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मानसून से पहले सरकार सतर्क: गिद्दड़पिंडी रेलवे पुल के नीचे सिल्ट हटाने के काम में तेजी लाने के निर्देश
जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने अधिकारियों को बढ़ाने को कहा टिपर ट्रकों की संख्या, सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने जताई बाढ़ का खतरा
पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने गिद्दड़पिंडी रेलवे पुल के नीचे जमा सिल्ट हटाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मानसून से पहले बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए विभाग को अतिरिक्त संसाधन लगाने और काम जल्द पूरा करने को कहा गया है।
मानसून से पहले गिद्दड़पिंडी रेलवे पुल पर बढ़ी चिंता
पंजाब सरकार ने आगामी मानसून सीजन को देखते हुए सतलुज नदी क्षेत्र में बाढ़ से बचाव के इंतजाम तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में पंजाब के जल संसाधन मंत्री Barinder Kumar Goyal ने गिद्दड़पिंडी रेलवे पुल के नीचे जमा सिल्ट (गाद) हटाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने गांव सीचेवाल में चल रहे खेल महोत्सव में शामिल होने के बाद निर्मल कुटिया में ड्रेनेज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
टिपर ट्रकों की संख्या बढ़ाने का आदेश
बैठक के दौरान मंत्री ने ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सिल्ट हटाने के कार्य में लगी मशीनरी और टिपर ट्रकों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि मानसून से पहले काम पूरा किया जा सके।वर्तमान में पुल के नीचे से गाद हटाने के लिए लगभग 40 टिपर ट्रक लगाए गए हैं, लेकिन अधिकारियों को इसकी गति और बढ़ाने के लिए कहा गया है।
सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने जताई चिंता
16 करोड़ रुपये के सुरक्षा कार्य पर भी मंडरा सकता है खतरा
राज्यसभा सांसद Balbir Singh Seechewal ने बैठक में मंत्री का ध्यान सतलुज नदी के जालंधर क्षेत्र स्थित मंडाला छन्ना गांव के पास बनाए गए सुरक्षा तटबंध की ओर दिलाया।
उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से पत्थर लगाकर (स्टोन पिचिंग) तटबंध को मजबूत किया गया है।
हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नदी के बहाव को क्रीक चैनल के माध्यम से बीच धारा की ओर नहीं मोड़ा गया और रेलवे पुल के नीचे जमा सिल्ट नहीं हटाई गई, तो यह सुरक्षा कार्य भी संभावित बाढ़ के दबाव को झेलने में असफल हो सकता है।
धीमी गति से चल रहा है डी-सिल्टिंग कार्य
मानसून से पहले काम पूरा करने की चुनौती
सीचेवाल ने अधिकारियों को बताया कि रेलवे पुल के नीचे चल रहा डी-सिल्टिंग कार्य बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान रफ्तार बनी रही, तो मानसून शुरू होने से पहले पानी के सुचारू प्रवाह के लिए पर्याप्त मार्ग तैयार करना मुश्किल हो जाएगा।
2023 की बाढ़ का भी किया जिक्र
जुलाई में आई थी अप्रत्याशित तबाही
राज्यसभा सांसद ने वर्ष 2023 की बाढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय विभाग के कई अधिकारियों का मानना था कि पंजाब में बाढ़ का मौसम सामान्यतः अगस्त या सितंबर में आता है।
लेकिन 10-11 जुलाई 2023 की रात आई भीषण बाढ़ ने सभी पुराने अनुमान गलत साबित कर दिए थे और क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ था।
उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि इस बार किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है।
बाढ़ प्रबंधन को लेकर सरकार अलर्ट
समय रहते तैयारियों पर जोर
जल संसाधन विभाग और ड्रेनेज विभाग मानसून से पहले नदी क्षेत्रों की सफाई, जल निकासी और बाढ़ सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि बारिश के मौसम से पहले सभी संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक कार्य पूरे कर लिए जाएं ताकि लोगों को संभावित बाढ़ के खतरे से बचाया जा सके।
Key Highlights:
- गिद्दड़पिंडी रेलवे पुल के नीचे सिल्ट हटाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश
- जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने की समीक्षा बैठक
- ड्रेनेज विभाग को टिपर ट्रकों की संख्या बढ़ाने को कहा गया
- सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने संभावित बाढ़ को लेकर जताई चिंता
- मंडाला छन्ना क्षेत्र में 16 करोड़ रुपये का सुरक्षा कार्य किया गया
- वर्तमान में 40 टिपर ट्रक डी-सिल्टिंग कार्य में लगे
- 2023 की बाढ़ से सबक लेते हुए तैयारियां तेज
FAQ Section:
Q1. गिद्दड़पिंडी रेलवे पुल पर क्या कार्य चल रहा है?
पुल के नीचे जमा सिल्ट (गाद) हटाने का डी-सिल्टिंग कार्य किया जा रहा है।
Q2. सरकार ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए हैं?
सिल्ट हटाने के कार्य में तेजी लाने और अधिक टिपर ट्रक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
Q3. सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने क्या चिंता जताई?
उन्होंने कहा कि यदि सिल्ट नहीं हटाई गई तो मानसून के दौरान बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
Q4. मंडाला छन्ना क्षेत्र में कितना सुरक्षा कार्य हुआ है?
इस क्षेत्र में करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से स्टोन पिचिंग कर तटबंध को मजबूत किया गया है।
Q5. वर्तमान में कितने ट्रक डी-सिल्टिंग कार्य में लगे हैं?
करीब 40 टिपर ट्रक सिल्ट हटाने के काम में लगे हुए हैं।
Conclusion:
मानसून से पहले गिद्दड़पिंडी रेलवे पुल के नीचे जमा सिल्ट हटाने का कार्य पंजाब सरकार की प्राथमिकता बन गया है। 2023 की बाढ़ के अनुभव को देखते हुए प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। समय पर डी-सिल्टिंग और नदी प्रबंधन कार्य पूरा होने से संभावित बाढ़ के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

