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यमुनानगर की Saraswati Sugar Mills में बड़ा बदलाव, अब गन्ने की पर्ची होगी डिजिटल; 20 हजार किसानों को फायदा
आगामी पेराई सीजन से किसानों के मोबाइल पर SMS के जरिए पहुंचेगी गन्ने की इंडेंट जानकारी, कागजी पर्ची संभालने की जरूरत नहीं
यमुनानगर की Saraswati Sugar Mills ने आगामी गन्ना पेराई सीजन से इंडेंट वितरण व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल करने का फैसला लिया है। नई व्यवस्था से 20 हजार से अधिक गन्ना किसानों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
हरियाणा के यमुनानगर स्थित Saraswati Sugar Mills (SSM) ने आगामी गन्ना पेराई सीजन से किसानों की सुविधा के लिए इंडेंट यानी गन्ना खरीद पर्ची वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। अब किसानों को गन्ने की आपूर्ति के लिए कागजी पर्ची संभालकर रखने की जरूरत नहीं होगी।
नई व्यवस्था के तहत गन्ने की इंडेंट से जुड़ी पूरी जानकारी किसानों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के जरिए भेजी जाएगी। किसान गन्ना मिल में लेकर पहुंचने के समय अपने मोबाइल फोन पर प्राप्त SMS दिखाकर प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
इस डिजिटल व्यवस्था से SSM से जुड़े 20 हजार से अधिक गन्ना किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।अब मोबाइल पर मिलेगी गन्ने की इंडेंट पर्ची
नई डिजिटल प्रणाली लागू होने के बाद किसानों को कागज की पर्ची खोने या उसे सुरक्षित रखने की चिंता नहीं करनी होगी। इंडेंट की जानकारी सीधे उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजी जाएगी।
गन्ना लेकर मिल पहुंचने पर किसान मोबाइल में प्राप्त SMS दिखा सकेंगे। इससे कागजी प्रक्रिया कम होगी और किसानों को समय पर अपनी गन्ना आपूर्ति से संबंधित जानकारी भी मिल सकेगी।
किसानों के लिए आसान होगी पूरी प्रक्रिया
SSM के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुलदीप कुमार ने बताया कि मिल प्रबंधन किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल स्लिप सिस्टम से प्रक्रिया आसान होने के साथ-साथ कागजी काम भी कम होगा। इसके अलावा किसानों को गन्ने की आपूर्ति से संबंधित जानकारी समय पर मिल सकेगी।
20 हजार से अधिक किसानों को होगा फायदा
Saraswati Sugar Mills से जुड़े 20 हजार से ज्यादा गन्ना उत्पादक इस नई व्यवस्था से सीधे लाभान्वित होंगे।
डिजिटल इंडेंट प्रणाली से किसानों को कागजी दस्तावेज संभालने की परेशानी से राहत मिलेगी। साथ ही, मिल प्रबंधन के लिए भी रिकॉर्ड और वितरण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करना आसान होगा।
गन्ने की बेहतर किस्मों के बीज उपलब्ध कराने पर भी जोर
SSM प्रबंधन आगामी सीजन के लिए केवल डिजिटल व्यवस्था पर ही काम नहीं कर रहा है। किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाली गन्ने की किस्मों के बीज उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
मिल प्रबंधन किसानों को उन्नत किस्मों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रोत्साहन देने पर भी काम कर रहा है।
मजदूरों की कमी से निपटने के लिए मशीनों पर जोर
कुलदीप कुमार ने बताया कि कृषि मजदूरों की कमी को देखते हुए आगामी पेराई सीजन में गन्ने की कटाई के लिए मशीनरी उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने किसानों को चार फुट लाइन-टू-लाइन दूरी पर गन्ने की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही। इस दूरी पर खेती करने से मशीनों के जरिए गन्ने की कटाई आसान होने की उम्मीद है।
डिजिटल व्यवस्था से बदल सकती है गन्ना आपूर्ति प्रक्रिया
गन्ने की इंडेंट व्यवस्था को डिजिटल करने का फैसला किसानों और मिल प्रबंधन दोनों के लिए प्रक्रिया को अधिक सरल और व्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम है। मोबाइल SMS के जरिए जानकारी मिलने से किसानों को समय पर सूचना प्राप्त होगी और कागजी पर्चियों पर निर्भरता कम होगी।
Key Highlights:
- Saraswati Sugar Mills ने इंडेंट वितरण प्रणाली को डिजिटल करने का फैसला किया।
- नई व्यवस्था आगामी गन्ना पेराई सीजन से लागू होगी।
- किसानों को इंडेंट की जानकारी SMS के जरिए मोबाइल पर मिलेगी।
- कागजी पर्ची संभालकर रखने की जरूरत नहीं होगी।
- 20 हजार से अधिक गन्ना किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद।
- SSM के CEO कुलदीप कुमार ने डिजिटल व्यवस्था को किसान हित में बताया।
- बेहतर गन्ना बीज उपलब्ध कराने और किसानों को प्रोत्साहन देने पर जोर।
- मजदूरों की कमी को देखते हुए गन्ना कटाई के लिए मशीनरी उपलब्ध कराने की तैयारी।
- चार फुट लाइन-टू-लाइन दूरी पर गन्ने की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा।
FAQ Section:
सवाल: Saraswati Sugar Mills की नई व्यवस्था क्या है?
जवाब: आगामी पेराई सीजन से गन्ने की इंडेंट यानी खरीद पर्ची की जानकारी किसानों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के जरिए भेजी जाएगी।
सवाल: क्या किसानों को कागजी इंडेंट पर्ची रखनी होगी?
जवाब: नहीं। नई व्यवस्था में किसानों को कागजी पर्ची संभालकर रखने की जरूरत नहीं होगी। मिल में गन्ना लाते समय मोबाइल पर प्राप्त SMS दिखाया जा सकेगा।
सवाल: डिजिटल इंडेंट व्यवस्था से कितने किसानों को फायदा होगा?
जवाब: SSM से जुड़े 20 हजार से अधिक गन्ना किसानों को इस व्यवस्था का लाभ मिलने की उम्मीद है।
सवाल: गन्ने की खेती को लेकर मिल क्या सलाह दे रही है?
जवाब: मिल प्रबंधन किसानों को चार फुट लाइन-टू-लाइन दूरी पर गन्ने की खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, जिससे मशीनों से कटाई आसान हो सके।
सवाल: गन्ने की कटाई के लिए मशीनें क्यों उपलब्ध कराई जाएंगी?
जवाब: कृषि मजदूरों की कमी को देखते हुए आगामी पेराई सीजन में किसानों की सुविधा के लिए कटाई मशीनरी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
Conclusion:
यमुनानगर की Saraswati Sugar Mills द्वारा गन्ने की इंडेंट व्यवस्था को डिजिटल करना किसानों के लिए सुविधा बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम है। मोबाइल SMS के जरिए पर्ची की जानकारी मिलने से कागजी प्रक्रिया कम होगी और किसानों को समय पर सूचना मिल सकेगी। इसके साथ ही उन्नत बीज, प्रोत्साहन और मशीनों से कटाई की सुविधा देने की तैयारी से आगामी गन्ना पेराई सीजन में किसानों को अतिरिक्त राहत मिलने की उम्मीद है।
