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मोही गांव से शुरू हुआ जिला स्तरीय ‘एंटी-मलेरिया माह’ अभियान, डेंगू-चिकनगुनिया से बचाव पर जोर
मानसून से पहले स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, लोगों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने की अपील
मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए जिला स्तरीय ‘एंटी-मलेरिया माह’ अभियान की शुरुआत मोही गांव से की गई। स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाकर लोगों को बचाव के उपायों की जानकारी देगा।
मोही गांव से एंटी-मलेरिया माह अभियान का शुभारंभ
मानसून सीजन से पहले मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्तरीय ‘एंटी-मलेरिया माह’ अभियान की शुरुआत मोही गांव से की है।
इस अभियान के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोगों को मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया जा सके।
मच्छरों की रोकथाम पर विशेष फोकस
मानसून से पहले सावधानी बेहद जरूरी
सिविल सर्जन Dr Ramandeep Kaur ने कहा कि मानसून शुरू होने से पहले मच्छरों के प्रजनन को रोकना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही मच्छर कई गंभीर बीमारियों के फैलाव का कारण बनते हैं।उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों, स्कूलों, कार्यालयों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखें तथा कहीं भी पानी जमा न होने दें।
मलेरिया के प्रमुख लक्षण क्या हैं?
लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच
डॉ. रामनदीप कौर ने बताया कि मलेरिया के प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:
- तेज बुखार
- ठंड लगना और कंपकंपी
- सिरदर्द
- शरीर में दर्द
- कमजोरी
- उल्टी
- अत्यधिक पसीना आना
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति में ये लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच और चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
सरकारी अस्पतालों में मुफ्त जांच और उपचार
स्वास्थ्य विभाग ने दी जानकारी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मलेरिया की जांच और उपचार की सुविधा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर जांच करवाएं।
सप्ताह में एक दिन ‘ड्राई डे’ मनाने की अपील
पानी जमा होने वाले स्थानों की करें सफाई
डॉ. कौर ने नागरिकों से सप्ताह में एक बार ‘ड्राई डे’ मनाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि इस दिन लोग:
- कूलर खाली करें और साफ करें
- फूलदानों का पानी बदलें
- फ्रिज की ट्रे साफ करें
- पानी के बर्तनों को धोएं
- पानी जमा होने वाले अन्य स्थानों की सफाई करें
इससे मच्छरों के पनपने की संभावना काफी कम हो जाएगी।
पानी की टंकियों को ढककर रखने की सलाह
छोटी लापरवाही बन सकती है बीमारी का कारण
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि सभी पानी की टंकियों, ड्रमों और अन्य जल भंडारण पात्रों को हमेशा ढककर रखें।
खुले बर्तनों में जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का प्रमुख स्रोत बन सकता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का खतरा बढ़ जाता है।
Key Highlights:
- मोही गांव से जिला स्तरीय ‘एंटी-मलेरिया माह’ अभियान शुरू
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम
- मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव पर जोर
- लोगों से पानी जमा न होने देने की अपील
- सरकारी अस्पतालों में मुफ्त जांच और इलाज उपलब्ध
- सप्ताह में एक दिन ‘ड्राई डे’ मनाने की सलाह
- स्वास्थ्य विभाग ने मानसून से पहले सतर्क रहने को कहा
FAQ Section:
Q1. एंटी-मलेरिया माह अभियान की शुरुआत कहां से हुई?
इस अभियान की शुरुआत मोही गांव से की गई है।
Q2. अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम और जागरूकता फैलाना।
Q3. मलेरिया के प्रमुख लक्षण क्या हैं?
तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, शरीर दर्द, कमजोरी, उल्टी और अत्यधिक पसीना आना।
Q4. क्या सरकारी अस्पतालों में मलेरिया की जांच मुफ्त है?
हाँ, सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मलेरिया की जांच और उपचार निशुल्क उपलब्ध है।
Q5. ‘ड्राई डे’ क्या है?
सप्ताह में एक दिन घर और आसपास जमा पानी को खाली कर साफ करने की प्रक्रिया, जिससे मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके।
Conclusion:
मानसून के आगमन से पहले शुरू किया गया ‘एंटी-मलेरिया माह’ अभियान मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। स्वास्थ्य विभाग की जागरूकता मुहिम और लोगों की भागीदारी से मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसे रोगों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

