प्रक्रिया हुई।
- नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की।
- पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति का विरोध किया गया।
- मनरेगा में 200 दिन काम और 700 रुपये दैनिक मजदूरी की मांग उठी।
- भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग की गई।
- सभी कृषि उपज के लिए MSP की कानूनी गारंटी वाला कानून बनाने की मांग की गई।
FAQ Section:
सवाल: किसान मजदूर संघर्ष कमेटी की जिला इकाई का चुनाव कहां हुआ?
जवाब: चुनावी प्रतिनिधि सत्र गुरुद्वारा बाबा कहन सिंह पिड्डी में आयोजित किया गया।
सवाल: जिला अध्यक्ष किसे चुना गया?
जवाब: सतनाम सिंह मनोचाहल को जिला इकाई का अध्यक्ष चुना गया।
सवाल: जिला सचिव की जिम्मेदारी किसे मिली?
जवाब: हरजिंदर सिंह शकरी को जिला सचिव चुना गया।
सवाल: किसान नेताओं ने किन मुद्दों को उठाया?
जवाब: नेताओं ने लैंड पूलिंग नीति, मनरेगा रोजगार और मजदूरी, भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते और MSP की कानूनी गारंटी जैसे मुद्दे उठाए।
सवाल: मनरेगा श्रमिकों के लिए क्या मांग की गई?
जवाब: संगठन ने मनरेगा श्रमिकों को 200 दिन का रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने की मांग की।
Conclusion:
तरनतारन में हुए किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रतिनिधि सत्र में नई जिला टीम का गठन किया गया और सतनाम सिंह मनोचाहल को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में संगठन ने किसानों और मजदूरों से जुड़े कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए लैंड पूलिंग नीति के विरोध, मनरेगा में अधिक रोजगार, MSP की कानूनी गारंटी और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग दोहराई।
