डीबीआरएएनएलयू में ‘दीक्षारंभ 2026’ कार्यक्रम शुरू, अंतरराष्ट्रीय विधि विशेषज्ञों ने छात्रों को दी वैश्विक कानून की जानकारी

नए शैक्षणिक सत्र 2026-31 के विद्यार्थियों का हुआ स्वागत, वैश्विक कानून, सुशासन और लोकतंत्र पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

On

डॉ. बीआर अंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (DBRANLU) में नए विद्यार्थियों के लिए छह दिवसीय ‘दीक्षारंभ’ (स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम) की शुरुआत हुई। उद्घाटन सत्र में अंतरराष्ट्रीय विधि विशेषज्ञों ने वैश्विक कानून, सुशासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों को संबोधित किया।

डीबीआरएएनएलयू में नए छात्रों के लिए ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम का शुभारंभ

डॉ. बीआर अंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (DBRANLU) में शैक्षणिक सत्र 2026-31 के लिए बीए एलएलबी (ऑनर्स) और बीबीए एलएलबी (ऑनर्स) पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले नए विद्यार्थियों के स्वागत हेतु छह दिवसीय ‘दीक्षारंभ’ (स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम) की शुरुआत की गई।

कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) देविंदर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, विधि शिक्षा और पेशेवर जिम्मेदारियों से परिचित कराना है।


अंतरराष्ट्रीय विधि विशेषज्ञों ने किया उद्घाटन सत्र को संबोधित

कार्यक्रम के पहले दिन दो प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय विधि विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को संबोधित किया और उन्हें वैश्विक कानून, सुशासन तथा समकालीन कानूनी चुनौतियों से अवगत कराया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय सहयोग, कानूनी शोध और बदलते वैश्विक परिदृश्य में कानून की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी गई।


AALCO की भूमिका पर योंग झू का व्याख्यान

पहले शैक्षणिक सत्र में एशियन-अफ्रीकन लीगल कंसल्टेटिव ऑर्गेनाइजेशन (AALCO) के उप महासचिव योंग झू मुख्य वक्ता रहे।

उन्होंने संगठन की स्थापना, उद्देश्यों और अंतरराष्ट्रीय कानूनी व्यवस्था को अधिक न्यायसंगत बनाने में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि AALCO विभिन्न कानूनी व्यवस्थाओं वाले देशों के बीच संवाद और सहयोग का प्रभावी मंच है, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनी सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

उन्होंने साइबर स्पेस गवर्नेंस, पर्यावरण कानून और अंतरराष्ट्रीय कानूनी दायित्वों जैसे समकालीन विषयों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को तुलनात्मक कानूनी दृष्टिकोण अपनाने, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को समझने और अपनी पेशेवर एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया।


प्रो. चार्ल्स हैंकला ने लोकतंत्र और स्थानीय शासन पर रखे विचार

कार्यक्रम के दूसरे सत्र को अमेरिका के जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी, अटलांटा के प्रोफेसर (डॉ.) चार्ल्स हैंकला ने संबोधित किया।

उन्होंने जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी और एंड्रयू यंग स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी का परिचय देते हुए भारत में अपने शैक्षणिक अनुभव साझा किए।

अपने संबोधन में उन्होंने भारत की संघीय व्यवस्था, लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण, पंचायती राज प्रणाली और स्थानीय स्वशासन संस्थाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए स्थानीय निकायों को वित्तीय और प्रशासनिक रूप से अधिक सशक्त बनाना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने नीति निर्माण और उसके प्रभावी क्रियान्वयन में शोध आधारित एवं साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।


Key Highlights:

  • डीबीआरएएनएलयू में छह दिवसीय ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम की शुरुआत।
  • बीए एलएलबी (ऑनर्स) और बीबीए एलएलबी (ऑनर्स) के नए विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा।
  • कुलपति प्रो. (डॉ.) देविंदर सिंह की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित।
  • AALCO के उप महासचिव योंग झू ने अंतरराष्ट्रीय कानून पर व्याख्यान दिया।
  • साइबर कानून, पर्यावरण कानून और वैश्विक सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा।
  • प्रो. चार्ल्स हैंकला ने लोकतंत्र, पंचायती राज और स्थानीय शासन पर विचार साझा किए।
  • शोध आधारित नीति निर्माण और पेशेवर जिम्मेदारियों पर विशेष जोर।

FAQ Section

Q1. दीक्षारंभ कार्यक्रम कहां आयोजित किया गया?

यह कार्यक्रम डॉ. बीआर अंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (DBRANLU) में आयोजित किया गया।

Q2. कार्यक्रम कितने दिनों का है?

यह छह दिवसीय स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम है।

Q3. किन पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया?

बीए एलएलबी (ऑनर्स) और बीबीए एलएलबी (ऑनर्स) के नए विद्यार्थियों के लिए।

Q4. उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता कौन थे?

AALCO के उप महासचिव योंग झू और जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रो. (डॉ.) चार्ल्स हैंकला।

Q5. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?

नए विद्यार्थियों को विधि शिक्षा, वैश्विक कानूनी व्यवस्था, विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल और पेशेवर जिम्मेदारियों से परिचित कराना।


Conclusion:

डीबीआरएएनएलयू का ‘दीक्षारंभ 2026’ कार्यक्रम नए विद्यार्थियों के लिए विधि शिक्षा की मजबूत शुरुआत साबित हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को वैश्विक कानून, लोकतांत्रिक व्यवस्था और शोध आधारित सोच विकसित करने का अवसर मिला। ऐसे कार्यक्रम भविष्य के विधि विशेषज्ञों को व्यापक दृष्टिकोण और पेशेवर मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।Screenshot_23

Edited By: Karan Singh

खबरें और भी हैं

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT रिपोर्ट में बड़ी लापरवाही का खुलासा

Advertisement

नवीनतम

Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software