Karnal में एलपीजी सिलेंडरों की भारी कमी के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर की कई गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही ग्राहकों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
लोग खाली सिलेंडर और बुकिंग कॉपी लेकर घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, इस उम्मीद में कि उन्हें रिफिल मिल जाएगा। कई निवासियों ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन सीमित आपूर्ति के कारण सिलेंडर नहीं मिल पा रहा।
स्थानीय निवासी Deepak Kumar ने बताया कि वह हर दिन घंटों कतार में खड़े रहते हैं। उन्होंने कहा,
“मैं शुक्रवार को देर शाम तक इंतजार करता रहा, लेकिन सिलेंडर का स्टॉक खत्म हो गया और मुझे बिना रिफिल के घर लौटना पड़ा।”
निवासियों का कहना है कि गैस सिलेंडर लेने के लिए उन्हें अपना काम छोड़कर लाइन में लगना पड़ रहा है। कई दिहाड़ी मजदूरों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस स्थिति से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है।
एक अन्य ग्राहक Babu Ram ने कहा,
“हमें गैस के लिए लाइन में खड़े होने के कारण काम छोड़ना पड़ रहा है।”
ग्राहकों ने ऑनलाइन बुकिंग में भी परेशानी की शिकायत की है। उनका कहना है कि कभी सिस्टम काम नहीं करता या फिर बुकिंग समय पर प्रोसेस नहीं होती।
इस कमी का असर स्थानीय ढाबों और खाने-पीने के ठिकानों पर भी पड़ा है, जो खाना बनाने के लिए मुख्य रूप से कमर्शियल एलपीजी पर निर्भर रहते हैं। कई ढाबा मालिकों ने बताया कि उन्होंने फिलहाल डीजल से चलने वाली भट्ठियों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।
एक ढाबा मालिक Monty ने कहा,
“हम ग्राहकों को सेवा देना बंद नहीं कर सकते। गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे, इसलिए हमने डीजल भट्ठियों का इस्तेमाल शुरू किया है। यह महंगा और असुविधाजनक है, लेकिन हमारे पास कोई और विकल्प नहीं है।”
बढ़ती शिकायतों के बीच Mukesh Kumar, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, ने पेट्रोलियम डीलरों और एलपीजी एजेंसी धारकों के साथ बैठक की और उन्हें रोजाना स्टॉक की जानकारी विभाग को देने के निर्देश दिए।
एजेंसियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए उपभोक्ताओं को केवल ई-केवाईसी सत्यापन के बाद ही सिलेंडर दिया जाए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही स्वीकार की जाएगी और बिना वैध बुकिंग के कोई सिलेंडर जारी नहीं किया जाएगा।
केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार, फिलहाल कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर केवल स्वास्थ्य और शैक्षणिक संस्थानों को ही उपलब्ध कराए जाएंगे।
साथ ही पेट्रोल पंप मालिकों को पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारु रखने और अधिक कीमत न वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ Essential Commodities Act, 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
