- Hindi News
- राज्य
- पंजाब
- रूपिंदर सिंह ने SGPC अध्यक्ष को भेंट की नई किताब ‘Gurdwaras: Abodes of the Guru’, 51 ऐतिहासिक गुरुद्...
रूपिंदर सिंह ने SGPC अध्यक्ष को भेंट की नई किताब ‘Gurdwaras: Abodes of the Guru’, 51 ऐतिहासिक गुरुद्वारों की विरासत का दस्तावेज
करीब पांच साल में तैयार हुई किताब में भारत समेत दुनिया के कई देशों के प्रमुख गुरुद्वारों का इतिहास, वास्तुकला, परंपराएं और संगत से जुड़ी जानकारी शामिल
प्रसिद्ध लेखक रूपिंदर सिंह ने अमृतसर में अपनी नई किताब ‘Gurdwaras: Abodes of the Guru’ SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी को भेंट की। किताब में भारत और दुनिया के विभिन्न हिस्सों के 51 ऐतिहासिक गुरुद्वारों की विरासत और महत्व को दर्ज किया गया है।
अमृतसर में प्रसिद्ध लेखक रूपिंदर सिंह ने आज अपनी नई किताब ‘Gurdwaras: Abodes of the Guru’ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी को भेंट की। किताब का विमोचन स्वरूप यह भेंट दरबार साहिब के सूचना केंद्र में की गई।
इस पुस्तक में भारत और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में स्थित 51 ऐतिहासिक गुरुद्वारों के इतिहास, धार्मिक महत्व और विरासत को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। किताब के चित्र प्रसिद्ध कलाकार एलन क्वेसाडा ने बनाए हैं। उनके बनाए चित्र गुरुद्वारों की वास्तुकला, परंपराओं और इन पवित्र स्थलों से जुड़ी संगत के जीवन को और प्रभावी तरीके से सामने लाते हैं।
करीब पांच साल में तैयार हुई पुस्तक
रूपिंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने पुस्तक को केवल गुरुद्वारों के विवरण तक सीमित नहीं रखा है। इसमें गुरुद्वारों से जुड़ी संगत, उनका इतिहास और सदियों से चली आ रही धार्मिक एवं सामाजिक परंपराओं को भी प्रमुखता दी गई है।उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर काम करने के दौरान उन्होंने कई गुरुद्वारों की यात्रा की। इन यात्राओं के दौरान उन्हें सिख विरासत के कई ऐसे पहलुओं के बारे में जानकारी मिली, जो उनके लिए भी नए थे। इस पूरी पुस्तक को तैयार करने में करीब पांच साल का समय लगा।
श्री हरमंदिर साहिब और पांच तख्तों का विशेष उल्लेख
किताब में एशिया के 33 गुरुद्वारों को शामिल किया गया है। इनमें भारत और पाकिस्तान के प्रमुख सिख धार्मिक स्थलों का विस्तृत विवरण दिया गया है।
पुस्तक में श्री हरमंदिर साहिब के साथ सिख धर्म के पांच तख्तों—श्री अकाल तख्त साहिब, तख्त श्री केसगढ़ साहिब, तख्त श्री दमदमा साहिब, तख्त श्री पटना साहिब और तख्त श्री हजूर साहिब—का भी विस्तार से उल्लेख किया गया है।
कई राज्यों और देशों के गुरुद्वारों की जानकारी
पुस्तक में पंजाब के अलावा हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के ऐतिहासिक गुरुद्वारों को भी शामिल किया गया है।
पाकिस्तान के ननकाना साहिब, करतारपुर साहिब और एमिनाबाद स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों का भी पुस्तक में विस्तृत उल्लेख है।
इसके अलावा बांग्लादेश, काठमांडू, संयुक्त अरब अमीरात, फिलीपींस, सिंगापुर, चीन, थाईलैंड और मलेशिया के गुरुद्वारों को भी पुस्तक में जगह दी गई है।
यूरोप और उत्तरी अमेरिका के गुरुद्वारे भी शामिल
‘Gurdwaras: Abodes of the Guru’ में यूरोप के छह गुरुद्वारों का विवरण भी दर्ज किया गया है। इनमें लंदन, पेरिस, इटली, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड स्थित सिख धार्मिक स्थल शामिल हैं।
उत्तरी अमेरिका में कनाडा, अमेरिका और पनामा के गुरुद्वारों को भी पुस्तक में शामिल किया गया है। इसके अलावा जोहान्सबर्ग, मेलबर्न और ग्लेनॉर्ची स्थित गुरुद्वारों का भी उल्लेख किया गया है।
डॉ. मनमोहन सिंह ने लिखा था पुस्तक का फोरवर्ड
पुस्तक की भूमिका पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने लिखी थी। हालांकि, उस समय यह पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई थी।
रूपिंदर सिंह ने इस पुस्तक को अपने माता-पिता इंद्रजीत कौर और प्रसिद्ध सिख विद्वान ज्ञानी गुरदित सिंह को समर्पित किया है।
Key Highlights:
- लेखक रूपिंदर सिंह ने नई किताब ‘Gurdwaras: Abodes of the Guru’ SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी को भेंट की।
- किताब में दुनिया के 51 ऐतिहासिक गुरुद्वारों का दस्तावेज प्रस्तुत किया गया है।
- पुस्तक को तैयार करने में करीब पांच साल का समय लगा।
- कलाकार एलन क्वेसाडा ने किताब के लिए चित्र बनाए हैं।
- श्री हरमंदिर साहिब और सिख धर्म के पांचों तख्तों का विस्तृत उल्लेख है।
- भारत और पाकिस्तान के अलावा कई देशों के गुरुद्वारों को पुस्तक में शामिल किया गया है।
- यूरोप के छह गुरुद्वारों का भी विवरण दिया गया है।
- कनाडा, अमेरिका और पनामा के सिख धार्मिक स्थलों को भी जगह मिली है।
- पुस्तक की भूमिका पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने लिखी थी।
- लेखक ने पुस्तक को अपने माता-पिता इंद्रजीत कौर और ज्ञानी गुरदित सिंह को समर्पित किया है।
FAQ Section:
- रूपिंदर सिंह की नई किताब का नाम क्या है?
किताब का नाम ‘Gurdwaras: Abodes of the Guru’ है। - किताब में कितने ऐतिहासिक गुरुद्वारों को शामिल किया गया है?
पुस्तक में भारत और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के 51 ऐतिहासिक गुरुद्वारों को शामिल किया गया है। - किताब तैयार करने में कितना समय लगा?
रूपिंदर सिंह के अनुसार, पुस्तक को तैयार करने में करीब पांच साल लगे। - क्या किताब में सिख धर्म के पांच तख्तों का उल्लेख है?
हां, पुस्तक में श्री अकाल तख्त साहिब, तख्त श्री केसगढ़ साहिब, तख्त श्री दमदमा साहिब, तख्त श्री पटना साहिब और तख्त श्री हजूर साहिब का विस्तृत विवरण दिया गया है। - पुस्तक की भूमिका किसने लिखी थी?
पुस्तक का फोरवर्ड पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने लिखा था। - रूपिंदर सिंह ने यह पुस्तक किसे समर्पित की है?
उन्होंने पुस्तक को अपने माता-पिता इंद्रजीत कौर और प्रसिद्ध सिख विद्वान ज्ञानी गुरदित सिंह को समर्पित किया है।
Conclusion:
‘Gurdwaras: Abodes of the Guru’ सिख धर्म के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की विरासत को दस्तावेज के रूप में सामने लाने वाली पुस्तक है। इसमें गुरुद्वारों की वास्तुकला और धार्मिक महत्व के साथ उनसे जुड़ी संगत, परंपराओं और इतिहास को भी स्थान दिया गया है। भारत से लेकर एशिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और अन्य क्षेत्रों तक फैले सिख धार्मिक स्थलों को एक पुस्तक में समेटने का यह प्रयास सिख विरासत को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
