पंजाब में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम, रैकेवाल में ₹65 करोड़ से बनेगा CBG प्लांट

रोजाना 300 टन गोबर से 5 टन कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन का लक्ष्य, प्रदूषण कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर

On

पंजाब के रैकेवाल में करीब ₹65 करोड़ की लागत से कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट स्थापित किया जा रहा है। प्लांट में प्रतिदिन करीब 300 टन गोबर का इस्तेमाल कर 5 टन CBG गैस उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

पंजाब में स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। रैकेवाल में करीब ₹65 करोड़ की लागत से कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट स्थापित होने जा रहा है। इस परियोजना के जरिए गोबर के बेहतर प्रबंधन के साथ-साथ वैकल्पिक और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

प्रस्तावित प्लांट में प्रतिदिन करीब 300 टन गोबर का उपयोग करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे लगभग 5 टन कंप्रेस्ड बायोगैस प्रतिदिन तैयार करने की योजना है।

गोबर का होगा बेहतर प्रबंधन

CBG प्लांट में बड़ी मात्रा में गोबर का इस्तेमाल होने से उसके प्रबंधन की समस्या को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। कृषि और पशुपालन से जुड़े क्षेत्रों में निकलने वाले गोबर का उपयोग ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा सकेगा।

इससे गोबर के वैज्ञानिक और उपयोगी प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा तथा अपशिष्ट को संसाधन में बदलने की दिशा में भी मदद मिलेगी।

रोजाना 300 टन गोबर के इस्तेमाल का लक्ष्य

प्लांट में प्रतिदिन लगभग 300 टन गोबर की खपत का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे रोजाना करीब 5 टन CBG गैस के उत्पादन की योजना है।

यह पहल पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा के विकल्पों को बढ़ावा देने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद

रैकेवाल में प्रस्तावित CBG प्लांट से आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। गोबर का उचित प्रबंधन होने से खुले में इसके जमा होने और उससे जुड़ी पर्यावरणीय समस्याओं को कम किया जा सकता है।

इसके साथ ही बायोगैस आधारित ऊर्जा उत्पादन से हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

स्वच्छ ऊर्जा की ओर पंजाब का कदम

CBG प्लांट जैसी परियोजनाएं पंजाब में स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जैविक संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है।

सरकार की इस पहल से हरित ऊर्जा और पर्यावरण के प्रति जागरूकता को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Key Highlights:

  • रैकेवाल में करीब ₹65 करोड़ की लागत से CBG प्लांट स्थापित होगा।
  • प्लांट में प्रतिदिन करीब 300 टन गोबर का उपयोग करने का लक्ष्य है।
  • रोजाना लगभग 5 टन CBG गैस का उत्पादन प्रस्तावित है।
  • गोबर के बेहतर और वैज्ञानिक प्रबंधन पर जोर दिया जाएगा।
  • आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
  • परियोजना से स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
  • यह पहल हरित और स्वच्छ पंजाब की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

FAQ Section:

  1. रैकेवाल में किस तरह का प्लांट स्थापित किया जा रहा है?
    रैकेवाल में कंप्रेस्ड बायोगैस यानी CBG प्लांट स्थापित किया जा रहा है।
  2. CBG प्लांट की लागत कितनी है?
    प्रस्तावित प्लांट की लागत करीब ₹65 करोड़ बताई गई है।
  3. प्लांट में प्रतिदिन कितने गोबर का इस्तेमाल होगा?
    प्लांट में प्रतिदिन करीब 300 टन गोबर का उपयोग करने का लक्ष्य है।
  4. रोजाना कितनी CBG गैस का उत्पादन होगा?
    प्लांट से प्रतिदिन लगभग 5 टन CBG गैस उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
  5. इस परियोजना से क्या फायदा होगा?
    परियोजना से गोबर के बेहतर प्रबंधन, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

Conclusion:

रैकेवाल में प्रस्तावित CBG प्लांट पंजाब में स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। करीब ₹65 करोड़ की इस परियोजना में रोजाना 300 टन गोबर का उपयोग कर 5 टन CBG उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इससे जैविक कचरे के बेहतर प्रबंधन के साथ पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह कदम स्वच्छ ऊर्जा की ओर पंजाब के बढ़ते प्रयासों को मजबूती दे सकता है।Untitled design (67).jpg

Edited By: Atul Sharma

खबरें और भी हैं

‘एक शाम शिव के नाम’ के बाद स्कूल मैदान में बिखरा कचरा, हजारों की भीड़ के बाद सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल

Advertisement

नवीनतम

‘एक शाम शिव के नाम’ के बाद स्कूल मैदान में बिखरा कचरा, हजारों की भीड़ के बाद सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल ‘एक शाम शिव के नाम’ के बाद स्कूल मैदान में बिखरा कचरा, हजारों की भीड़ के बाद सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
फगवाड़ा में ‘एक शाम शिव के नाम’ कार्यक्रम के अगले दिन स्कूल ऑफ एमिनेंस के मैदान में बड़ी संख्या में...
आजादी के 80 साल बाद भी लाहौर की यादें नहीं भूले 100 वर्षीय कुंदन सिंह माडान, 19 की उम्र में छोड़ा था घर
यशस्वी जायसवाल का रन आउट या खेल भावना की हार? श्रीलंकाई कप्तान के फैसले पर उठे सवाल
पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत योजना का बढ़ा दायरा, 7 महीनों में 6 लाख से ज्यादा कैशलेस इलाज
80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति के रंग में रंगा भारत, लाल किले से PM मोदी ने दिया विकसित भारत 2047 का संदेश
Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software