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DCRUST में VC के खिलाफ शिक्षकों का प्रदर्शन, वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप
DCRUTA ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग; विश्वविद्यालय प्रशासन पर करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप
मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (DCRUST) में शिक्षकों ने कुलपति (VC) के खिलाफ प्रदर्शन किया। शिक्षकों के संगठन DCRUTA ने वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और नियुक्तियों में नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाते हुए राज्यपाल से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
DCRUST परिसर में शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन
हरियाणा के दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (DCRUST), मुरथल में बुधवार को शिक्षकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (DCRUTA) ने कुलपति (VC) पर वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी धन के कथित दुरुपयोग, DCRUST अधिनियम, 2006 के उल्लंघन और डीन की नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए।

करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के आरोप
DCRUTA के अध्यक्ष डॉ. अजय डबास और पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र दहिया ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए दावा किया कि लगभग 228 करोड़ रुपये से जुड़े कथित वित्तीय मामलों के कारण राज्य के खजाने को करीब 4.25 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
शिक्षक संगठन का आरोप है कि संबंधित राशि को समय पर निवेश करने के बजाय बचत खाते (Savings Account) में रखा गया, जिससे वित्तीय नुकसान हुआ।
इसके अलावा संगठन ने आरोप लगाया कि 50 करोड़ रुपये एक राष्ट्रीयकृत बैंक से निजी बैंक में स्थानांतरित किए गए तथा दोबारा निवेश में देरी के कारण बचा जा सकने वाला वित्तीय नुकसान हुआ।
निवेश समिति की सिफारिशों की अनदेखी का आरोप
DCRUTA का आरोप है कि निवेश समिति (Investment Committee) की सिफारिशों को बार-बार नजरअंदाज किया गया, जिससे निजी बैंकों को कथित लाभ पहुंचा।
संगठन का यह भी दावा है कि इस पूरे मामले की जांच भारतीय वन सेवा (IFS) और भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति ने की थी और अपनी रिपोर्ट में कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया था।
कानूनी नियुक्तियों और भुगतान पर भी उठाए सवाल
शिक्षक संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार की मंजूरी के बिना कानूनी सलाहकारों (Legal Advisers) और स्टैंडिंग काउंसिल की नियुक्तियां की गईं।
इसके साथ ही निर्धारित मानकों से अधिक भुगतान किए जाने और ऐसे अधिवक्ताओं को उच्च शुल्क पर नियुक्त करने का भी आरोप लगाया गया, जिन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता (Senior Advocate) के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं थी।
संगठन का कहना है कि बड़ी संख्या में न्यायालयी मामलों को एक ही अधिवक्ता को सौंपा गया, जिससे वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
नोट: ये सभी आरोप DCRUTA द्वारा लगाए गए हैं। समाचार में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Key Highlights
- DCRUST में शिक्षकों ने कुलपति के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- DCRUTA ने वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाए।
- राज्यपाल एवं कुलाधिपति को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
- लगभग 228 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रबंधन में अनियमितताओं का आरोप।
- 50 करोड़ रुपये निजी बैंक में स्थानांतरित करने का भी दावा।
- कानूनी नियुक्तियों और भुगतान प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए।
- विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
FAQ Section
Q1. DCRUST में प्रदर्शन क्यों किया गया?
शिक्षकों के संगठन DCRUTA ने कुलपति पर वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और नियुक्तियों में नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
Q2. DCRUTA ने किससे जांच की मांग की है?
संगठन ने हरियाणा के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
Q3. शिक्षकों ने किन वित्तीय मामलों पर सवाल उठाए हैं?
संगठन ने निवेश में कथित देरी, बैंक खातों में धन हस्तांतरण, निवेश समिति की सिफारिशों की अनदेखी और कानूनी भुगतान से जुड़े मामलों पर आरोप लगाए हैं।
Q4. क्या विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया आई है?
समाचार में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Conclusion
DCRUST में शिक्षकों के प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पर लगाए गए आरोपों को लेकर मामला चर्चा में है। शिक्षकों के संगठन ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि आरोपों पर प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है। मामले की आधिकारिक जांच और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही पूरे विवाद की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
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