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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, BKU (चरूनी) ने फूंका अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का पुतला
कुरुक्षेत्र में किसान नेताओं की बैठक के बाद जोरदार विरोध प्रदर्शन, 4 जून को पूरे हरियाणा में आंदोलन का ऐलान
भारतीय किसान यूनियन (चरूनी) ने कुरुक्षेत्र में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि यह समझौता भारतीय कृषि और किसानों के हितों के खिलाफ है। संगठन ने 4 जून को राज्यभर में जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ किसानों का विरोध
भारतीय किसान यूनियन (चरूनी) ने सोमवार को कुरुक्षेत्र में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। किसान नेताओं का कहना है कि प्रस्तावित समझौते का सबसे अधिक नुकसान देश के कृषि क्षेत्र और किसानों को होगा।
प्रदर्शन से पहले संगठन की राज्य स्तरीय बैठक जाट धर्मशाला में आयोजित की गई, जिसमें किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद निकाला विरोध मार्च
बैठक समाप्त होने के बाद किसानों ने BKU (चरूनी) के प्रमुख Gurnam Singh Charuni के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया।इस दौरान किसानों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारेबाजी की और भारत दौरे पर आने वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का पुतला फूंका।
किसानों ने जताई नाराजगी
प्रदर्शन में शामिल किसानों का कहना था कि यह समझौता भारतीय कृषि क्षेत्र को कमजोर कर सकता है और इसका लाभ मुख्य रूप से अमेरिका को मिलेगा।
किसानों ने स्पष्ट किया कि वे इस समझौते को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे।
4 जून को हरियाणा भर में होगा विरोध प्रदर्शन
गुरनाम सिंह चरूनी ने बताया कि राज्य स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि 1 जून से चार दिवसीय भारत दौरे पर आने वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का पूरे राज्य में विरोध किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 4 जून को हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
पुतला दहन कर दर्ज कराएंगे विरोध
चरूनी ने कहा कि किसान संगठन जिला स्तर पर पुतला दहन करेंगे और व्यापार समझौते के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
उन्होंने कहा कि किसान समुदाय इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह एकजुट है और इसे लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता
BKU (चरूनी) का मानना है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के किसानों को आर्थिक नुकसान हो सकता है।
किसान नेताओं का कहना है कि कृषि उत्पादों के आयात-निर्यात से जुड़े प्रावधानों का सीधा असर भारतीय किसानों की आय और बाजार पर पड़ेगा।
किसानों ने सरकार से पुनर्विचार की मांग की
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से इस समझौते पर पुनर्विचार करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते में किसानों और कृषि क्षेत्र के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
आगे की रणनीति पर भी हुआ विचार
बैठक में किसानों के विभिन्न मुद्दों और आगामी आंदोलनों की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
संगठन ने संकेत दिए कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
Key Highlights:
- BKU (चरूनी) ने कुरुक्षेत्र में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का पुतला फूंककर विरोध जताया गया।
- किसानों ने समझौते को कृषि क्षेत्र के लिए नुकसानदायक बताया।
- 4 जून को हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का ऐलान।
- किसान नेताओं ने सरकार से समझौते पर पुनर्विचार की मांग की।
- राज्य स्तरीय बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।
FAQ Section
Q1. प्रदर्शन किस संगठन द्वारा किया गया?
यह प्रदर्शन भारतीय किसान यूनियन (चरूनी) द्वारा आयोजित किया गया।
Q2. प्रदर्शन कहां हुआ?
प्रदर्शन हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आयोजित किया गया।
Q3. किसान किस बात का विरोध कर रहे हैं?
किसान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध कर रहे हैं।
Q4. किसानों ने आगे क्या कार्यक्रम घोषित किया है?
4 जून को हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन का कार्यक्रम घोषित किया गया है।
Q5. BKU (चरूनी) का मुख्य आरोप क्या है?
संगठन का कहना है कि प्रस्तावित व्यापार समझौता भारतीय कृषि क्षेत्र और किसानों के हितों को नुकसान पहुंचा सकता है।
Conclusion
कुरुक्षेत्र में हुआ यह प्रदर्शन दर्शाता है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर किसान संगठनों में चिंता बनी हुई है। BKU (चरूनी) ने समझौते के संभावित प्रभावों पर सवाल उठाते हुए राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर किसानों और सरकार के बीच चर्चा और राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

