हरियाणा में बीपीएल राशन कार्डों की संख्या में आए उतार-चढ़ाव को लेकर Indian National Congress ने Bharatiya Janata Party सरकार पर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि सरकार ने चुनाव से पहले वोट हासिल करने के लिए बीपीएल कार्ड जारी किए और बाद में उन्हें रद्द कर दिया।
मार्च 2024 में Haryana में कुल 44.9 लाख राशन कार्ड थे, जिनमें 41.97 लाख बीपीएल कार्ड और बाकी Antyodaya Anna Yojana (AAY) कार्ड थे। अगले महीने इसमें केवल 152 बीपीएल कार्डों की मामूली बढ़ोतरी हुई।
मई 2024 में हालांकि बीपीएल और एएवाई कार्डों की संख्या बढ़कर 46.25 लाख हो गई, जिसमें 1.36 लाख बीपीएल कार्डों की वृद्धि दर्ज की गई। इसी महीने 25 मई को हरियाणा में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ था।
इसके बाद राज्य अक्टूबर 2024 में होने वाले विधानसभा चुनावों की ओर बढ़ रहा था। उस समय भाजपा 10 साल की सत्ता के बाद एंटी-इंकंबेंसी का सामना कर रही थी। इसी दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री Manohar Lal Khattar को केंद्र में भेज दिया गया और उनकी जगह Nayab Singh Saini को मुख्यमंत्री बनाया गया।
चुनाव तक राशन कार्डों की संख्या बढ़ती रही। अक्टूबर 2024 तक बीपीएल और एएवाई कार्डों की संख्या 52 लाख हो गई, जो पहले की तुलना में 7.11 लाख (करीब 15.8 प्रतिशत) अधिक थी। इस दौरान बीपीएल कार्ड 41.97 लाख से बढ़कर 49.08 लाख हो गए, जबकि एएवाई कार्डों में मामूली बदलाव हुआ।
चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस को 0.85 प्रतिशत के मामूली अंतर से हराया और Nayab Singh Saini ने 17 अक्टूबर 2024 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
चुनाव के बाद लाभार्थियों की संख्या में गिरावट
नवंबर 2024 से बीपीएल और एएवाई कार्डों की संख्या में कमी शुरू हो गई। विधानसभा में Kaithal के कांग्रेस विधायक Aditya Surjewala के प्रश्न के उत्तर में सरकार ने बताया कि जनवरी 2025 के अंत तक इन कार्डों की कुल संख्या 39.88 लाख रह गई, जो अक्टूबर 2024 के आंकड़े से 12.13 लाख कम है।
केवल बीपीएल कार्डों की संख्या ही 12.14 लाख घट गई, यानी लगभग 24 प्रतिशत की गिरावट हुई। दूसरी ओर एएवाई कार्डों में मामूली बढ़ोतरी (899) दर्ज की गई।
सरकार ने विधानसभा को बताया कि पहले सभी राशन कार्ड सेवाएं SARAL Portal के माध्यम से दी जाती थीं। लेकिन जनवरी 2023 में Parivar Pehchan Patra (PPP) डेटाबेस को पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) से जोड़ने के बाद बीपीएल और एएवाई कार्ड बनाने की प्रक्रिया सरल कर दी गई।
अब आवेदकों को अलग से बीपीएल या एएवाई कार्ड के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं होती। PPP डेटाबेस के आधार पर, वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक होने पर कार्ड अपने-आप तैयार हो जाता है।

