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हराभरा सिरसा 2.0 अभियान का शुभारंभ, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया पौधारोपण; सिरसा किन्नू के GI टैग पर किसानों को दी बधाई
CDLU परिसर में पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, सिरसा किन्नू की गुणवत्ता बनाए रखने की अपील; GI टैग दिलाने में योगदान देने वाले किसानों को किया सम्मानित
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिरसा में हराभरा सिरसा 2.0 अभियान के तहत बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी का आह्वान किया और सिरसा किन्नू को मिले GI टैग को किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए इसकी गुणवत्ता बनाए रखने की अपील की।
सिरसा में 'हराभरा सिरसा 2.0' अभियान की शुरुआत
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (CDLU), सिरसा में 'हराभरा सिरसा 2.0' अभियान के तहत व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी पर जोर

संतोष बगोतिया ने बताया कि हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करना भी है।
उन्होंने कहा कि पेड़ ऑक्सीजन उपलब्ध कराने, प्रदूषण कम करने, भूजल संरक्षण, मिट्टी के कटाव को रोकने और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सिरसा किन्नू को मिला GI टैग, किसानों से गुणवत्ता बनाए रखने की अपील
पौधारोपण कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने जिला जनसंपर्क एवं शिकायत निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सिरसा किन्नू हरियाणा का पहला स्वतंत्र रूप से भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication - GI) टैग प्राप्त करने वाला कृषि उत्पाद बन गया है।
उन्होंने कहा कि GI टैग मिलने से सिरसा किन्नू को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने किसानों से उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि इससे ब्रांड वैल्यू मजबूत होगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
प्रगतिशील किसानों और अधिकारी को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री ने सिरसा किन्नू को GI टैग दिलाने में योगदान देने वाले प्रगतिशील किसानों और एक अधिकारी को सम्मानित किया।
सम्मानित होने वालों में बरागुढ़ा के निखिल मेहता, ऐलनाबाद के मनोज कुमार, डबवाली के कृष्ण कुमार तथा बागवानी विकास अधिकारी सीमा कंबोज शामिल रहे।
मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे किसानों और अधिकारियों का योगदान प्रदेश की कृषि को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण है।
Key Highlights
- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने CDLU में 'हराभरा सिरसा 2.0' अभियान की शुरुआत की।
- पर्यावरण संरक्षण और पौधों की देखभाल पर विशेष जोर दिया।
- हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है अभियान।
- सिरसा किन्नू हरियाणा का पहला स्वतंत्र GI टैग प्राप्त कृषि उत्पाद बना।
- किसानों से गुणवत्ता बनाए रखने और ब्रांड वैल्यू मजबूत करने की अपील।
- GI टैग दिलाने में योगदान देने वाले किसानों और अधिकारी को सम्मानित किया गया।
- पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान।
FAQ Section
Q1. 'हराभरा सिरसा 2.0' अभियान क्या है?
यह पर्यावरण संरक्षण और अधिक पौधारोपण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया अभियान है, जिसमें पौधों के संरक्षण और देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
Q2. अभियान का शुभारंभ किसने किया?
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (CDLU), सिरसा में इसका शुभारंभ किया।
Q3. सिरसा किन्नू को GI टैग मिलने का क्या महत्व है?
GI टैग मिलने से सिरसा किन्नू को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान मिली है, जिससे इसकी ब्रांड वैल्यू और किसानों की आय बढ़ने की संभावना है।
Q4. किन लोगों को सम्मानित किया गया?
बरागुढ़ा के निखिल मेहता, ऐलनाबाद के मनोज कुमार, डबवाली के कृष्ण कुमार और बागवानी विकास अधिकारी सीमा कंबोज को सम्मानित किया गया।
Conclusion
सिरसा में शुरू हुआ 'हराभरा सिरसा 2.0' अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। वहीं, सिरसा किन्नू को मिला GI टैग प्रदेश के कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादन—दोनों को प्रदेश के सतत विकास के लिए आवश्यक बताया।
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