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मतदाता सूची पुनरीक्षण में गुरुग्राम सबसे पीछे, बादशाहपुर विधानसभा में 90 हजार से अधिक मतदाताओं का सत्यापन लंबित
हरियाणा के 22 जिलों में सबसे कम प्रगति, गेटेड सोसाइटियों में मतदाताओं की अनुपलब्धता बनी बड़ी चुनौती
हरियाणा में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान गुरुग्राम जिला सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला जिला बनकर सामने आया है। विशेष रूप से बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में मतदाताओं के सत्यापन और फॉर्म डिजिटाइजेशन का कार्य अभी भी लंबित है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण में गुरुग्राम सबसे पीछे, बादशाहपुर बना सबसे बड़ी चुनौती
हरियाणा में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान के दौरान गुरुग्राम जिला सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला जिला बन गया है। जिला स्तर के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार तक गुरुग्राम में केवल 92.44 प्रतिशत कार्य पूरा हो सका है, जो राज्य के सभी 22 जिलों में सबसे कम है।
आंकड़ों के मुताबिक जिले में अभी भी करीब 1.17 लाख मतदाताओं से संबंधित कार्य लंबित है, जो पूरे हरियाणा के कुल लंबित मामलों का लगभग आधा हिस्सा है।
बादशाहपुर विधानसभा में सबसे अधिक लंबित कार्य
गुरुग्राम की बादशाहपुर विधानसभा सीट, जिसे राज्य के सबसे आधुनिक और हाई-प्रोफाइल क्षेत्रों में गिना जाता है, इस अभियान में सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।यहां लगभग 5.41 लाख मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से केवल 96.35 प्रतिशत मतदाताओं तक ही एन्यूमरेशन फॉर्म (Enumeration Forms) पहुंच पाए हैं। यह हरियाणा का एकमात्र विधानसभा क्षेत्र है, जहां अभी तक फॉर्म वितरण 100 प्रतिशत पूरा नहीं हो सका है।
इसके अलावा, केवल 61.02 प्रतिशत फॉर्म ही डिजिटाइज किए गए हैं, जबकि 90,229 मतदाताओं का कार्य अब भी लंबित है, जो राज्य के किसी भी विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक है।
गेटेड सोसाइटियों में मतदाताओं तक पहुंचना बना चुनौती
अधिकारियों के अनुसार, बादशाहपुर में सबसे बड़ी समस्या शहरी क्षेत्रों की जीवनशैली और मतदाताओं की अनुपलब्धता है।
बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने बताया कि कई गेटेड सोसाइटियों में रहने वाले लोग अक्सर विदेश में होते हैं या बार-बार संपर्क करने के बावजूद उपलब्ध नहीं हो पाते। कई मामलों में मतदाताओं को फॉर्म तो वितरित कर दिए गए, लेकिन वे अब तक वापस नहीं मिले हैं।
प्रशासन और निर्वाचन आयोग ने तेज किया जागरूकता अभियान
स्थिति को देखते हुए स्थानीय उपमंडल अधिकारी (SDM) स्वयं विभिन्न आवासीय कॉलोनियों का दौरा कर लोगों से मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील कर रहे हैं।
इसके अलावा निर्वाचन आयोग (ECI) की वरिष्ठ टीमें भी कई प्रमुख आवासीय क्षेत्रों में पहुंचकर मतदाताओं को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के महत्व के बारे में जागरूक कर रही हैं।
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जागरूकता अभियान के बावजूद अपेक्षित स्तर पर लोगों की भागीदारी अभी तक नहीं मिल पाई है।
Key Highlights:
- हरियाणा के SIR अभियान में गुरुग्राम सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला जिला।
- जिले में अब तक केवल 92.44% कार्य पूरा हुआ।
- लगभग 1.17 लाख मतदाताओं का सत्यापन कार्य अभी भी लंबित।
- बादशाहपुर विधानसभा में 90,229 मतदाताओं का कार्य बाकी।
- फॉर्म वितरण केवल 96.35% तक ही पहुंच सका।
- सिर्फ 61.02% फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हुआ।
- गेटेड सोसाइटियों में मतदाताओं की अनुपलब्धता बनी प्रमुख चुनौती।
- प्रशासन और निर्वाचन आयोग जागरूकता अभियान चला रहे हैं।
FAQ Section
Q1. हरियाणा में SIR अभियान क्या है?
SIR (Special Intensive Revision) मतदाता सूची को अद्यतन और सत्यापित करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा चलाया जाने वाला विशेष अभियान है।
Q2. गुरुग्राम का प्रदर्शन कैसा रहा है?
गुरुग्राम 22 जिलों में सबसे कम प्रदर्शन करने वाला जिला रहा है, जहां 92.44% कार्य पूरा हुआ है।
Q3. सबसे अधिक लंबित कार्य किस विधानसभा क्षेत्र में है?
बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में 90,229 मतदाताओं का कार्य अभी भी लंबित है।
Q4. अधिकारियों के अनुसार देरी की मुख्य वजह क्या है?
गेटेड सोसाइटियों में रहने वाले कई मतदाताओं का उपलब्ध न होना, विदेश में होना या फॉर्म वापस न करना प्रमुख कारण बताए गए हैं।
Q5. प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
स्थानीय एसडीएम और निर्वाचन आयोग की टीमें लोगों को जागरूक करने के लिए कॉलोनियों का दौरा कर रही हैं।
Conclusion:
हरियाणा के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में गुरुग्राम की धीमी प्रगति प्रशासन और निर्वाचन आयोग के लिए चिंता का विषय बन गई है। खासकर बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में लंबित मामलों को समय पर पूरा करना चुनौती बना हुआ है। अब प्रशासन जागरूकता अभियान और क्षेत्रीय दौरे के माध्यम से मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।

