हिसार में किसानों का 24 घंटे का धरना शुरू, आदमपुर क्षेत्र में हर महीने दो सप्ताह नहरी पानी देने की मांग

'पगड़ी संभाल जट्टा संघर्ष समिति' और 'जल संघर्ष समिति' के बैनर तले प्रदर्शन, सिंचाई और पेयजल संकट का स्थायी समाधान करने की उठी मांग

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हिसार के मिनी सचिवालय में किसानों ने 24 घंटे का धरना शुरू कर नहरों में नियमित पानी छोड़े जाने की मांग उठाई। किसानों का कहना है कि आदमपुर क्षेत्र के कई गांव सिंचाई और पेयजल संकट से जूझ रहे हैं, जबकि नहरों की खराब स्थिति से हर साल नुकसान हो रहा है।

हिसार में किसानों का 24 घंटे का धरना शुरू, आदमपुर क्षेत्र में हर महीने दो सप्ताह नहरी पानी देने की मांग

हरियाणा के हिसार में किसानों ने सिंचाई और पेयजल की समस्या को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। 'पगड़ी संभाल जट्टा संघर्ष समिति' और 'जल संघर्ष समिति' के बैनर तले बड़ी संख्या में किसानों ने सोमवार को मिनी सचिवालय के बाहर 24 घंटे का धरना शुरू किया।

प्रदर्शनकारी किसानों की मुख्य मांग है कि हिसार जिले के आदमपुर क्षेत्र के गांवों में हर महीने दो सप्ताह तक नियमित रूप से नहरी पानी छोड़ा जाए, ताकि सिंचाई और पेयजल संकट से राहत मिल सके।

सिंचाई और पेयजल संकट से जूझ रहे कई इलाके

किसान नेता सतीश बेनीवाल ने कहा कि बलसमंद, सिवानी सहित कई क्षेत्रों में सिंचाई और पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। उनका आरोप है कि नहरों की समय पर सफाई नहीं होने और उनकी खराब स्थिति के कारण पानी छोड़े जाने के बाद कई स्थानों पर कटाव और टूट-फूट की घटनाएं होती हैं।

घग्गर ड्रेन की समस्या का स्थायी समाधान नहीं

सतीश बेनीवाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अब तक घग्गर ड्रेन से हर वर्ष होने वाले नुकसान का स्थायी समाधान नहीं निकाल सकी है। उन्होंने कहा कि इस समस्या से किसानों की फसलें और ग्रामीण क्षेत्रों की व्यवस्था लगातार प्रभावित होती है।

सिंचाई व्यवस्था सुधारने की मांग

धरने में शामिल किसानों ने सरकार से नहरों की मरम्मत, नियमित सफाई और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की। उनका कहना है कि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाना चाहिए।

अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप

किसान नेता ने संबंधित विभागों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी नहरों के अंतिम छोर (टेल-एंड) वाले क्षेत्रों का निरीक्षण करने के बजाय कार्यालयों तक ही सीमित रहते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि कई तटबंध कमजोर हो चुके हैं और बरसात के दौरान अधिक जल प्रवाह होने पर इनके टूटने का खतरा बना रहता है।

नोट: यह मांग और आरोप प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों की ओर से लगाए गए हैं। संबंधित विभाग या राज्य सरकार की विस्तृत प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।


Key Highlights:

  • हिसार के मिनी सचिवालय में किसानों का 24 घंटे का धरना शुरू।
  • आदमपुर क्षेत्र में हर महीने दो सप्ताह नहरी पानी देने की मांग।
  • बलसमंद और सिवानी सहित कई क्षेत्रों में सिंचाई व पेयजल संकट का दावा।
  • नहरों की खराब स्थिति और समय पर सफाई नहीं होने का आरोप।
  • घग्गर ड्रेन से हर साल होने वाले नुकसान का स्थायी समाधान मांगा।
  • अधिकारियों पर नहरों के टेल-एंड क्षेत्रों की अनदेखी करने का आरोप।

FAQ Section:

Q1. किसानों का धरना कहां आयोजित किया गया?

हिसार के मिनी सचिवालय परिसर के बाहर 24 घंटे का धरना शुरू किया गया।

Q2. किसानों की मुख्य मांग क्या है?

आदमपुर क्षेत्र के गांवों में हर महीने दो सप्ताह तक नियमित नहरी पानी छोड़े जाने की मांग की गई है।

Q3. किसानों ने किन समस्याओं का उल्लेख किया?

सिंचाई और पेयजल संकट, नहरों की खराब स्थिति, समय पर सफाई न होना और घग्गर ड्रेन से होने वाले नुकसान का मुद्दा उठाया गया।

Q4. किसानों ने किस पर लापरवाही का आरोप लगाया?

किसानों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों पर नहरों के अंतिम छोर वाले क्षेत्रों का निरीक्षण नहीं करने का आरोप लगाया।


Conclusion:

हिसार में किसानों का यह आंदोलन क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही सिंचाई और पेयजल समस्याओं को लेकर बढ़ती नाराजगी को दर्शाता है। प्रदर्शनकारी नहर व्यवस्था में सुधार और नियमित जल आपूर्ति की मांग कर रहे हैं। अब सभी की नजर सरकार और संबंधित विभागों की आगामी कार्रवाई पर रहेगी।Screenshot_324

Edited By: Atul Sharma

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