जालंधर के दीपेश कक्कड़ ने रचा इतिहास, Qualcomm के Snapdragon Multiverse Hackathon के बने ग्लोबल विजेता

थापर यूनिवर्सिटी के छात्र और उनकी टीम ने जीता प्रतिष्ठित हैकाथॉन, ₹2.5 लाख से अधिक मूल्य का AI PC और Qualcomm इंजीनियरिंग टीम के साथ काम करने का मौका मिला

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जालंधर के दीपेश कक्कड़ और उनकी टीम ने Qualcomm India द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित Snapdragon Multiverse Hackathon में ग्लोबल विजेता बनने का गौरव हासिल किया है। टीम को ₹2.5 लाख से अधिक मूल्य का Snapdragon X2 Elite-powered Copilot+ PC और Qualcomm की इंजीनियरिंग टीम के साथ प्रोजेक्ट विकसित करने का अवसर मिला है।

जालंधर के दीपेश कक्कड़ ने रचा इतिहास, Qualcomm के Snapdragon Multiverse Hackathon के बने ग्लोबल विजेता

पंजाब के जालंधर के युवा दीपेश कक्कड़ ने तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। थापर यूनिवर्सिटी, पटियाला के अंतिम वर्ष के छात्र दीपेश और उनकी टीम ने हाल ही में नोएडा स्थित Qualcomm India Campus में आयोजित प्रतिष्ठित Snapdragon Multiverse Hackathon का खिताब अपने नाम किया।

दीपेश ने अपनी पांच सदस्यीय टीम 'टीम घोस्ट मैप (Team Ghost Map)' का नेतृत्व किया और सभी चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए टीम को प्रतियोगिता का ओवरऑल (ग्लोबल) विजेता बनाया।

विजेता टीम को मिले हाई-एंड AI कंप्यूटर

इस उपलब्धि पर Qualcomm ने टीम के प्रत्येक सदस्य को Snapdragon X2 Elite-powered Copilot+ Personal Computer प्रदान किया, जिसकी कीमत ₹2.5 लाख से अधिक बताई गई है।

इसके अलावा, अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी Qualcomm ने टीम को Developer Relations (DevRel) Support भी प्रदान किया है। इसके तहत टीम अपने प्रोजेक्ट को आगे विकसित करने के लिए सीधे Qualcomm की इंजीनियरिंग टीम के साथ काम करेगी।

Qualcomm के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर मिलेगी पहचान

दीपेश ने बताया कि उनकी टीम को Qualcomm के आधिकारिक ब्लॉग और लाइव-स्ट्रीम कवरेज में भी फीचर होने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके प्रोजेक्ट को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने की संभावना है।

AI और मल्टी-डिवाइस तकनीक पर आधारित थी प्रतियोगिता

दीपेश कक्कड़ के अनुसार, इस हैकाथॉन में डेवलपर्स, छात्र और इनोवेटर्स ने मिलकर Snapdragon आधारित PC, मोबाइल डिवाइस, IoT प्लेटफॉर्म और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मल्टी-डिवाइस AI एप्लिकेशन तैयार किए।

प्रतियोगिता कई चरणों में आयोजित की गई। शुरुआत में टीमों ने अपने प्रोजेक्ट प्रस्ताव जमा किए, जिनका मूल्यांकन तकनीकी दृष्टिकोण, मौलिकता और मल्टी-डिवाइस आर्किटेक्चर के आधार पर किया गया।

60 टीमों से फाइनल तक, फिर बना ग्लोबल चैंपियन

प्रारंभिक मूल्यांकन के बाद शीर्ष 60 टीमों को ऑन-साइट फाइनल के लिए चुना गया। यहां प्रतिभागियों ने Qualcomm के हार्डवेयर इकोसिस्टम का उपयोग करते हुए दो दिनों तक अपने समाधान विकसित किए और निर्णायकों के सामने लाइव डेमो प्रस्तुत किया।

दीपेश ने बताया कि उनकी टीम ने सभी चरण सफलतापूर्वक पार किए, टॉप-8 फाइनलिस्ट में जगह बनाई और अंततः प्रतियोगिता की ओवरऑल ग्लोबल विजेता घोषित हुई।

युवाओं के लिए प्रेरणा बनी उपलब्धि

दीपेश कक्कड़ की यह सफलता पंजाब के युवाओं के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस उपलब्धि ने यह साबित किया है कि भारतीय छात्र वैश्विक तकनीकी मंचों पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं।

नोट: प्रतियोगिता से संबंधित पुरस्कार और उपलब्धियों की जानकारी आयोजकों एवं प्रतिभागी द्वारा साझा किए गए विवरण पर आधारित है।


Key Highlights:

  • जालंधर के दीपेश कक्कड़ की टीम बनी Snapdragon Multiverse Hackathon की ग्लोबल विजेता।
  • Qualcomm India ने नोएडा कैंपस में आयोजित किया था आयोजन।
  • टीम के प्रत्येक सदस्य को ₹2.5 लाख से अधिक मूल्य का AI PC मिला।
  • Qualcomm Engineering Team के साथ प्रोजेक्ट विकसित करने का अवसर।
  • आधिकारिक Qualcomm ब्लॉग और लाइव-स्ट्रीम में भी मिलेगी जगह।
  • टीम ने टॉप-60 से टॉप-8 और फिर ओवरऑल विजेता बनने तक का सफर तय किया।

FAQ Section:

Q1. दीपेश कक्कड़ कौन हैं?

दीपेश कक्कड़ जालंधर के निवासी और थापर यूनिवर्सिटी, पटियाला के अंतिम वर्ष के छात्र हैं।

Q2. उन्होंने कौन-सी प्रतियोगिता जीती है?

उन्होंने Qualcomm India द्वारा आयोजित Snapdragon Multiverse Hackathon में अपनी टीम के साथ ओवरऑल (ग्लोबल) जीत हासिल की।

Q3. विजेता टीम को क्या पुरस्कार मिला?

प्रत्येक सदस्य को ₹2.5 लाख से अधिक मूल्य का Snapdragon X2 Elite-powered Copilot+ PC और Qualcomm की इंजीनियरिंग टीम के साथ काम करने का अवसर मिला।

Q4. प्रतियोगिता का मुख्य विषय क्या था?

प्रतियोगिता का उद्देश्य Snapdragon आधारित डिवाइसों और क्लाउड प्लेटफॉर्म के लिए मल्टी-डिवाइस AI एप्लिकेशन विकसित करना था।


Conclusion:

जालंधर के दीपेश कक्कड़ और उनकी टीम की यह उपलब्धि भारतीय युवाओं की तकनीकी क्षमता और नवाचार की उत्कृष्ट मिसाल है। वैश्विक स्तर पर Qualcomm जैसी अग्रणी कंपनी की प्रतियोगिता जीतना न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पंजाब और देश के छात्रों के लिए भी गर्व का विषय है।Screenshot_332

Edited By: Atul Sharma

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