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हरियाणा रंगोत्सव में दिखी प्रदेश की लोक संस्कृति की रंगीन झलक, BPSMV में दो दिवसीय आयोजन संपन्न
खानपुर कलां में लोकगीत, नृत्य, पारंपरिक कला और सांस्कृतिक विरासत से रूबरू हुए विद्यार्थी, युवाओं को जड़ों से जुड़ने का संदेश
भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां में आयोजित दो दिवसीय हरियाणा रंगोत्सव लोक कला और सांस्कृतिक विरासत के रंगों से सराबोर रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रदेश की लोक परंपराओं से जुड़ने और उन्हें आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
BPSMV में दो दिवसीय हरियाणा रंगोत्सव का समापन
भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय (BPSMV), खानपुर कलां में आयोजित दो दिवसीय हरियाणा रंगोत्सव का उत्साहपूर्ण समापन हुआ। कार्यक्रम के दौरान हरियाणा की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और विभिन्न कलात्मक विधाओं की झलक देखने को मिली।
इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की लोक कला, संस्कृति, परंपराओं और विरासत को बढ़ावा देना तथा युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना रहा।कई संस्थाओं ने मिलकर आयोजित किया कार्यक्रम
हरियाणा रंगोत्सव का आयोजन BPSMV के निदेशालय विद्यार्थी कल्याण की ओर से हरियाणा कला परिषद, रोहतक मंडल और धर्मपुत्र कला मंच, गोहाना के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को लोक संस्कृति से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें अपनी रचनात्मक प्रतिभा को मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर भी मिला।
कुलपति प्रोफेसर सुदेश की अध्यक्षता में हुआ आयोजन
कार्यक्रम की अध्यक्षता BPSMV की कुलपति प्रोफेसर सुदेश ने की। उद्घाटन सत्र में पद्मश्री डॉ. संतराम देशवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
वहीं, समापन समारोह में प्रसिद्ध हरियाणवी गायक और हरियाणा कला परिषद, रोहतक मंडल के सहायक निदेशक गगन हरियाणवी मौजूद रहे।
लोक संस्कृति को बताया हरियाणा की पहचान
कुलपति प्रोफेसर सुदेश ने अपने संदेश में कहा कि हरियाणा की लोक कला, संस्कृति और परंपराएं प्रदेश की सामूहिक पहचान और गौरव का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक वाद्य यंत्र और स्थानीय कला शैलियां हरियाणा की मिट्टी की खुशबू को दर्शाती हैं। इनके माध्यम से प्रदेश के लोगों के जीवन, परंपराओं और सामाजिक परिवेश की वास्तविक झलक मिलती है।
आधुनिकीकरण के दौर में संस्कृति से जुड़ने पर जोर
प्रोफेसर सुदेश ने कहा कि तेजी से बदलते और आधुनिक होते दौर में अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने को सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
उन्होंने युवाओं से अपनी लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को समझने तथा उसके संरक्षण में योगदान देने का आह्वान किया।
लोक कलाकार विरासत के वाहक: डॉ. संतराम देशवाल
पद्मश्री डॉ. संतराम देशवाल ने हरियाणा की लोक संस्कृति की लंबे समय से चली आ रही परंपरा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लोक कलाएं लोगों के जीवन, संघर्ष, उत्सव और सामाजिक मूल्यों को अभिव्यक्त करती हैं।
उन्होंने लोक कलाकारों को इस सांस्कृतिक विरासत के संरक्षक और वाहक बताया तथा युवाओं को लोक परंपराओं से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
युवाओं को प्रतिभा दिखाने का मंच देता है रंगोत्सव
गगन हरियाणवी ने कहा कि हरियाणा रंगोत्सव जैसे आयोजन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की विरासत को जीवंत बनाए रखने का माध्यम भी हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे मंच युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें अपनी रचनात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित करने और निखारने का अवसर प्रदान करते हैं।
Key Highlights:
• BPSMV खानपुर कलां में दो दिवसीय हरियाणा रंगोत्सव का समापन हुआ।
• आयोजन में हरियाणा की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं को प्रमुखता दी गई।
• BPSMV ने हरियाणा कला परिषद और धर्मपुत्र कला मंच के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया।
• पद्मश्री डॉ. संतराम देशवाल उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि रहे।
• गगन हरियाणवी समापन समारोह में शामिल हुए।
• विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का संदेश दिया गया।
• लोक कलाकारों को हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण वाहक बताया गया।
FAQ Section:
हरियाणा रंगोत्सव कहां आयोजित किया गया?
दो दिवसीय हरियाणा रंगोत्सव भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां में आयोजित किया गया।
हरियाणा रंगोत्सव का उद्देश्य क्या था?
इसका उद्देश्य हरियाणा की लोक कला, संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना तथा युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ना था।
कार्यक्रम का आयोजन किन संस्थाओं ने किया?
कार्यक्रम BPSMV के निदेशालय विद्यार्थी कल्याण ने हरियाणा कला परिषद, रोहतक मंडल और धर्मपुत्र कला मंच, गोहाना के सहयोग से आयोजित किया।
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि कौन थे?
उद्घाटन सत्र में पद्मश्री डॉ. संतराम देशवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
समापन समारोह में कौन शामिल हुए?
प्रसिद्ध हरियाणवी गायक और हरियाणा कला परिषद, रोहतक मंडल के सहायक निदेशक गगन हरियाणवी समापन समारोह में मौजूद रहे।
लोक संस्कृति को लेकर क्या संदेश दिया गया?
कार्यक्रम में युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने और हरियाणा की लोक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
Conclusion:
खानपुर कलां में आयोजित हरियाणा रंगोत्सव ने प्रदेश की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं को मंच प्रदान किया। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने और उससे जुड़ने का अवसर मिला। वक्ताओं ने लोक कलाकारों की भूमिका को रेखांकित करते हुए हरियाणा की समृद्ध परंपराओं को भविष्य की पीढ़ियों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

