यूपी में फिर सक्रिय होगा मानसून, इस सप्ताहांत से बारिश की वापसी; पूर्वी जिलों से होगी शुरुआत

नया निम्न दबाव क्षेत्र बनेगा बारिश की वजह, पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश फिर पश्चिमी हिस्सों में बढ़ेगी मानसूनी गतिविधि

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उत्तर प्रदेश में कुछ दिनों की राहत के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, नए निम्न दबाव क्षेत्र के बनने से शुक्रवार से पूर्वी यूपी में बारिश शुरू होगी, जो अगले कुछ दिनों में पश्चिमी जिलों तक फैल जाएगी।

उत्तर प्रदेश में मानसून की वापसी, सप्ताहांत से फिर तेज होगी बारिश

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़ा दक्षिण-पश्चिम मानसून अब दोबारा सक्रिय होने की तैयारी में है। लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) के अनुसार, इस सप्ताह नया निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की संभावना है, जिसके प्रभाव से शुक्रवार से राज्य में बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि शुरुआत में बारिश पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों तक सीमित रहेगी, लेकिन रविवार से इसका दायरा बढ़ते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुंच जाएगा।


पूर्वी यूपी से शुरू होगी बारिश

आरएमसी, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, गुरुवार के आसपास नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि—

  • शुक्रवार से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बारिश शुरू हो सकती है।
  • शनिवार से मानसून की गतिविधियां और तेज होंगी।
  • रविवार के बाद बारिश का दायरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक फैलने लगेगा।
  • हालांकि, इस बार बारिश की तीव्रता पिछले सप्ताह की तुलना में कम रहने का अनुमान है।

पिछले दो दिनों में कमजोर रहा मानसून

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो दिनों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश लगभग थम गई।

रविवार सुबह 8:30 बजे से सोमवार सुबह 8:30 बजे तक—

  • 75 में से 58 जिलों में बारिश दर्ज नहीं हुई।
  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 32 जिले पूरी तरह सूखे रहे।
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में भी बारिश नहीं हुई।
  • पूरे राज्य में औसतन 2.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
  • पूर्वी यूपी में औसत 4.9 मिमी और पश्चिमी यूपी में केवल 0.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

इन जिलों में सबसे अधिक हुई बारिश

पिछले 48 घंटों के दौरान बारिश मुख्य रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों तक सीमित रही।

सबसे अधिक वर्षा वाले क्षेत्र—

  • निचलौल (महराजगंज) – 130 मिमी
  • फरेंदा – 95 मिमी
  • बर्डघाट (गोरखपुर) – 92 मिमी
  • त्रिमोहानी घाट (महराजगंज) – 89.4 मिमी
  • गोरखपुर – 85.3 मिमी
  • नौतनवा – 65 मिमी

क्यों कमजोर पड़ा था मानसून?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हाल के दिनों में सक्रिय मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने के कारण उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी हो गई थी। अब नए निम्न दबाव क्षेत्र के बनने से बारिश की गतिविधियों में फिर तेजी आने की संभावना है।


Key Highlights:

  • उत्तर प्रदेश में सप्ताहांत से मानसून की वापसी के संकेत।
  • नया निम्न दबाव क्षेत्र बनेगा बारिश की वजह।
  • शुक्रवार से पूर्वी यूपी में शुरू होगी वर्षा।
  • रविवार से पश्चिमी यूपी तक पहुंचेगा मानसून।
  • पिछले दो दिनों में 58 जिलों में नहीं हुई बारिश।
  • राज्य में औसतन 2.9 मिमी वर्षा दर्ज।
  • महराजगंज के निचलौल में सबसे अधिक 130 मिमी बारिश।

FAQ Section

Q1. उत्तर प्रदेश में मानसून कब फिर सक्रिय होगा?

मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार से मानसून दोबारा सक्रिय होने की संभावना है।

Q2. सबसे पहले किन क्षेत्रों में बारिश होगी?

पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश की शुरुआत होगी।

Q3. क्या पूरे राज्य में बारिश होगी?

रविवार से धीरे-धीरे बारिश का दायरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक फैलने की संभावना है।

Q4. इस बार बारिश कितनी तेज रहने की संभावना है?

बारिश होगी, लेकिन इसकी तीव्रता पिछले सप्ताह की तुलना में कम रहने का अनुमान है।

Q5. पिछले दो दिनों में सबसे अधिक बारिश कहां हुई?

महराजगंज के निचलौल क्षेत्र में 130 मिमी वर्षा दर्ज की गई।


Conclusion:

उत्तर प्रदेश में मानसून की वापसी से किसानों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि मौसम विभाग ने बारिश की तीव्रता पिछले सप्ताह से कम रहने का अनुमान जताया है, फिर भी पूर्वी और पश्चिमी दोनों क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।Screenshot_37

Edited By: Karan Singh

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