आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए पंजाब सरकार ने मंजूर किए ₹2.67 करोड़, अब स्थानीय स्तर पर पकाया जाएगा पोषण आहार

राशन की कमी और गुणवत्ता विवाद के बीच बदली व्यवस्था, Poshan Tracker में दर्ज वास्तविक उपस्थिति के आधार पर हर तिमाही बांटा जाएगा अनाज

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राशन की लगातार कमी और भोजन की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच पंजाब सरकार ने 23 जिलों के आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए ₹2.67 करोड़ मंजूर किए हैं। अब रेडी-टू-ईट राशन के बजाय स्थानीय स्तर पर भोजन तैयार किया जाएगा।


चंडीगढ़: पंजाब में आंगनवाड़ी केंद्रों पर पोषण आहार की आपूर्ति को लेकर लंबे समय से चल रही दिक्कतों के बीच राज्य सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम उठाया है। सरकार ने राज्य के 23 जिलों में आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए ₹2.67 करोड़ की राशि मंजूर की है।

नई व्यवस्था के तहत Supplementary Nutrition Programme के अंतर्गत बच्चों को मिलने वाला भोजन अब केंद्रीकृत तरीके से तैयार या रेडी-टू-ईट उत्पाद के रूप में भेजने के बजाय स्थानीय स्तर पर पकाया जाएगा। खाद्यान्न का वितरण आंगनवाड़ी केंद्रों में दर्ज वास्तविक उपस्थिति के आधार पर किया जाएगा।

Poshan Tracker के आंकड़ों से तय होगा राशन

नई व्यवस्था में हर आंगनवाड़ी केंद्र पर बच्चों की वास्तविक उपस्थिति को आधार बनाया जाएगा। Poshan Tracker में दर्ज उपस्थिति के अनुसार हर तीन महीने में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा।

सरकार के अनुसार, भोजन की दैनिक लागत का मानक फिलहाल प्रति बच्चे ₹8 रहेगा। तैयार किए जाने वाले भोजन में करीब 500 कैलोरी और 12 से 15 ग्राम प्रोटीन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

इस बदलाव का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों को नियमित और निर्धारित पोषण मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराना है।

Markfed की आपूर्ति व्यवस्था के बाद बदला सिस्टम

आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण आहार की व्यवस्था में यह बदलाव उस लंबे आपूर्ति संकट के बाद आया है, जो अप्रैल में Markfed का टेंडर निलंबित किए जाने के बाद सामने आया था।

Markfed की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद तैयार या केंद्रीकृत पोषण आहार की आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठे और अब सरकार ने स्थानीय स्तर पर भोजन पकाने की व्यवस्था को अपनाने का फैसला किया है।

भोजन की गुणवत्ता को लेकर उठे थे सवाल

आंगनवाड़ी केंद्रों में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतों ने मामले को और गंभीर बना दिया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जनवरी में सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग (SSWCD) की ओर से भेजे गए एक आंतरिक संचार की जांच कर रहा है।

इस संचार में आंगनवाड़ी केंद्रों को उपलब्ध कराए जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई गई थी। इसमें Markfed द्वारा निजी ठेकेदारों से खाद्य सामग्री लेने का भी उल्लेख था।

आंतरिक संचार में रिफाइंड सोयाबीन तेल से तैयार की गई पंजीरी समेत कुछ खाद्य सामग्री की आपूर्ति को लेकर सवाल उठाए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, लाभार्थियों ने भोजन के स्वाद और बनावट को स्वीकार्य नहीं पाए जाने की शिकायत की थी, जिसके बाद संबंधित उत्पाद की आपूर्ति बंद कर दी गई।

नई व्यवस्था से स्थानीय स्तर पर भोजन तैयार होगा

सरकार की नई व्यवस्था के तहत अब आंगनवाड़ी केंद्रों में भोजन स्थानीय स्तर पर तैयार किया जाएगा। इससे केंद्रीकृत तरीके से तैयार भोजन की आपूर्ति पर निर्भरता कम होगी।

साथ ही, वास्तविक उपस्थिति के आधार पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने से केंद्रों को जरूरत के मुताबिक राशन मिलने की व्यवस्था बनाने का प्रयास किया गया है।

पोषण मानकों पर रहेगा फोकस

नई व्यवस्था में बच्चों को मिलने वाले भोजन की पोषण गुणवत्ता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होगा। सरकार ने भोजन के लिए प्रतिदिन प्रति बच्चे ₹8 का लागत मानक बरकरार रखा है।

भोजन में लगभग 500 कैलोरी और 12-15 ग्राम प्रोटीन उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि Supplementary Nutrition Programme के तहत बच्चों की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा किया जा सके।

Key Highlights:

  • पंजाब सरकार ने 23 जिलों के आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए ₹2.67 करोड़ मंजूर किए।
  • अब पोषण आहार स्थानीय स्तर पर पकाया जाएगा।
  • रेडी-टू-ईट और केंद्रीकृत भोजन की व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
  • हर तिमाही वास्तविक उपस्थिति के आधार पर खाद्यान्न वितरित होगा।
  • उपस्थिति का आधार Poshan Tracker में दर्ज आंकड़े होंगे।
  • भोजन की दैनिक लागत का मानक ₹8 प्रति बच्चा रहेगा।
  • भोजन में करीब 500 कैलोरी और 12-15 ग्राम प्रोटीन का लक्ष्य रखा गया है।
  • अप्रैल में Markfed का टेंडर निलंबित होने के बाद आपूर्ति संकट सामने आया था।
  • भोजन की गुणवत्ता से जुड़े मामले में ED द्वारा विभागीय आंतरिक संचार की जांच की जा रही है।
  • लाभार्थियों की शिकायतों के बाद कुछ खाद्य उत्पादों की आपूर्ति बंद की गई थी।

FAQ Section:

Q. पंजाब सरकार ने आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए कितनी राशि मंजूर की है?
राज्य सरकार ने 23 जिलों के आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए ₹2.67 करोड़ मंजूर किए हैं।

Q. अब आंगनवाड़ी केंद्रों में भोजन कैसे तैयार होगा?
नई व्यवस्था के तहत भोजन स्थानीय स्तर पर पकाया जाएगा। केंद्रीकृत या रेडी-टू-ईट राशन पर निर्भरता कम की जाएगी।

Q. आंगनवाड़ी केंद्रों को खाद्यान्न किस आधार पर मिलेगा?
खाद्यान्न का वितरण Poshan Tracker में दर्ज वास्तविक बच्चों की उपस्थिति के आधार पर हर तिमाही किया जाएगा।

Q. एक बच्चे के भोजन के लिए कितनी राशि निर्धारित है?
दैनिक लागत का मानक ₹8 प्रति बच्चा रखा गया है।

Q. भोजन में कितनी कैलोरी और प्रोटीन देने का लक्ष्य है?
भोजन में लगभग 500 कैलोरी और 12 से 15 ग्राम प्रोटीन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

Q. आंगनवाड़ी राशन व्यवस्था में बदलाव क्यों किया गया?
यह बदलाव राशन की कमी और भोजन की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों तथा Markfed की आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े विवादों के बाद किया गया है।

Conclusion:

पंजाब सरकार ने आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण आहार की आपूर्ति व्यवस्था में बदलाव करते हुए 23 जिलों के लिए ₹2.67 करोड़ की मंजूरी दी है। अब भोजन स्थानीय स्तर पर तैयार करने और वास्तविक उपस्थिति के आधार पर खाद्यान्न वितरित करने की व्यवस्था अपनाई जाएगी। यह बदलाव लंबे समय से चली आ रही आपूर्ति और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के बीच किया गया है। नई व्यवस्था की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि स्थानीय स्तर पर भोजन की गुणवत्ता, नियमितता और निर्धारित पोषण मानकों को किस तरह बनाए रखा जाता है।Screenshot_91

Edited By: Atul Sharma

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