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करनाल के ग्रामीण स्कूलों तक पहुंचा ‘मेरा भविष्य, मेरा निर्णय’ अभियान, IAS अधिकारियों ने छात्रों से की सीधी बातचीत
इंद्री के सरकारी स्कूल में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर दी गई मार्गदर्शन की जानकारी
करनाल जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ‘मेरा भविष्य, मेरा निर्णय’ पहल अब ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों तक पहुंच गई है। IAS अधिकारियों ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें करियर चयन, लक्ष्य निर्धारण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर मार्गदर्शन दिया।
ग्रामीण छात्रों तक पहुंची करियर काउंसलिंग पहल
करनाल जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से शुरू की गई करियर काउंसलिंग पहल ‘मेरा भविष्य, मेरा निर्णय’ के तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को करियर संबंधी मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
इस अभियान का उद्देश्य छात्रों को उनकी रुचि, क्षमता और भविष्य की संभावनाओं के आधार पर करियर को लेकर सही दिशा देने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना है।तीन IAS अधिकारियों ने छात्रों से किया संवाद
कार्यक्रम के तहत करनाल के डिप्टी कमिश्नर डॉ. आनंद कुमार शर्मा, करनाल नगर निगम की कमिश्नर सलोनी शर्मा और अतिरिक्त उपायुक्त राहुल रैया ने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों से बातचीत की।
अधिकारियों ने छात्रों की शिक्षा, करियर विकल्प और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवाल सुने तथा उनके साथ खुलकर चर्चा की।
इंद्री के सरकारी स्कूल में आयोजित हुआ काउंसलिंग सत्र
मंगलवार को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, इंद्री में करियर काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान छात्राओं ने अलग-अलग करियर विकल्पों को लेकर अधिकारियों से सवाल किए।
अधिकारियों ने विद्यार्थियों को अपनी रुचियों और क्षमताओं को पहचानने, स्पष्ट लक्ष्य तय करने और उसे हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
मेडिकल क्षेत्र में छात्राओं की खास रुचि
सत्र के दौरान छात्राओं ने मेडिकल क्षेत्र को लेकर विशेष रुचि दिखाई। छात्राओं की दिलचस्पी को देखते हुए डिप्टी कमिश्नर डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने इस महीने काल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, करनाल का शैक्षणिक भ्रमण कराने की घोषणा की।
इस दौरे के दौरान विद्यार्थियों को मेडिकल क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों, चिकित्सा शिक्षा और अस्पताल की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी जाएगी।
बिना दबाव करियर चुनने की सलाह
डिप्टी कमिश्नर डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में स्पष्ट लक्ष्य होना जरूरी है। उन्होंने करियर काउंसलिंग को छात्रों को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे परिवार या सामाजिक दबाव में आकर करियर का चुनाव न करें। करियर चुनते समय अपनी रुचि, क्षमता और योग्यता को ध्यान में रखें और जरूरत पड़ने पर माता-पिता से मार्गदर्शन लें।
मेहनत और अनुशासन को बताया सफलता की कुंजी
नगर निगम कमिश्नर सलोनी शर्मा ने कक्षा 10 को विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण चरण बताया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए मेहनत, आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर प्रयास के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने छात्रों से कहा कि विषय और करियर का चयन उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार होना चाहिए, न कि केवल सामाजिक अपेक्षाओं या पारिवारिक दबाव के आधार पर।
Key Highlights:
• ‘मेरा भविष्य, मेरा निर्णय’ करियर काउंसलिंग पहल ग्रामीण स्कूलों तक पहुंची।
• करनाल के इंद्री स्थित सरकारी कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सत्र आयोजित हुआ।
• कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों ने अधिकारियों से सीधे संवाद किया।
• तीन IAS अधिकारियों ने छात्रों के सवालों और चिंताओं पर चर्चा की।
• छात्राओं ने मेडिकल क्षेत्र में विशेष रुचि दिखाई।
• छात्रों के लिए काल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के शैक्षणिक भ्रमण की घोषणा की गई।
• विद्यार्थियों को रुचि और क्षमता के अनुसार करियर चुनने की सलाह दी गई।
FAQ Section:
‘मेरा भविष्य, मेरा निर्णय’ अभियान क्या है?
यह जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की करियर काउंसलिंग पहल है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा, करियर विकल्प और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
करियर काउंसलिंग कार्यक्रम में किन कक्षाओं के छात्र शामिल हुए?
कार्यक्रम में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम कहां आयोजित किया गया?
करियर काउंसलिंग सत्र राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, इंद्री में आयोजित किया गया।
छात्रों की किस क्षेत्र में विशेष रुचि सामने आई?
सत्र के दौरान छात्राओं ने मेडिकल क्षेत्र में विशेष रुचि दिखाई।
मेडिकल कॉलेज के दौरे में छात्रों को क्या जानकारी मिलेगी?
छात्रों को चिकित्सा शिक्षा, मेडिकल क्षेत्र में करियर के अवसरों और अस्पताल की कार्यप्रणाली से परिचित कराया जाएगा।
विद्यार्थियों को करियर चुनते समय क्या सलाह दी गई?
उन्हें अपनी रुचि, क्षमता और योग्यता को ध्यान में रखते हुए करियर चुनने तथा सामाजिक या पारिवारिक दबाव से बचने की सलाह दी गई।
Conclusion:
‘मेरा भविष्य, मेरा निर्णय’ पहल के माध्यम से करनाल प्रशासन और शिक्षा विभाग विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर ही करियर संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के संवाद से छात्रों को विभिन्न करियर विकल्पों को समझने और अपनी रुचि के अनुसार भविष्य की योजना बनाने में मदद मिल सकती है। इंद्री की छात्राओं के लिए मेडिकल कॉलेज का प्रस्तावित शैक्षणिक भ्रमण भी उन्हें इस क्षेत्र की शिक्षा और संभावित करियर विकल्पों को करीब से समझने का अवसर देगा।
