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यमुनानगर में 73 हजार से ज्यादा बच्चों की स्वास्थ्य जांच, हजारों में मिले रोग और विकास संबंधी समस्याएं
RBSK के तहत 1,281 आंगनवाड़ी केंद्रों में हुई स्क्रीनिंग, सरकारी स्कूलों के 27,228 बच्चों की भी जांच
यमुनानगर जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत बच्चों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग तेज कर दी गई है। अगस्त 2026 तक 73,184 बच्चों की जांच में बीमारी, जन्मजात दोष, पोषण संबंधी कमियां और विकासात्मक समस्याएं सामने आईं।
यमुनानगर जिले में बच्चों के स्वास्थ्य की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत स्क्रीनिंग अभियान तेज कर दिया है। अगस्त 2026 तक जिले में 73,184 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जांच के दौरान बच्चों में जन्मजात दोष, पोषण संबंधी कमियां, विभिन्न बीमारियां और विकासात्मक देरी या दिव्यांगता से जुड़ी समस्याओं की पहचान की गई है। इन मामलों में बच्चों को आगे की जांच और उपचार के लिए उपयुक्त स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजा जा रहा है।
1,281 आंगनवाड़ी केंद्रों में हुई बच्चों की जांच
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 तक जिले के 1,281 आंगनवाड़ी केंद्रों में 73,184 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।स्क्रीनिंग के दौरान सामने आए मामलों को अलग-अलग श्रेणियों में दर्ज किया गया। विभाग के अनुसार:
- 34,592 बच्चे बीमारी की श्रेणी में पाए गए।
- 263 बच्चों में जन्मजात दोष मिले।
- 7,140 बच्चों में पोषण या अन्य स्वास्थ्य संबंधी कमियां पाई गईं।
- 2,511 बच्चों में विकासात्मक देरी या दिव्यांगता से संबंधित समस्याएं सामने आईं।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि बच्चों में स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआती पहचान के लिए नियमित स्क्रीनिंग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
समय पर इलाज के लिए बच्चों को किया जा रहा रेफर
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक स्क्रीनिंग के दौरान जिन बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी समस्या पाई जा रही है, उनका फॉलोअप किया जा रहा है। जरूरत के अनुसार उन्हें आगे की जांच और उपचार के लिए संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जा रहा है।
यमुनानगर की कार्यवाहक सिविल सर्जन डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि स्क्रीनिंग के दौरान सामने आने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के अनुसार बच्चों को दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य बच्चों में किसी भी स्वास्थ्य समस्या की समय रहते पहचान करना और बिना अनावश्यक देरी के उचित उपचार उपलब्ध कराना है।
जन्मजात दोष और विकास संबंधी समस्याओं पर विशेष ध्यान
डॉ. दिव्या मंगला के अनुसार RBSK का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआती अवस्था में पहचान करना है, ताकि समय रहते उपचार और आवश्यक सुधारात्मक कदम शुरू किए जा सकें।
उन्होंने बताया कि जन्मजात दोष, पोषण संबंधी कमियां, बीमारियां और विकासात्मक देरी या दिव्यांगता जैसे मामलों में Early Identification और Timely Intervention बेहद महत्वपूर्ण है। समय पर उपचार से आगे होने वाली जटिलताओं को कम करने और बच्चे के विकास को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
सरकारी स्कूलों में भी बढ़ाई गई स्क्रीनिंग
स्वास्थ्य विभाग ने अब स्क्रीनिंग अभियान का दायरा सरकारी स्कूलों तक भी बढ़ा दिया है। अगस्त 2026 तक जिले के 266 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 27,228 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी थी।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूलों में जाकर बच्चों की स्वास्थ्य और विकास संबंधी विभिन्न समस्याओं की जांच कर रही हैं। स्क्रीनिंग के दौरान जिन बच्चों को अतिरिक्त चिकित्सा सहायता की जरूरत होती है, उनकी पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाती है।
अधिकारियों के अनुसार, बड़ी संख्या में बच्चों में विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं सामने आने के कारण यह स्क्रीनिंग अभियान और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
Key Highlights:
- यमुनानगर में अगस्त 2026 तक 73,184 बच्चों की स्क्रीनिंग।
- 1,281 आंगनवाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य जांच की गई।
- 34,592 बच्चे बीमारी की श्रेणी में पाए गए।
- 263 बच्चों में जन्मजात दोष की पहचान हुई।
- 7,140 बच्चों में स्वास्थ्य/पोषण संबंधी कमियां मिलीं।
- 2,511 बच्चों में विकासात्मक देरी या दिव्यांगता से जुड़ी समस्याएं सामने आईं।
- 266 सरकारी स्कूलों में 27,228 बच्चों की भी जांच हुई।
- जरूरतमंद बच्चों को आगे की जांच और उपचार के लिए रेफर किया जा रहा है।
- स्वास्थ्य समस्याओं के अनुसार बच्चों को दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- RBSK का उद्देश्य बच्चों में बीमारियों की जल्द पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करना है।
FAQ Section
1. RBSK क्या है?
RBSK यानी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम बच्चों में स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआती पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जाने वाला स्वास्थ्य कार्यक्रम है।
2. Yamunanagar में कितने बच्चों की स्क्रीनिंग हुई?
अगस्त 2026 तक जिले के 1,281 आंगनवाड़ी केंद्रों में 73,184 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई।
3. स्क्रीनिंग में किन समस्याओं की पहचान की गई?
जांच के दौरान बीमारियों, जन्मजात दोषों, स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी कमियों तथा विकासात्मक देरी और दिव्यांगता से जुड़ी समस्याओं की पहचान की गई।
4. क्या सरकारी स्कूलों में भी बच्चों की जांच की जा रही है?
हां। अगस्त 2026 तक 266 सरकारी स्कूलों के 27,228 बच्चों की स्क्रीनिंग की जा चुकी थी।
5. स्वास्थ्य समस्या मिलने पर बच्चों के लिए क्या किया जाता है?
बच्चों की समस्या के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें आगे की जांच एवं उपचार के लिए उपयुक्त स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर किया जाता है।
Conclusion:
यमुनानगर में RBSK के तहत बच्चों की बड़े स्तर पर की जा रही स्वास्थ्य स्क्रीनिंग से कई स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआती अवस्था में पहचान हो रही है। आंगनवाड़ी केंद्रों के साथ सरकारी स्कूलों को भी अभियान में शामिल किए जाने से इसका दायरा बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग का जोर समय पर जांच, फॉलोअप और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने पर है, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य और विकास से जुड़ी समस्याओं पर जल्द कार्रवाई की जा सके।

