जालंधर में श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र की नींव, 37 करोड़ रुपये की लागत से 10.4 एकड़ में बनेगा केंद्र

CM भगवंत मान ने नौं गज्जां में रखा आधारशिला पत्थर, 2027 के 650वें प्रकाश पर्व के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखने का ऐलान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जालंधर के करतारपुर स्थित नौं गज्जां गांव में श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र की आधारशिला रखी। 37 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र 10.4 एकड़ में विकसित किया जाएगा।

 

जालंधर के करतारपुर क्षेत्र में रविवार को गुरु रविदास की शिक्षाओं और दर्शन को समर्पित एक महत्वपूर्ण परियोजना की शुरुआत हुई। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नौं गज्जां गांव में श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र की आधारशिला रखी। कार्यक्रम में डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास भी मौजूद रहे।

करीब 37 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र 10.4 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। लंबे समय से रैदासिया समुदाय की ओर से इस तरह के केंद्र की मांग की जा रही थी।

गुरु रविदास के जीवन और दर्शन पर होगा अध्ययन

प्रस्तावित केंद्र का मुख्य उद्देश्य गुरु रविदास के जीवन, बाणी और मानवतावादी दर्शन का अध्ययन करना है। यहां उनकी शिक्षाओं से जुड़े शोध और अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि गुरु रविदास की बाणी मानवता को समर्पित थी और केंद्र में उनकी शिक्षाओं का व्यवस्थित अध्ययन किया जाएगा।

650वें प्रकाश पर्व की तैयारियों पर सरकार का फोकस

गुरु रविदास के 650वें प्रकाश पर्व का आयोजन वर्ष 2027 में होना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार इस ऐतिहासिक अवसर को बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी कर रही है।

उन्होंने बताया कि समारोहों के लिए 100 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को इस आयोजन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

13 हजार गांवों तक पहुंचाई जाएगी गुरु रविदास की विचारधारा

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु रविदास के दर्शन और शिक्षाओं को प्रदेश के हर घर तक पहुंचाने के लिए डॉक्यूमेंट्री कार्यक्रम और विशेष वैन चलाने की योजना है।

इनका उद्देश्य पंजाब के 23 जिलों के 13,000 गांवों तक गुरु रविदास की विचारधारा को पहुंचाना है।

इस पहल के जरिए युवा पीढ़ी को गुरु रविदास की शिक्षाओं, सामाजिक संदेश और मानवतावादी विचारों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

'भक्ति लहर' और सामाजिक एकता का दिया संदेश

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गुरु रविदास के सामाजिक संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने समाज को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ आंदोलन खड़ा किया, जो आगे चलकर भक्ति लहर का हिस्सा बना।

मान ने पंजाब की सामाजिक एकता का उल्लेख करते हुए कहा कि अलग-अलग समुदायों के लोग एक साथ रह रहे हैं और यही प्रदेश की ताकत है।

उन्होंने कहा कि पंजाब की भाईचारे की भावना को हिंसा और आतंक के जरिए तोड़ने के प्रयासों के बावजूद यह एकता कायम रही।

जालंधर में PM मोदी की यात्रा के बाद कार्यक्रम

श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र की आधारशिला का कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जुलाई में हुई जालंधर यात्रा के कुछ ही समय बाद हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी ने उस दौरान रैदासिया श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेन संत रविदास एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई थी।

2027 विधानसभा चुनाव से पहले रैदासिया समुदाय पर बढ़ा राजनीतिक फोकस

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले रैदासिया समुदाय को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हैं। राज्य की दलित आबादी में रैदासिया समुदाय की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी मानी जाती है और कई विधानसभा क्षेत्रों में समुदाय के मतदाताओं की भूमिका चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकती है।

ऐसे में गुरु रविदास से जुड़ी परियोजनाओं और 650वें प्रकाश पर्व की तैयारियों को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Key Highlights:

  • CM भगवंत मान ने श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र की आधारशिला रखी।
  • केंद्र जालंधर के करतारपुर क्षेत्र के नौं गज्जां गांव में बनेगा।
  • परियोजना की लागत करीब 37 करोड़ रुपये है।
  • केंद्र 10.4 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा।
  • यह रैदासिया समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग थी।
  • गुरु रविदास के जीवन, बाणी और दर्शन पर अध्ययन होगा।
  • 2027 के 650वें प्रकाश पर्व के लिए 100 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
  • डॉक्यूमेंट्री और वैन के जरिए 13 हजार गांवों तक गुरु रविदास की विचारधारा पहुंचाने की योजना।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई में जालंधर में संत रविदास एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई थी।
  • 2027 विधानसभा चुनाव से पहले रैदासिया समुदाय पर राजनीतिक फोकस बढ़ा है।

FAQ Section:

सवाल: श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र कहां बनेगा?
जवाब: यह केंद्र जालंधर के करतारपुर क्षेत्र के नौं गज्जां गांव में बनाया जाएगा।

सवाल: केंद्र के निर्माण पर कितना खर्च आएगा?
जवाब: केंद्र के निर्माण पर करीब 37 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

सवाल: अध्ययन केंद्र कितनी जमीन पर बनेगा?
जवाब: यह केंद्र 10.4 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा।

सवाल: केंद्र का मुख्य उद्देश्य क्या है?
जवाब: केंद्र में गुरु रविदास के जीवन, बाणी, दर्शन और मानवतावादी शिक्षाओं का अध्ययन किया जाएगा।

सवाल: गुरु रविदास के 650वें प्रकाश पर्व के लिए कितनी राशि रखी गई है?
जवाब: मुख्यमंत्री भगवंत मान के अनुसार, 2027 में होने वाले 650वें प्रकाश पर्व के समारोहों के लिए 100 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं।

सवाल: गुरु रविदास की शिक्षाओं को गांवों तक कैसे पहुंचाया जाएगा?
जवाब: सरकार डॉक्यूमेंट्री कार्यक्रमों और विशेष वैन के माध्यम से 23 जिलों के 13,000 गांवों तक गुरु रविदास की विचारधारा पहुंचाने की योजना बना रही है।

Conclusion:

जालंधर के नौं गज्जां गांव में श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र की आधारशिला पंजाब की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल है। 37 करोड़ रुपये की लागत और 10.4 एकड़ क्षेत्र में बनने वाला यह केंद्र गुरु रविदास की बाणी और दर्शन के अध्ययन को संस्थागत रूप देने में अहम भूमिका निभा सकता है। वहीं, 2027 के 650वें प्रकाश पर्व के लिए 100 करोड़ रुपये के बजट और प्रदेशभर में व्यापक कार्यक्रमों की तैयारी से सरकार ने इस आयोजन को बड़े स्तर पर मनाने का संकेत दिया है।Screenshot_630

Edited By: Atul Sharma

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