- Hindi News
- अंतर्राष्ट्रीय
- हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत डूबा, अमेरिकी पनडुब्बी के टॉरपीडो हमले की पुष्टि
हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत डूबा, अमेरिकी पनडुब्बी के टॉरपीडो हमले की पुष्टि
श्रीलंका के गाले तट के पास हमला; 140 नाविक लापता, 32 को श्रीलंकाई नौसेना ने बचाया
अमेरिका के रक्षा मंत्री ने पुष्टि की है कि अमेरिकी पनडुब्बी के टॉरपीडो हमले में ईरान का युद्धपोत IRIS Dena हिंद महासागर में डूब गया। यह हमला श्रीलंका के तट के पास हुआ, जिससे अमेरिका-ईरान-इज़राइल संघर्ष का दायरा भारतीय तट के करीब तक पहुंच गया है।
अमेरिका के रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने बुधवार को पुष्टि की कि अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो दागकर ईरान की नौसेना के युद्धपोत IRIS Dena को हिंद महासागर में डुबो दिया।
यह हमला Indian Ocean में Sri Lanka के पश्चिम में हुआ। इस घटना के बाद अमेरिका-ईरान-इज़राइल के बीच जारी तनाव अब भारत के समुद्री क्षेत्र के करीब तक पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि हमला ईरान से लगभग 4000 किलोमीटर दूर हुआ, जिससे युद्ध का दायरा काफी बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार, ईरानी युद्धपोत IRIS Dena भारत में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास Exercise Milan में भाग लेने के बाद वापस लौट रहा था। यह अभ्यास Visakhapatnam में आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 74 देशों की नौसेनाओं ने हिस्सा लिया था।
हमले के समय जहाज पर करीब 140 नाविक सवार थे, जो फिलहाल लापता बताए जा रहे हैं। श्रीलंका की नौसेना ने जहाज से आए आपातकालीन संदेश के बाद राहत अभियान शुरू किया और अब तक 32 नाविकों को बचाया गया है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि एक ईरानी युद्धपोत, जिसे लगा कि वह अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में सुरक्षित है, उसे अमेरिकी पनडुब्बी के टॉरपीडो से डुबो दिया गया। हालांकि उन्होंने आधिकारिक बयान में जहाज का नाम नहीं बताया।
दूसरी ओर, श्रीलंका की नौसेना ने बताया कि आपातकालीन संदेश IRIS Dena से आया था, जब जहाज गाले शहर से लगभग 40 किलोमीटर पश्चिम में था।
इससे पहले 16 फरवरी को यह जहाज विशाखापत्तनम बंदरगाह पर आयोजित Exercise Milan में शामिल हुआ था, जहां ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, रूस समेत कई देशों के युद्धपोत मौजूद थे।
इसी दौरान ईरान के नौसेना प्रमुख Shahram Irani ने भारत के नौसेना प्रमुख से मुलाकात कर समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा भी की थी। इस अभ्यास का थीम “United through Oceans” रखा गया था।
ध्यान देने वाली बात यह है कि अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत USS Pinckney भी इस अभ्यास में शामिल होने वाला था, लेकिन 15 फरवरी को उसे सिंगापुर की ओर मोड़ दिया गया और अमेरिका ने इस अभ्यास में अपना जहाज नहीं भेजा।
यह नौसैनिक अभ्यास 25 फरवरी को समाप्त हुआ था। इसके तीन दिन बाद, 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल ने Operation Epic Fury शुरू किया।
बुधवार सुबह स्थानीय समयानुसार करीब 5:08 बजे IRIS Dena ने संकट संदेश भेजा था। इसके बाद श्रीलंका की सरकार ने राहत अभियान शुरू किया।
श्रीलंका के विदेश मंत्री Vijitha Herath ने संसद को बताया कि बचाव अभियान के लिए दो नौसैनिक जहाज और एक विमान भेजा गया। बचाए गए नाविकों को गाले के करापिटिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
फिलहाल बचाव और जांच अभियान जारी है, जबकि इस घटना ने हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
