भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ सिरसा में किसानों का प्रदर्शन, ट्रंप–मोदी–सैनी के पुतले फूंके

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर धरना; 23–25 फरवरी को कुरुक्षेत्र में बड़े आंदोलन की घोषणा

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किसान संगठनों ने कथित भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में सिरसा में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इसे किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के खिलाफ बताते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर आरोप लगाए।

Samyukt Kisan Morcha (Non-Political) और Kisan Mazdoor Sangharsh Morcha के आह्वान पर मंगलवार को सिरसा में किसान संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उपायुक्त कार्यालय के बाहर हुए इस प्रदर्शन में किसानों ने अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump, प्रधानमंत्री Narendra Modi और हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini के पुतले फूंके।

भारतीय किसान एकता के महासचिव Angrez Singh Kotli ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने व्यापार वार्ताओं में वाशिंगटन के सामने “आत्मसमर्पण” कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारतीय किसानों, दुग्ध उत्पादकों और मछुआरों के हितों के खिलाफ है, क्योंकि इससे अमेरिकी कृषि और औद्योगिक उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोल दिया जाएगा।

किसान नेताओं ने दावा किया कि यह समझौता गोपनीय तरीके से किया गया और इसकी शर्तों को सार्वजनिक नहीं किया गया है। उनका कहना था कि पारदर्शिता की कमी से इसके आर्थिक प्रभाव और राष्ट्रीय हितों को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

अमेरिकी अधिकारियों के बयानों का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अमेरिका भारत के विशाल कृषि बाजार तक अधिक पहुंच चाहता है, जिससे संकेत मिलता है कि भविष्य में कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क कम किए जा सकते हैं। उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal पर भी समझौते के विवरण को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।

किसान नेताओं ने आशंका जताई कि सस्ते आयात से घरेलू उत्पादकों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने घोषणा की कि 23 से 25 फरवरी तक Kurukshetra में तीन दिवसीय आंदोलन किया जाएगा, जिसमें किसान मुख्यमंत्री आवास के बाहर जुटेंगे। आंदोलन के दौरान पूर्ण कृषि ऋण माफी और वृद्धावस्था पेंशन बहाल करने सहित अन्य मांगों को लेकर दबाव बनाया जाएगा।

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Edited By: Karan Singh

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