13 साल बाद आसाराम को पहली पैरोल, राजस्थान हाईकोर्ट ने 20 दिन की दी राहत

87 वर्षीय आसाराम को उम्रकैद के दौरान पहली बार मिली पैरोल, हाईकोर्ट ने लंबी कैद और शर्तों के पालन को माना राहत का आधार।

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राजस्थान हाईकोर्ट ने दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे 87 वर्षीय आसाराम को 20 दिन की पहली पैरोल मंजूर की है। अदालत ने 13 साल से अधिक समय जेल में बिताने और पहले मिली अंतरिम जमानत के दौरान शर्तों का उल्लंघन नहीं करने को राहत देने का प्रमुख आधार माना।

13 साल बाद आसाराम को पहली पैरोल, राजस्थान हाईकोर्ट से 20 दिन की राहत

दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे 87 वर्षीय आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें 20 दिनों की पहली पैरोल मंजूर कर दी है। यह राहत करीब 13 साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद मिली है।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आसाराम ने लंबी अवधि तक जेल में सजा काटी है और पहले मिली अंतरिम जमानत के दौरान उन्होंने अदालत द्वारा निर्धारित शर्तों का उल्लंघन नहीं किया। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए पैरोल देने का निर्णय लिया गया।


अदालत ने किन आधारों पर दी राहत?

हाईकोर्ट ने पैरोल मंजूर करते समय कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार किया। अदालत के अनुसार—

  • आसाराम 13 वर्ष से अधिक समय से जेल में हैं।
  • उनकी आयु 87 वर्ष है।
  • पहले मिली अंतरिम जमानत के दौरान उन्होंने किसी भी शर्त का उल्लंघन नहीं किया।
  • इन परिस्थितियों को देखते हुए 20 दिन की पहली पैरोल दी गई।

हालांकि, पैरोल के दौरान उन्हें अदालत और संबंधित प्रशासन द्वारा निर्धारित सभी शर्तों का पालन करना होगा।


उम्रकैद की सजा काट रहे हैं आसाराम

आसाराम दुष्कर्म से जुड़े एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। वे पिछले कई वर्षों से जेल में बंद हैं। इस बीच उन्होंने स्वास्थ्य और अन्य आधारों पर विभिन्न अदालतों में राहत की मांग की थी।

अब राजस्थान हाईकोर्ट ने उन्हें सीमित अवधि के लिए पहली पैरोल प्रदान की है।


पैरोल और जमानत में क्या अंतर है?

कई लोग पैरोल और जमानत को एक ही मानते हैं, जबकि दोनों अलग कानूनी व्यवस्थाएं हैं।

पैरोल

  • सजा काट रहे दोषी को सीमित अवधि के लिए अस्थायी रूप से जेल से बाहर रहने की अनुमति।
  • निर्धारित अवधि पूरी होने पर दोबारा जेल लौटना अनिवार्य होता है।
  • यह दोषसिद्धि को समाप्त नहीं करती।

जमानत

  • मुकदमे के दौरान या विशेष परिस्थितियों में हिरासत से अस्थायी राहत।
  • जमानत की प्रकृति और शर्तें संबंधित अदालत तय करती है।

Key Highlights:

  • राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम को 20 दिन की पहली पैरोल दी।
  • करीब 13 साल बाद पहली बार पैरोल की मंजूरी मिली।
  • अदालत ने 13 वर्ष से अधिक जेल में रहने को राहत का आधार माना।
  • अंतरिम जमानत के दौरान शर्तों का उल्लंघन नहीं करने का भी उल्लेख किया गया।
  • पैरोल के दौरान अदालत की सभी शर्तों का पालन करना होगा।

FAQ Section

Q1. आसाराम को कितने दिनों की पैरोल मिली है?

उत्तर: राजस्थान हाईकोर्ट ने उन्हें 20 दिनों की पैरोल मंजूर की है।

Q2. यह उनकी पहली पैरोल है?

उत्तर: हां, जेल में लगभग 13 साल बिताने के बाद उन्हें पहली बार पैरोल मिली है।

Q3. अदालत ने पैरोल किस आधार पर दी?

उत्तर: लंबी जेल अवधि, 87 वर्ष की आयु और अंतरिम जमानत के दौरान शर्तों का पालन अदालत के प्रमुख आधार रहे।

Q4. क्या पैरोल का मतलब सजा खत्म होना है?

उत्तर: नहीं। पैरोल केवल सीमित अवधि के लिए अस्थायी रिहाई होती है। अवधि पूरी होने पर दोषी को वापस जेल जाना होता है।

Q5. क्या पैरोल के दौरान शर्तों का पालन जरूरी होता है?

उत्तर: हां, पैरोल पर रिहा व्यक्ति को अदालत और प्रशासन द्वारा तय सभी शर्तों का पालन करना अनिवार्य होता है।


Conclusion

राजस्थान हाईकोर्ट का यह फैसला कानूनी प्रक्रिया के तहत पैरोल से जुड़े प्रावधानों के अनुरूप आया है। अदालत ने अपने आदेश में लंबी जेल अवधि, उम्र और पूर्व में मिली अंतरिम राहत के दौरान शर्तों के पालन जैसे पहलुओं को महत्व दिया। अब पैरोल अवधि के दौरान आसाराम को निर्धारित सभी कानूनी शर्तों का पालन करना होगा।Untitled design (9).jpg (1)

Edited By: Atul Sharma

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