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‘एक शाम शिव के नाम’ के बाद स्कूल मैदान में बिखरा कचरा, हजारों की भीड़ के बाद सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
फगवाड़ा में धार्मिक कार्यक्रम के अगले दिन स्कूल ग्राउंड में जगह-जगह मिले डिस्पोजेबल गिलास; ट्रैफिक डायवर्जन और लंबी देरी से भी लोगों को हुई परेशानी
फगवाड़ा में ‘एक शाम शिव के नाम’ कार्यक्रम के अगले दिन स्कूल ऑफ एमिनेंस के मैदान में बड़ी संख्या में डिस्पोजेबल गिलास बिखरे मिले। कार्यक्रम के बाद सफाई, कचरा प्रबंधन, ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठे।
फगवाड़ा में गुरुवार शाम आयोजित भव्य धार्मिक कार्यक्रम ‘एक शाम शिव के नाम’ के अगले दिन स्कूल ऑफ एमिनेंस का मैदान पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। शुक्रवार सुबह स्कूल में सामान्य गतिविधियां शुरू होने के बीच मैदान में बड़ी संख्या में इस्तेमाल किए गए डिस्पोजेबल गिलास बिखरे दिखाई दिए। इससे कार्यक्रम के बाद सफाई और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु पहुंचे थे। धार्मिक आयोजन ने जहां लोगों की बड़ी भागीदारी आकर्षित की, वहीं इसके कारण शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा प्रतिबंधों के चलते स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्कूल मैदान में जगह-जगह बिखरा कचरा
कार्यक्रम के अगले दिन मौके पर पहुंची टीम ने स्कूल के मैदान में बड़ी संख्या में फेंके हुए डिस्पोजेबल गिलास देखे। इससे यह सवाल उठा कि इतने बड़े आयोजन के तुरंत बाद शैक्षणिक संस्थान के परिसर की सफाई और उसे सामान्य स्थिति में लाने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं।स्कूल में शुक्रवार को सामान्य गतिविधियां शुरू होनी थीं, ऐसे में आयोजन के बाद परिसर की सफाई और कचरे के निपटारे की व्यवस्था को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर चर्चा शुरू हो गई है।
हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी
‘एक शाम शिव के नाम’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन के दौरान ‘हर हर महादेव’ और ‘बम बम भोले’ के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा। परिवारों और अन्य श्रद्धालुओं ने भजनों और धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लिया।
हालांकि, कार्यक्रम के दौरान लोगों को लंबे इंतजार और उमस का सामना भी करना पड़ा।
कार्यक्रम शुरू होने में हुई देरी
कार्यक्रम शाम 6:30 बजे शुरू होने का समय निर्धारित किया गया था। गायक कैलाश खेर की प्रस्तुति भी लगभग इसी समय शुरू होने की जानकारी प्रचारित की गई थी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत मान, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और कैलाश खेर रात 8:35 बजे के बाद कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।
कैलाश खेर की मुख्य प्रस्तुति रात 9 बजे के बाद शुरू हुई। कार्यक्रम स्थल पर पहले से पहुंच चुके श्रद्धालुओं के लिए यह लंबा इंतजार असहज रहा।
उमस में बुजुर्गों और महिलाओं को हुई परेशानी
फगवाड़ा में अधिक उमस के कारण कार्यक्रम शुरू होने के इंतजार में बैठे लोगों को अतिरिक्त परेशानी हुई। कई बुजुर्ग श्रद्धालु और महिलाएं हाथ के पंखों से हवा करते हुए नजर आए।
इसके बावजूद श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रम से जुड़े रहे और आयोजन शुरू होने के बाद भजनों तथा अन्य धार्मिक गतिविधियों में उत्साह के साथ शामिल हुए।
कार्यक्रम में दिखा राजनीतिक रंग
धार्मिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी के कारण आयोजन का एक राजनीतिक पहलू भी सामने आया। वरिष्ठ AAP नेताओं की मौजूदगी ने पार्टी के स्थानीय संगठन में चल रहे मतभेदों की ओर भी ध्यान खींचा।
पूर्व मंत्री जोगिंदर सिंह मान, उनके बेटे और पूर्व फगवाड़ा हलका प्रभारी हरनूर सिंह मान तथा उनके समर्थक कार्यक्रम में दिखाई नहीं दिए।
हालांकि, कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं की धार्मिक भागीदारी का राजनीतिक गतिविधियों से अलग स्वरूप रहा। लोगों की मौजूदगी मुख्य रूप से उनकी आस्था और धार्मिक कार्यक्रम में रुचि को दर्शाती रही।
पक्का बाग के प्रमुख शिव मंदिर का नहीं हुआ उल्लेख
कार्यक्रम के दौरान फगवाड़ा के पक्का बाग स्थित प्रमुख शिव मंदिर का कोई विशेष उल्लेख नहीं किया गया। इसके बावजूद धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की भागीदारी बनी रही और कार्यक्रम धार्मिक गतिविधियों के साथ आगे बढ़ा।
सुरक्षा के लिए पुलिस ने संभाला मोर्चा
कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। DIG नवीन सिंगला, SSP गौरव तूरा और फगवाड़ा SP माधवी शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की।
कार्यक्रम स्थल के आसपास और प्रभावित मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। शहर में ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण कई इलाकों में लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्वतंत्रता दिवस समारोह का स्थान भी बदला गया
कार्यक्रम से जुड़ी परिस्थितियों और लॉजिस्टिक चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन ने स्वतंत्रता दिवस समारोह का स्थान भी बदल दिया। पहले प्रस्तावित सरकारी स्कूल के बजाय स्वतंत्रता दिवस समारोह रामगढ़िया कॉलेज में आयोजित करने का फैसला किया गया।
एक ही परिसर में कम समय के अंतराल पर बड़े सार्वजनिक आयोजनों को आयोजित करने में आने वाली व्यवस्थागत चुनौतियों के मद्देनजर यह बदलाव किया गया।
Key Highlights:
- ‘एक शाम शिव के नाम’ के अगले दिन स्कूल ऑफ एमिनेंस मैदान में बड़ी संख्या में डिस्पोजेबल गिलास मिले।
- कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
- कार्यक्रम का निर्धारित समय शाम 6:30 बजे था, जबकि मुख्य प्रस्तुति रात 9 बजे के बाद शुरू हुई।
- उमस के कारण लंबे इंतजार के दौरान श्रद्धालुओं को परेशानी हुई।
- ‘हर हर महादेव’ और ‘बम बम भोले’ के जयकारे गूंजते रहे।
- कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी रही।
- DIG नवीन सिंगला, SSP गौरव तूरा और SP माधवी शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की।
- कार्यक्रम के कारण शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक डायवर्जन किया गया।
- स्वतंत्रता दिवस समारोह का स्थान बदलकर रामगढ़िया कॉलेज किया गया।
FAQ Section:
- ‘एक शाम शिव के नाम’ कार्यक्रम कहां आयोजित हुआ था?
कार्यक्रम फगवाड़ा के स्कूल ऑफ एमिनेंस के मैदान में आयोजित किया गया था। - कार्यक्रम के अगले दिन क्या स्थिति दिखाई दी?
स्कूल के मैदान में बड़ी संख्या में इस्तेमाल किए गए डिस्पोजेबल गिलास और कचरा बिखरा हुआ मिला। - कार्यक्रम कब शुरू होना था?
कार्यक्रम शाम 6:30 बजे शुरू होने का समय निर्धारित किया गया था। - कैलाश खेर की प्रस्तुति कब शुरू हुई?
कैलाश खेर की मुख्य प्रस्तुति रात 9 बजे के बाद शुरू हुई। - कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कौन देख रहा था?
DIG नवीन सिंगला, SSP गौरव तूरा और फगवाड़ा SP माधवी शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की। - स्वतंत्रता दिवस समारोह का स्थान क्यों बदला गया?
प्रशासन ने आयोजन से जुड़ी परिस्थितियों और बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों को कम समय के अंतराल में आयोजित करने की लॉजिस्टिक चुनौतियों को देखते हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह को सरकारी स्कूल से रामगढ़िया कॉलेज स्थानांतरित किया।
Conclusion:
फगवाड़ा में ‘एक शाम शिव के नाम’ कार्यक्रम ने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित किया और धार्मिक माहौल बनाया, लेकिन इसके अगले दिन स्कूल मैदान में बिखरे कचरे ने सफाई और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। कार्यक्रम में देरी, उमस, ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण लोगों को असुविधा भी हुई। प्रशासन की ओर से स्वतंत्रता दिवस समारोह का स्थल बदलना भी बड़े आयोजनों के बीच बेहतर लॉजिस्टिक प्रबंधन की जरूरत को दर्शाता है।
