मनीषा मौत मामले में CBI की क्लोजर रिपोर्ट, जांच में कीटनाशक सेवन से आत्महत्या का निष्कर्ष

भिवानी की 18 वर्षीय मनीषा की मौत को लेकर CBI ने पेश की रिपोर्ट, परिवार 27 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई से पहले दाखिल कर सकता है प्रोटेस्ट पिटीशन

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भिवानी की मनीषा मौत मामले में CBI ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते हुए निष्कर्ष दिया है कि 18 वर्षीय युवती की मौत ऑर्गेनोफॉस्फोरस कीटनाशक के सेवन से आत्महत्या के कारण हुई। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी।

हरियाणा के भिवानी की 18 वर्षीय मनीषा की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है। एजेंसी की जांच के मुताबिक मनीषा ने ऑर्गेनोफॉस्फोरस कीटनाशक का सेवन किया था और उसकी मौत आत्महत्या के कारण हुई।

CBI ने शुक्रवार को मामले में क्लोजर रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश की। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को निर्धारित है। परिवार के पास इस रिपोर्ट को चुनौती देने के लिए प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल करने का विकल्प मौजूद है।

घर से स्कूल के लिए निकली थी मनीषा

मनीषा भिवानी जिले के धानी लक्ष्मण गांव की रहने वाली थी। 11 अगस्त 2025 को वह सुबह करीब 8 बजे सिंहानी स्थित किड्स प्ले स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी।

परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और रिश्तेदारों से भी संपर्क किया, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। मनीषा के पिता संजय कुमार की शिकायत पर पुलिस ने 12 अगस्त 2025 को लोहारू थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गलत तरीके से बंधक बनाए जाने के आरोप में FIR दर्ज की थी।

नहर के पास खेत में मिला था शव

मनीषा का शव अगले दिन सिंहानी गांव में नहर के पास एक खेत में मिला था। उसके गले पर चोट के निशान पाए गए थे। इसके बाद मामले में BNS की धारा 103(1), जो हत्या से संबंधित है, जोड़ दी गई थी।

परिवार की मांग पर मनीषा के शव का तीन बार पोस्टमार्टम कराया गया। पहला पोस्टमार्टम भिवानी में, दूसरा PGI रोहतक में और तीसरा AIIMS दिल्ली में किया गया।

विरोध के बाद CBI को सौंपी गई जांच

मनीषा की मौत को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 20 अगस्त 2025 को मामले की CBI जांच की घोषणा की थी। इसके अगले दिन मनीषा का अंतिम संस्कार किया गया।

CBI की दिल्ली इकाई ने 5 सितंबर 2025 को इस मामले में नियमित केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।

CBI की जांच में क्या सामने आया?

CBI की जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने पाया कि मनीषा मानसिक रूप से परेशान थी। वह नर्सिंग कोर्स करना चाहती थी, लेकिन दाखिला नहीं मिलने से निराश थी। जांच में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर परिवार के कुछ सदस्य उसे ताने देते थे।

मनीषा ने 10+2 तक पढ़ाई की थी।

कीटनाशक खरीदने का भी मिला रिकॉर्ड

जांच के दौरान CBI को कथित तौर पर यह जानकारी मिली कि मनीषा ने खुद देवेंद्र खाद बीज भंडार से ऑर्गेनोफॉस्फोरस कीटनाशक खरीदा था। एजेंसी को इसकी बिक्री की रसीद भी मिली।

CBI ने अलग-अलग अस्पतालों के विशेषज्ञ डॉक्टरों से गठित मल्टी-स्पेशलिटी मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को भी अपनी जांच का हिस्सा बनाया।

मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन का भी लिया सहारा

CBI ने मनीषा की मानसिक स्थिति के मनोवैज्ञानिक आकलन को भी जांच में शामिल किया। इस आकलन में उसके अवसाद से जूझने के संकेत मिलने की बात सामने आई।

इन मेडिकल और मनोवैज्ञानिक निष्कर्षों के आधार पर CBI ने उसकी मौत को आत्महत्या माना और मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की।

Key Highlights:

  • CBI ने भिवानी की मनीषा मौत मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की।
  • जांच एजेंसी ने मौत का कारण ऑर्गेनोफॉस्फोरस कीटनाशक का सेवन बताया।
  • CBI के अनुसार मनीषा की मौत आत्महत्या से हुई।
  • मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी।
  • परिवार क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल कर सकता है।
  • मनीषा 11 अगस्त 2025 को स्कूल में पढ़ाने के लिए घर से निकली थी।
  • अगले दिन सिंहानी गांव में नहर के पास उसका शव मिला था।
  • परिवार की मांग पर तीन पोस्टमार्टम कराए गए थे।
  • 20 अगस्त 2025 को CBI जांच की घोषणा की गई थी।
  • CBI ने 5 सितंबर 2025 को नियमित केस दर्ज किया था।
  • जांच में नर्सिंग में दाखिला नहीं मिलने और कथित पारिवारिक तानों से उसके मानसिक रूप से परेशान होने की बात सामने आई।
  • एजेंसी को कीटनाशक खरीदने की कथित बिक्री रसीद भी मिली।

FAQ Section:

मनीषा मौत मामले में CBI ने क्या निष्कर्ष दिया?

CBI ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में निष्कर्ष दिया कि मनीषा की मौत ऑर्गेनोफॉस्फोरस कीटनाशक के सेवन से आत्महत्या के कारण हुई।

मनीषा का शव कहां मिला था?

मनीषा का शव सिंहानी गांव में नहर के पास एक खेत में मिला था।

मनीषा के शव का कितनी बार पोस्टमार्टम हुआ?

परिवार की मांग के बाद मनीषा का तीन बार पोस्टमार्टम कराया गया था। ये भिवानी, PGI रोहतक और AIIMS दिल्ली में हुए।

मामले की CBI जांच क्यों शुरू हुई?

मनीषा की मौत के बाद हुए विरोध-प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 20 अगस्त 2025 को CBI जांच की घोषणा की थी।

क्या परिवार CBI की क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती दे सकता है?

हां, परिवार के पास क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ अदालत में प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल करने का विकल्प है।

मामले की अगली सुनवाई कब है?

मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को निर्धारित है।

Conclusion:

भिवानी की मनीषा मौत मामले में CBI की क्लोजर रिपोर्ट ने लंबे समय से चले आ रहे जांच विवाद में एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने रखा है। एजेंसी ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट, मनोवैज्ञानिक आकलन और कीटनाशक की कथित खरीद से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर मौत को आत्महत्या माना है। हालांकि, परिवार को क्लोजर रिपोर्ट पर आपत्ति होने की स्थिति में अदालत में प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल करने का कानूनी विकल्प उपलब्ध है। मामले में अब 27 अगस्त की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।

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Edited By: Atul Sharma

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